राज्यसभा सांसद उपेंद्र कुशवाहा ने स्पष्ट किया कि वह राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के साथ पूरी प्रतिबद्धता के साथ जुड़े हुए हैं और आगे भी गठबंधन का हिस्सा बने रहेंगे। उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 में जब नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार थे, तब उनके समर्थन में सबसे पहले आवाज उठाने वालों में वह भी शामिल थे। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि उनकी पार्टी और भाजपा के बीच वैचारिक समानता नहीं है। कुशवाहा के अनुसार, उनकी राजनीतिक सोच और मूल विचारधारा जनता दल (यूनाइटेड) के अधिक करीब है। उन्होंने याद दिलाया कि वह समता पार्टी के संस्थापक सदस्यों में रहे हैं, जो बाद में जद(यू) के रूप में विकसित हुई। उन्होंने कहा कि उनकी वैचारिक निष्ठा और भावनात्मक जुड़ाव आज भी उसी राजनीतिक धारा के साथ बना हुआ है।
भाजपा, जदयू और लोजपा (राम) के उम्मीदवारों ने अपना नामांकन पर्चा दाखिल कर दिया है। नामांकन भरने वालों में भाजपा से भोजपुरी सुपरस्टार पवन सिंह (राजपूत), संजय मयूख (कायस्थ), शीला पंडित (कुम्हार) और अनिल ठाकुर (नाई, ठाकुर) शामिल हैं। जदयू से निशांत कुमार (कुर्मी), भारती मेहता (नोनिया), शिवरानी देवी प्रजापति (कुम्हार) और ललन प्रसाद (धानुक) को अपना पर्चा भरा। वहं लोजपा रामविलास ने अशरफ अंसारी (मुस्लिम) को टिकट दिया। भाजपा के एमएलसी उम्मीदवारों ने नेतृत्व और भाजपा के वरिष्ठ नेताओं का आभार जताया।
भारतीय जनता पार्टी की ओर से भोजपुरी सुपरस्टार पवन सिंह नामांकन के लिए विधानसभा पहुंच चुके हैं। वह अपना नामांकन पर्चा दाखिल कर रहे हैंं। वहीं जदयू और भाजपा के उम्मीदवार पहले से ही पहुंच चुके हैं।
राजद की ओर से सुनील सिंह ने नामांकन पर्चा दाखिल कर दिया है। उन्होंने अपनी जीत का दावा किया और लालू-तेजस्वी का आभार जताया। इधर, केंद्रीय मंत्री ललन सिंह, चिराग पासवन समेत एनडीए के कई दिग्गज विधानसभा पहुंचे। कुछ देर बाद मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी भी मंत्रियों के साथ विधानसभा पहुंचे। भाजपा नेताओं ने विक्ट्री साइन दिखाकर अपनी जीत का दावा भी कर दिया।
बिहार विधान परिषद् की नौ सीटों पर चुनाव और एक सीट पर उप चुनाव होना है। कुल 10 सीटों पर चुनाव के लिए नामांकन के अंतिम दिन, सोमवार को 12 बजे तक कुल 10 एनआर ही कटाए गए हैं। यानी, राष्ट्र्रीय जनतांत्रिक गठबंधन ने इस बार स्वीकार किया है कि वह एक सीट पर चुनाव नहीं जीत सकता। इसी तरह महागठबंधन ने भी अब तक दूसरा एनआर नहीं कटवा कर यह पक्का मान लिया है कि उसे एक ही सुनिश्चित वाली सीट के लिए नामांकन करना है। एनआर के बाद अब नामांकन की प्रक्रिया होगी।
बिहार विधान परिषद् की नौ सीटों पर चुनाव और एक सीट पर उप चुनाव के लिए नामांकन का अंतिम दिन है। 243 विधायकों वाली बिहार विधानसभा में अभी 242 विधायक हैं। आज नामांकन का दिन है, इसलिए सभी विधायकों की मौजूदगी जरूरी नहीं। जो प्रस्ताव बनेंगे या जो प्रस्तावों पर सहमति जताएंगे, ऐसे विधायक आ रहे हैं। बाकी अपने काम से या अपने नेता के आसपास रहने के लिए आ रहे हैं।
राष्ट्रीय जनता दल की ओर से सुनील सिंह अपना नामांकन पर्चा दाखिल करने के लिए विधान मंडल पहुंचे। उनके साथ राजद के वरिष्ठ नेता और विधायक कुमार सर्वजीत भी पहुंचे। इधर, भोजपुरी सुपरस्टार पवन सिंह समेत एनडीए के उम्मीदवार दोपहर 12 बजे नामांकन पर्चा दाखिल करेंगे। मंत्री श्रवण कुमार ने इसकी जानकारी दी है। हालांकि, मंत्री दीपक प्रकाश पर सस्पेंस अब भी बरकरार है।
कुछ देर में नामांकन करने के लिए उम्मीदवार पहुंचने लगेंगे। इससे पहले विधान परिषद् परिसर की जांच की जा रही है। सुरक्षा कर्मी डॉग और बम स्क्वायड की टीम को लेकर जांच कर रहे हैं। हर एक कोने की चप्पे-चप्पे की निगरानी की जा रही है।
मंत्री दीपक प्रकाश ने नाम की घोषणा अब तक नहीं हुई है। भाजपा की ओर से अब तक इस मामले में प्रतिक्रिया भी नहीं आई है। अगर 10वीं सीट पर दीपक प्रकाश का नाम घोषित किया जाता है तो महागठबंधन और एनडीए में इस सीट के लिए कड़ी टक्कर हो सकती है। बिहार विधानसभा के मौजूदा संख्याबल के अनुसार, एक एमएलसी सीट जीतने के लिए करीब 25 विधायकों के वोटों की आवश्यकता होती है। एनडीए के पास आठ उम्मीदवारों को आसानी से जिताने लायक संख्या बल है।
बिहार विधान परिषद् की एक सीट के लिए राष्ट्रीय जनता दल अपने उम्मीदवार की घोषणा कर दी है। राजद फिर से सुनील कुमार सिंह को भरोसा जताया है। वह वर्तमान में विधान परिषद् के सदस्य हैं। लालू परिवार के काफी करीबी हैं। राबड़ी देवी के मुंहबोले भाई हैं। लालू प्रसाद ने उनके ही नाम पर अंतिम मुहर लगाई है।
भाजपा और जदयू ने अपने उम्मीदवारों की सूची जारी की थी। इसमें भाजपा ने भोजपुरी सुपरस्टार पवन सिंह (राजपूत), संजय मयूख (कायस्थ), शीला पंडित (कुम्हार) और अनिल ठाकुर (नाई, ठाकुर) शामिल हैं। जदयू ने विधान परिषद चुनाव और उपचुनाव के लिए निशांत कुमार (कुर्मी), भारती मेहता (नोनिया), शिवरानी देवी प्रजापति (कुम्हार) और ललन प्रसाद (धानुक) को अपना उम्मीदवार घोषित किया है। लोजपा रामविलास ने अशरफ अंसारी (मुस्लिम) को टिकट दिया।