कार्यक्रम में विशेष क्विज का आयोजन किया गया। इसमें महिलाओं ने वित्तीय समझ को लेकर सवालों के जवाब दिए।
केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल ने कहा कि नारी आर्थिक साक्षरता अभियान की विशेष पहल की गई है। महिलाओं का आर्थिक सशक्तीकरण अहम है। इसका प्रभाव देश की प्रगति पर पड़ता है। देश में आज आधी संख्या महिलाओं की है। केंद्र सरकार महिलाओं को संपत्ति मानती है। हम महिला नेतृत्वकारी सोच से काम कर रहे हैं। महिलाएं देश के विकास का नेतृत्व कर सकती हैं। महिलाओं को आर्थिक रूप से स्वालंबन को प्रबल करने के लिए सरकार ने कई काम किए हैं। केंद्र सरकार ने देश की आधी आबादी को महिला आरक्षण विधेयक के जरिये भागीदारी दी। हमने उन महिलाओं की चिंता भी की, जो बुनियादी सुविधा से जूझ रही हैं। हम उनको सारी सुविधाएं दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि स्टार्टअप योजना में 10 फीसदी धनराशि महिलाओं के लिए आरक्षित है। देश में 10 करोड़ महिलाएं स्वयं सहायता समूह से जुड़ी हैं। ड्रोन दीदी के जरिये हम महिलाओं को तकनीक से जोड़ रहे हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार कामकाजी महिलाओं के लिए वर्किंग वीमेन हॉस्टल बना रही है। फरवरी में बजट से पहले हुए आर्थिक सर्वेक्षण में कहा गया कि पिछले सात साल में महिला श्रम भागीदारी दर में इजाफा हुआ है। यह पहले 23 फीसदी था, अब यह 41 फीसदी हो गया है। सरकार के प्रयासों से ही यह संभव हुआ है। आज महिला नेतृत्व वाले उद्यम फल-फूल रहे हैं। महिलाओं की उद्यमशीलता बढ़ रही है। जब महिलाएं आर्थिक रूप से सशक्त होती हैं तो उनके मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर इसका प्रभाव पड़ता है। उनका आत्मविश्वास बढ़ता है। जब वित्तीय स्वतंत्रता की बात होती है तो वित्तीय साक्षरता भी जरूरी होती है।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि हमने देश की बड़ी आबादी को स्वास्थ्य बीमा का कवर दिया। बजट में हमने गिग वर्कर्स को स्वास्थ्य बीमा दिया। आयुष्मान भारत योजना के तहत 50 फीसदी गोल्डन कार्ड महिलाओं के बने थे। सरकार महिलाओं के स्वास्थ्य, पोषण, आर्थिक आत्मनिर्भरता के लिए काम कर रही है। जब महिलाएं वित्तीय साक्षर होती हैं तो उनमें वित्त प्रबंधन और कौशल आता है। इसे बढ़ाने की जरूरत है। सब मिलकर काम करेंगे तो महिलाओं की वित्तीय स्वतंत्रता और साक्षरता को मजबूती मिलेगी। उन्होंने कहा कि वित्तीय साक्षरता एक दिन में विकसित नहीं हो सकती है। यह लगातार जारी रहनी चाहिए। यह पहल चलती रहे। महिलाओं को सम्मानित करने मौका मिला, बेहद अच्छा लगा।
वरिष्ठ अर्थशास्त्री रितु सिंह को केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल ने इकोनोमिक लीडरशिप अवार्ड प्रदान दिया। इसके अलावा सारा फातिमा को फैशन और कल्चर रिवाइवल अवार्ड दिया गया। वहीं विद्युत सखी राजश्री को प्रोफेशनल एक्सीलेंस अवार्ड प्रदान किया गया। वीमेन फाइनेंस एक्सीलेंस अवार्ड अनामिका माटे को प्रदान किया गया।
उद्योग क्षेत्र में नारी नेतृत्व के लिए अधीजा श्रीवास्तव को सम्मानित किया गया।
केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल ने महिला सशक्तीकरण अवार्ड महाराष्ट्र के मान देसी बैंक को दिया।
केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल ने अमर उजाला के नारी आर्थिक शिक्षा अभियान का शुभारंभ किया।
अमर उजाला के शक्ति की समृद्धि कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल पहुंच गई हैं। वे यहां महिलाओं को सम्मानित करेंगीं। साथ ही अमर उजाला के नारी आर्थिक शिक्षा अभियान का शुभारंभ करेंगीं।
मेरा पैसा मेरी दुनिया सत्र में निशा सांघवी ने कहा कि पैसा निवेश करना जरूरी है। लेकिन वित्तीय रूप से भी फिट रहना जरूरी है। पैसे केवल बैंक और तिजोरी में रखना ही काफी नहीं है। वित्तीय फिट रहने के लिए जरूरी है कि हम निवेश करें।
मेरी बचत मेरी जरूरत सत्र में शिल्पी चंदेल ने कहा कि जहां नारी की पूजा होती है, वहां देवता विराजमान होते हैं। हर महिला सुपर वीमेन होती है। हर महिला में आदि शक्ति होती है। हम कई जिम्मेदारियां उठाते हैं, लेकिन खुद को ही प्राथमिकता नहीं देते। महिलाएं हर क्षेत्र में आगे हैं। महिलाएं अच्छी बचतकर्ता होती हैं। आज भी देश में महिला साक्षरता दर कम है। कामकाजी महिलाओं की संख्या भी महज 37 फीसदी है। इसलिए महिलाओं को जागरूक होने की जरूरत है। हमें भी वित्तीय सहभागिता करनी चाहिए। महिलाएं बचत तो करती हैं, लेकिन निवेश नहीं करती। निवेश करने के कई विकल्प हैं।
आने वाला कल विषय पर बोलते हुए सुनंदा वेकंटरमन ने कहा कि जीवन में सब कुछ हमारे नियंत्रण में नहीं होता है। निवेश में दो चीजें हमारे नियंत्रण में होती हैं। पहली कि हम कितना निवेश करते हैं और दूसरा हम कितना समय निवेश के लिए देते हैं। हम खर्चे के बाद निवेश करते हैं। खर्च को निवेश के हिसाब से प्रबंधित करें। निवेश करिए ज्यादा सोचें नहीं। समस्याओं के समय में भी निवेश करना न छोड़ें।
महिलाओं के लिए इंश्योरेंस सत्र में प्रबलीन बाजपेई ने कहा कि महिलाओं के पास इंश्योरेंस कवर होना चाहिए। महिलाओं के पास स्वास्थ्य बीमा होना बेहद जरूरी है। इंश्योरेंस पॉलिसी को जीवन की सुरक्षा की तरह देखना चाहिए। अगर आप साल में डेढ़ लाख का प्रीमियम दे रहे हैं, तो आपको 15 लाख तक का रिटर्न मिलेगा। वित्तीय योजना और जोखिम योजना को आपस में जोड़ना नहीं है। हमें इनको अलग-अलग देख्नना चाहिए।
आईएएस नेहा जैन ने कहा कि मुझे कभी आईएएस नहीं बनना था। मैं देखती हूं कि आज सरकारी नौकरी की तैयारी करना बड़ा अचीवमेंट माना जाता है। लेकिन मेरा मानना है कि पहले हम एक क्षेत्र में बेहतर करुं। सभी लोग प्रशासन में नहीं आ पाते हैं। हर महिला को अपने लिए एक करियर क्षेत्र चुनना चाहिए और उसमें बेहतर करना चाहिए। उन्होंने कहा कि महिलाएं एक-दूसरे से प्रतिस्पर्धा बहुत करती हैं। लेकिन हमें एक-दूसरे को बढ़ाना चाहिए।
पैनल चर्चा में आईएएस नेहा जैन ने कहा कि विधा कोई चेहरा नहीं देखती। जब मैं प्रशासनिक सेवा में आई और महिलाओं से मिली तो मुझे लगा कि भेदभाव होता है, लेकिन यह लंबे समय तक नहीं होता। हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग की पूर्व सदस्य रचना गुप्ता ने कहा कि लोक सेवा आयोग के 50 साल के इतिहास में मैं दूसरी महिला सदस्य थी। मैंने पत्रकारिता में भी काम किया। जिन संस्थानों में मैंने काम किया वहां महिलाओं का पूरा सम्मान होता था। उद्यमी आनंदी अग्रवाल ने कहा कि निर्माण क्षेत्र पुरुष प्रधान रहा है। यहां महिलाओं की भागीदारी काफी कम है। प्रदेश में 90 लाख एमएसएमई हैं। इसमें केवल 20 फीसदी महिलाएं हैं। हमारी फैक्टरी में आने वाली महिलाएं मजूबरी में आती हैं। वह स्वेच्छा से नहीं आती हैं। उनके काम करने की पीछे कुछ मजबूरी होती है। उद्यमी स्निग्धा अग्रवाल ने कहा कि घर पर होने वाली वित्तीय चर्चाओं में महिलाओं को शामिल किया जाना चाहिए। एमएसएमई को बेहतर बनाने के लिए कई प्रयास किए जाने चाहिए।
साइबर सुरक्षा सत्र में गठरी में लागा चोर विषय पर बोलते हुए कामाक्षी शर्मा ने कहा कि भारत में रोज 180 करोड़ रुपये से ज्यादा की साइबर ठगी होती है। साइबर ठगी में फंसने के बाद सात से 10 हजार लोग रोज आत्महत्या के बारे में सोचते हैं। फोन में एप डाउनलोड करते समय परमीशन पर ध्यान दें। एचडीएफसी की सात से आठ फर्जी एप हैं। ऐसे ही कई अन्य कंपनियों की फर्जी एप हैं। एप डाउनलोड करते समय देखें कि एप के कितने डाउनलोड हैं? एप डाउनलोड करते समय रिव्यू जरूर देखें। उन्होंने साइबर सुरक्षा पर तमाम जानकारियां दीं।
स्टॉक मार्केट में महिलाओं द्वारा निवेश सत्र में समझदारी से कमाई विषय पर बोलते हुए बोनान्जा पोर्टफोलियाे की धारा शाह ने कहा कि महिलाएं बचत तो करती हैं, लेकिन निवेश नहीं करती हैं। घर में निवेश की बात नहीं होती है, बल्कि अन्य बातें होती हैं। निवेश करना बेहद आसान है। इसके लिए करोड़ों रुपये नहीं चाहिए। बस विश्वास चाहिए। स्मार्टली निवेश करने की जरूरत है।
कार्यक्रम के पहले सत्र में बूंद-बूंद सी सिप विषय पर बोलते हुए निप्पॉन लाइफ इंडिया असेट मैनेजमेंट की सेगमेंट हेड अनामिका माटे ने कहा कि महिला जागरूकता तक की बात करना आज के दौर में ठीक नहीं है। आज महिलाएं निवेश को लेकर आगे आ रही हैं। 2047 के विकसित भारत का एक भाग महिलाएं हैं। एक डाटा के मुताबिक आज महिलाओं की श्रम भागीदारी बढ़ी है। यह आज 48 फीसदी है। इसमें असंगठित क्षेत्र में 70 फीसदी महिलाएं हैं। देश में 55 फीसदी जन धन खाते महिलाओं के हैं। बैंक सखी भी काम कर रही हैं। आज म्युचुअल फंड में चार नए निवेशकों में से एक महिला है।
उन्होंने कहा कि समृद्ध बनने के लिए आज आय अलग-अलग ओर से होनी चाहिए। बचत करना जरूरी है। बजट बनाना जरूरी है। बचत कम से कम 20 फीसदी होनी चाहिए। इंश्योरेंस भी किए जाने जरूरत है। आय को सुरक्षित करना भी जरूरी है। एफडी, रियल एस्टेट में निवेश करना जरूरी है।
महिला कल्याण मंत्री बेबी रानी मौर्या ने कहा कि अमर उजाला की द बोनस पत्रिका ज्ञानवर्धक है। मेरे बाबा ने मुझसे कहा था कि मोटा खाओ, मोटा पहनो, वक्त के लिए बचाकर रखो। यह पत्रिका भी कुछ ऐसा ही सिखा रही है। महिलाओं को समृद्ध और सशक्त बनाने की यह अच्छी पहल है। पैसे का निवेश करना आज जरूरी है। घर में बचत को लेकर बात करना जरूरी है। हम छोटी-छोटी बचत से परिवार को समृद्ध बना सकते हैं। महिलाओं में बचत की खास आदत होती है। अगर वो इसके साथ ही निवेश की भी आदत डाल लें तो उन्हें और लाभ होगा। जीवन में कठिन परिस्थितियों के लिए बचत जरूरी है। पीएम मोदी ने बजट में महिला सशक्तीकरण पर फोकस किया है। वह महिलाओं को आगे बढ़ाना चाहते हैं। जब महिलाएं बचत करेंगी तभी वह अपने बच्चों के करियर को सही शेप दे सकती हैं। जब महिला आत्मनिर्भर होती है तो उसमें बहुत विश्वास आता है। जब मेरी पहली बार नौकरी मिली तो मेरे अंदर बहुत विश्वास आया। हमें पहले आत्मनिर्भर होना है। फिर उससे आमदनी होने लगे तो उस पैसों को डबल करने के लिए फाइनेंस की प्लानिंग करें। यह देश सशक्त तभी होगा जब इसकी नारी सशक्त होगी। आज महिला दिवस नहीं पर्व मनाने का दिन है।
उच्च शिक्षा मंत्री रजनी तिवारी ने कहा कि अमर उजाला ने हमेशा की तरह महत्वपूर्ण मुद्दे पर कार्यक्रम आयोजित किया है। गांव तभी मजबूत होंगे, जब महिलाएं सशक्त होंगीं। सरकार महिलाओं के लिए कई योजनाएं चला रही है। इन योजनाओं से महिलाओं में हौसला बढ़ रहा है। बेहतर कानून व्यवस्था से महिलाएं आगे बढ़ रही हैं। देश को आगे बढ़ाने में महिलाओं का बहुत योगदान है। सरकार की योजनाओं के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा कि जब महिलाओं के पास पैसा होगा, तभी वे परिवार और समाज का विकास कर सकती हैं। उनमें आत्मविश्वास आता है। प्रधानमंत्री ने कहा था कि आधी आबादी की सामर्थ्य देश की दशा-दिशा बदल सकती है। आज ऐसा ही हो रहा है। आज स्कूलों में बेटों से ज्यादा बेटियों को मेडल मिलते हैं। समाज में जागरूकता आई है। महिलाओं को वित्तीय सशक्त बनाने का मुद्दा बहुत अच्छा है। महिलाएं जो कुछ भी करना चाहती हैं, उसे अच्छे से करती हैं, बस उनमें इच्छाशक्ति होनी चाहिए। आज देश की वित्तमंत्री भी महिला ही हैं। देश की राष्ट्रपति और राज्यपाल भी महिला हैं। सभी अपना कार्य मजबूती से कर रही हैं। यही सशक्त नारी और बदलता भारत है।
उन्होंने कहा कि हमारे देश में नारी सदैव ताकतवर रही है। हमारा इतिहास वीर नारियों से भरा रहा है। जब नारी बचत और निवेश के बारे में सोच लेगी तो यह काम महिलाएं बहुत आसानी से कर लेंगी। बस एक बार उनको सोचने की देर है। गांव से लेकर शहर तक में महिलाएं मजबूत हो रही हैं। उनके पास अब पैसा आ रहा है जाहिर है कि अब उनको निवेश करने की जरूरत भी है। आज हम सब यही संकप्ल लेंगे कि हमें इसे कैसे निवेश करना है। कैसे पैसे का मैनेजमेंट करना है। मैं उन महिलाओं को धन्यवाद देना चाहूंगी। मैं अमर उजाला को महिला सशक्तीकरण की दिशा में बढ़ाए गए इस सकारात्मक कदम की तारीफ करती हूं। हमारी सरकार पहले टेबलेट और स्मार्ट फोन दे चुकी है। अब हम स्कूटी देने जा रहे हैं। महिलाएं समृद्व और स्वावलंबी हों। हम सब मिलकर इस काम को कर सकते हैं।
महिला कल्याण मंत्री बेबी रानी मौर्या और उच्च शिक्षा मंत्री रजनी तिवारी ने अमर उजाला की द बोनस पत्रिका का विमोचन किया।
शक्ति की समृद्धि कार्यक्रम में प्रदेश की उच्च शिक्षा मंत्री रजनी तिवारी का स्वागत किया गया।
अमर उजाला द बोनस के शक्ति की समृद्धि कार्यक्रम का शुभारंभ हो गया है। महिला कल्याण मंत्री बेबी रानी मौर्या ने दीप प्रज्ज्वलन किया।
अमर उजाला द बोनस के 'शक्ति की समृद्धि' कार्यक्रम में व्यापार और उद्योग जगत की कई हस्तियां शामिल होंगी, जिनमें निप्पॉन लाइफ इंडिया असेट मैनेजमेंट की सेगमेंट हेड अनामिका माटे, बोनांजा पोर्टफोलियो लिमिटेड की प्रोडक्ट हेड सुनंदा वेंकटरमण, मिरे असेट मैनेजमेंट प्राइवेट लिमिटेड की क्लस्टर हेड शिल्पी चंदेल, बटुक की बिजनेस और स्ट्रैटेजी हेड उमा देसाई, फिनिक्स रिसर्च एंड एनालिटिक्स की संस्थापक प्रबलीन वाजपेयी, सर्टिफाइड फाइनेंशियल प्लानर और प्रीमोर फिनटेक की सह-संस्थापक
निशा सांघवी शामिल हैं।
शक्ति की समृद्धि कार्यक्रम में अमर उजाला 'द बोनस' की नई इकाई 'द बोनस' पत्रिका का विमोचन भी किया जाएगा। यह पत्रिका आर्थिक समाचारों के साथ ही उनके विश्लेषण पर आधारित है। पत्रिका के माध्यम से अर्थ क्षेत्र के दिग्गज, पाठकों को वित्तीय सलाह भी देंगे।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्यमंत्री अनुप्रिया पटेल मौजूद रहेंगी। प्रदेश सरकार की महिला कल्याण मंत्री बेबी रानी मौर्या और उच्च शिक्षा राज्य मंत्री रजनी तिवारी कार्यक्रम की विशिष्ट अतिथि होंगी। इनके साथ ही म्युचूअल फंड, बीमा, शेयर बाजार, साइबर सुरक्षा, फाइनेंशियल प्लानिंग और सोने में निवेश जैसे विषयों पर चर्चा के लिए देशभर से दिग्गज महिलाएं जुट रही हैं।