भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच लंबे समय से चल रही बातचीत आखिरकार सफलतापूर्वक पूरी हो गई है। आज दोनों पक्षों के बीच जिस बड़े समझौते की घोषणा हो सकती है, उसे ‘मदर ऑफ ऑल डील्स’ कहा जा रहा है। भारत-ईयू मिलकर वैश्विक व्यापार का लगभग एक-पांचवां हिस्सा प्रतिनिधित्व करते हैं, जबकि दुनिया की करीब 25 प्रतिशत आबादी इन दोनों क्षेत्रों में रहती है। यह आंकड़े दोनों के बीच बढ़ते आर्थिक और रणनीतिक साझेदारी के महत्व को दर्शाते हैं।
यूरोपीय संघ और भारत लंबे समय से आर्थिक समृद्धि, नियम-आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था और सतत विकास को बढ़ावा देने के लिए मिलकर काम कर रहे हैं। इस साझेदारी में व्यापार और निवेश को केंद्रीय स्तंभ माना जाता है। आज होने वाले भारत-ईयू शिखर सम्मेलन में दोनों पक्षों के नेता एक संयुक्त व्यापक रणनीतिक एजेंडा को अपनाने पर सहमति जता सकते हैं। इसके साथ ही मुक्त व्यापार समझौते (FTA) के तहत व्यापार से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा होगी।
भारत और यूरोपीय संघ के बीच मुक्त व्यापार समझौते की बातचीत पहली बार 2007 में शुरू हुई थी, जिसे 2022 में दोबारा शुरू किया गया और सोमवार को इसे अंतिम रूप दे दिया गया।
भारत और यूरोपीय संघ के बीच एफटीए पर पीएम ने क्या कहा?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
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पीएम मोदी ने कहा कि भारत और यूरोपीय संघ के बीच बहुत बड़ा एग्रीमेंट हुआ है। दुनिया में लोग इसकी चर्चा मदर ऑफ ऑल डील के रूप में कर रहे हैं। ये समझौता भारत के 140 करोड़ लोगों और यूरोपीय देशों के करोड़ों लोगों के लिए बहुत बड़े अवसर लेकर आया है। ये दुनिया की दो बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच तालमेल का बड़ा उदाहरण बना है। ये समझौता वैश्विक जीडीपी के करीब 25 फीसदी को और ग्लोबल ट्रेड के एक तिहाई हिस्से का प्रतिनिधित्व करता है।
बैठक की हुई शुरुआत
भारत-ईयू एफटीए
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पीएम मोदी ने यूरोपीय संघ की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन और यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो लुइस सैंटोस दा कोस्टा के साथ मुलाकात की। दोनों पक्षों के बीच हैदराबाद हाउस में बैठक शुरू हो चुकी है।
भारत और यूरोपीय संघ के बीच रक्षा सहयोग मजबूत करने पर चर्चा
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह
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भारत-ईयू ने द्विपक्षीय रणनीतिक संबंधों को मजबूत करने के उद्देश्य से रक्षा क्षेत्र में सप्लाई चेन के एकीकरण के तरीकों पर चर्चा की है। यह मुद्दा रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और यूरोपीय संघ की विदेश व सुरक्षा मामलों की प्रमुख काजा कालास के बीच हुई बैठक में प्रमुखता से उठाया गया। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि बैठक में द्विपक्षीय सुरक्षा और रक्षा से जुड़े कई अहम मुद्दों पर बातचीत हुई। इसमें भरोसेमंद रक्षा इकोसिस्टम के निर्माण और भविष्य के लिए तैयार क्षमताओं के विकास के लिए सप्लाई चेन को जोड़ने के अवसरों पर चर्चा शामिल रही।
उन्होंने कहा कि भारत और यूरोपीय संघ के देशों के बीच सहयोग को और मजबूत करने की उम्मीद है। यह बैठक भारत-ईयू शिखर सम्मेलन से पहले हुई, जिसे दोनों पक्षों के बीच रक्षा और रणनीतिक साझेदारी को नई दिशा देने के रूप में देखा जा रहा है।
दो अरब लोगों के लिए खुले नए अवसर, बोलीं उर्सुला वॉन डेर लेयेन
यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन
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यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने भारत और यूरोपीय संघके बीच हुए मुक्त व्यापार समझौते (FTA) को ऐतिहासिक बताया है। उन्होंने कहा कि इस समझौते के साथ भारत और यूरोप ने इतिहास रच दिया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने कहा कि भारत और यूरोप के बीच मदर ऑफ ऑल डील्स संपन्न हो गई है। उन्होंने कहा कि इस समझौते के जरिए दो अरब लोगों के लिए एक विशाल मुक्त व्यापार क्षेत्र का निर्माण हुआ है, जिससे दोनों पक्षों को लाभ होगा। उन्होंने कहा कि यह केवल शुरुआत है और आने वाले समय में भारत और यूरोपीय संघ अपने रणनीतिक संबंधों को और मजबूत करेंगे।
समझौते पर पीएम मोदी क्या बोले?
भारत-ईयू एफटीए
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करीब दो दशक के लंबे इंतजार और बातचीत के बाद, भारत और यूरोपीय संघ (ईये) ने आखिरकार ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) को अंतिम रूप दे दिया है। इसे व्यापार जगत की सबसे बड़ी संधियों में से एक माना जा रहा है, जो सीधे तौर पर भारतीय ऑटो बाजार और उपभोक्ताओं के लिए बड़ी खुशखबरी लेकर आई है। इस समझौते के तहत यूरोपीय कारों पर लगने वाले भारी-भरकम टैक्स में बड़ी कटौती की गई है, जिससे भारत में लग्जरी गाड़ियों की कीमतें कम होने का रास्ता साफ हो गया है। इस समझौते की अहमियत बताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे "मदर ऑफ ऑल डील्स" (अब तक का सबसे ऐतिहासिक समझौता) करार दिया है।
दोनों पक्षों के बीच व्यापार और सुरक्षा को मिलेगा नया अध्याय
भारत और यूरोपीय संघ (EU) ने मुक्त व्यापार समझौते (FTA) को लेकर बातचीत के सफल समापन की घोषणा करने वाला दस्तावेज पर हस्ताक्षर कर दिए हैं। इसके साथ ही दोनों पक्षों ने सुरक्षा व रक्षा साझेदारी समझौते और लोगों की आवाजाही के लिए व्यापक ढांचे से जुड़े समझौते पर भी हस्ताक्षर किए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे भारत का अब तक का सबसे बड़ा मुक्त व्यापार समझौता बताते हुए कहा कि यह केवल व्यापारिक करार नहीं, बल्कि साझा समृद्धि का नया खाका है। उन्होंने कहा कि भारत और यूरोपीय संघ के बीच यह समझौता दोनों पक्षों के लिए बड़े अवसर लेकर आएगा।
यूरोपीय संघ के प्रतिनिधियों ने भी इस समझौते को ऐतिहासिक बताया। ईयू के नेता एंटोनियो कोस्टा ने कहा कि यह दिन ऐतिहासिक है और इससे व्यापार, सुरक्षा तथा लोगों के आपसी संबंधों में नया अध्याय खुल रहा है। उन्होंने कहा कि इस समझौते से दो अरब लोगों का साझा बाजार तैयार हो रहा है।
यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने भारत-ईयू एफटीए को 'मदर ऑफ ऑल डील्स' बताते हुए कहा कि यह समझौता दोनों पक्षों में लाखों नौकरियों के अवसर पैदा करेगा।
वैश्विक अनिश्चितता के बीच आर्थिक साझेदारी को मजबूत करने पर सहमति
वैश्विक अनिश्चितता और आपूर्ति शृंखला में बाधाओं के बीच भारत और यूरोपीय संघ (ने आर्थिक सहयोग को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता जताई है। दोनों पक्षों ने कहा कि भारत-ईयू के बीच घनिष्ठ आर्थिक संबंध विकास, रोजगार सृजन, हरित संक्रमण, औद्योगिक विकास और टिकाऊ व भरोसेमंद सप्लाई चेन के लिए पहले से कहीं अधिक महत्वपूर्ण हो गए हैं।
दोनों पक्षों के नेताओं ने मुक्त व्यापार समझौते (FTA) के पूर्ण क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने की प्रतिबद्धता दोहराई। साथ ही उन्होंने अपनी-अपनी टीमों को निवेश संरक्षण समझौते (IPA) और भौगोलिक संकेतक (GI) समझौते पर बातचीत जल्द से जल्द पूरी करने का निर्देश दिया। भारत और यूरोपीय संघ ने द्विपक्षीय निवेश को बढ़ाने और चयनित वैल्यू चेन को मजबूत करने के लिए निजी क्षेत्र की भागीदारी बढ़ाने पर भी सहमति जताई। इसके तहत 'ब्लू वैलीज' जैसे क्षेत्रों में सहयोग को आगे बढ़ाने की योजना है। दोनों पक्षों ने तीसरे देशों में संयुक्त निवेश बढ़ाने और त्रिपक्षीय सहयोग को मजबूत करने का भी संकल्प लिया। इसमें विकास सहायता के क्षेत्र में भारत और यूरोपीय संघ के अनुभव का उपयोग किया जाएगा, जिसमें यूरोपीय संघ की ग्लोबल गेटवे रणनीति भी शामिल है।
6.4 लाख करोड़ रुपये के निर्यात को मिलेगा नया बाजार- पीयूष गोयल
पीयूष गोयल
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भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच हुए ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौते (FTA) से देश के कई राज्यों को बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है। केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि इस समझौते के तहत लगभग 6.4 लाख करोड़ रुपये के निर्यात को 27 यूरोपीय देशों के बाजारों तक एकीकृत व्यापार ढांचे के तहत पहुंच मिलेगी।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए पीयूष गोयल ने बताया कि गुजरात, महाराष्ट्र, तमिलनाडु, कर्नाटक, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, पंजाब, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, पश्चिम बंगाल, असम और केरल जैसे राज्य इस समझौते के प्रमुख लाभार्थी हो सकते हैं।
भारत-यूरोपीय संघ में एक नए युग का शंखनाद- पीएम मोदी
भारत-ईयू एफटीए
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भारत-यूरोपीय संघ व्यापार मंच पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि यूरोपीय संघ परिषद और आयोग के अध्यक्षों की भारत यात्रा कोई साधारण राजनयिक यात्रा नहीं है, यह भारत-यूरोपीय संघ में एक नए युग का शंखनाद है। भारत के इतिहास का सबसे बड़ा एफटीए संपन्न हुआ। बाजार पर आधारित अर्थव्यवस्था होने के नाते हमारे साझा मूल्य हैं, वैश्विक स्थिरता के प्रति हमारी साझा प्राथमिकताएं है। इसी मजबूत आधार पर हम अपनी साझेदारी को नई ऊंचाई दे रहे हैं। इस नतीजे भी हमें साफ दिख रहे हैं। पिछले दस वर्षों में हमारा व्यापार दोगुना होकर 180 अरब यूरो तक पहुंच गया। भारत में छह हजार से अधिक यूरोपीय कंपनियां काम कर रही हैं। यूरोपीय संघ से भारत में 120 अरब यूरो से अधिक का निवेश है। भारत की 1500 कंपनियां ईयू में मौजूद हैं। और वहां निवेश लगभग 40 अरब यूरो तक पहुंच चुका है।
एफटीए से व्यापार और तकनीकी सहयोग को नई दिशा- पीएम मोदी
पीएम मोदी ने कहा कि यह एफटीए भारत और यूरोपीय संघ की कई प्राथमिकताओं के अनुरूप है और इससे व्यापार, तकनीक और निवेश को नई गति मिलेगी। उन्होंने तीन प्रमुख क्षेत्रों पर सहयोग बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया।
पहला, प्रधानमंत्री ने कहा कि वैश्विक स्तर पर व्यापार, तकनीक और महत्वपूर्ण खनिजों का हथियारकरण हो रहा है, ऐसे में भारत और यूरोपीय संघ को आपसी निर्भरता को कम करने और विश्वसनीय सप्लाई चेन विकसित करने के लिए मिलकर काम करना होगा। उन्होंने इलेक्ट्रिक वाहन, बैटरी, चिप्स और फार्मा कच्चे माल जैसे क्षेत्रों में बाहरी निर्भरता घटाने पर बल दिया।
दूसरा, प्रधानमंत्री ने रक्षा उद्योग और उन्नत तकनीकों में सहयोग बढ़ाने का आह्वान किया। उन्होंने रक्षा, अंतरिक्ष, दूरसंचार और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) जैसे क्षेत्रों में साझेदारी मजबूत करने की बात कही।
तीसरा, पीएम मोदी ने स्वच्छ और टिकाऊ भविष्य को साझा प्राथमिकता बताते हुए हरित हाइड्रोजन, सौर ऊर्जा और स्मार्ट ग्रिड जैसे क्षेत्रों में संयुक्त शोध और निवेश बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने छोटे मॉड्यूलर रिएक्टर, टिकाऊ परिवहन, जल प्रबंधन, सर्कुलर इकॉनमी और टिकाऊ कृषि जैसे क्षेत्रों में भी सहयोग विकसित करने की जरूरत बताई।
भारत-ईयू FTA से खुलेगा निवेश और व्यापार का नया रास्ता
विदेश सचिव विक्रम मिसरी
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विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने शिखर सम्मेलन की संयुक्त अध्यक्षता की। इस दौरान सीमित और प्रतिनिधिमंडल स्तर की बैठकें हुईं, जिनमें व्यापार, तकनीक, रक्षा, रणनीतिक सहयोग और वैश्विक मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। शिखर सम्मेलन से पहले कई अहम दस्तावेजों पर हस्ताक्षर और आदान-प्रदान किए गए। इनमें भारत-ईयू मुक्त व्यापार समझौते के निष्कर्ष की संयुक्त घोषणा, सुरक्षा व रक्षा साझेदारी समझौता और मोबिलिटी सहयोग पर समझौता ज्ञापन (MoU) शामिल हैं।
प्रधानमंत्री मोदी और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने भारत-ईयू बिजनेस फोरम को भी संबोधित किया। भारत मंडपम में आयोजित इस मंच पर भारत और यूरोप के 100 से अधिक शीर्ष उद्योगपतियों और सीईओ ने भाग लिया, जहां निवेश, आपूर्ति श्रृंखला और तकनीकी सहयोग पर चर्चा हुई।
विदेश सचिव के अनुसार, यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन प्रधानमंत्री मोदी के निमंत्रण पर भारत के राजकीय दौरे पर आए हैं। दोनों नेता गणतंत्र दिवस समारोह में संयुक्त रूप से मुख्य अतिथि रहे। यह पहली बार है जब यूरोपीय संघ के शीर्ष नेताओं को भारत के गणतंत्र दिवस पर मुख्य अतिथि बनने का अवसर मिला। इस यात्रा के दौरान यूरोपीय संघ की विदेश नीति एवं सुरक्षा मामलों की उच्च प्रतिनिधि और यूरोपीय आयोग की उपाध्यक्ष काजा कालास सहित आयोग और परिषद के वरिष्ठ अधिकारी भी भारत पहुंचे हैं।