जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने नालंदा में रोड शो के दौरान बिहारशरीफ में मीडिया से बात करते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि 20 साल के शासन के बाद नीतीश अब शारीरिक और मानसिक रूप से थक चुके हैं, जबकि उनके अफसर बिहार को लूट रहे हैं। पीएम मोदी के सस्ते डेटा वाले बयान पर तंज कसते हुए पीके ने कहा कि बिहार को सस्ता डेटा नहीं, बल्कि गुजरात में मजदूरी कर रहे अपने बेटे चाहिए।
कानून-व्यवस्था पर पीके ने कहा कि लोगों ने लालू जी के जंगल राज को हटाने के लिए नीतीश जी को चुना था, लेकिन अब वही स्थिति लौट आई है। लालू जी का शासन अगर जंगल राज था, तो नीतीश जी का शासन अधिकारियों का जंगल राज है, जहाँ अफसर बेलगाम होकर लूट मचा रहे हैं।
एनडीए के घोषणा पत्र पर उन्होंने कहा कि जो 20 साल से सत्ता में हैं, उन्हें नया मैनिफेस्टो नहीं बल्कि रिपोर्ट कार्ड जारी करना चाहिए। 2005 में भी बिहार सबसे गरीब था और आज भी वैसा ही है, यही उनकी असली रिपोर्ट है। पीएम मोदी पर निशाना साधते हुए पीके बोले कि गुजरात में 1 लाख करोड़ की बुलेट ट्रेन बन रही है, लेकिन बिहार के बच्चों को छठ पर पैसेंजर ट्रेन में जगह नहीं मिलती। उन्होंने कहा कि बिहार को रोजगार चाहिए, सस्ता डेटा नहीं।
जन सुराज को नया विकल्प बताते हुए पीके ने कहा कि अब लालू के डर से मोदी को या मोदी के डर से लालू को वोट देने की जरूरत नहीं है। अगर जन सुराज का उम्मीदवार भी अच्छा नहीं है तो उसे भी हराइए, क्योंकि जन सुराज जीते या न जीते बिहार को जीतना चाहिए।नालंदा में पीके का रोड शो पांच विधानसभा क्षेत्रों राजगीर, नालंदा, हिलसा, बिहारशरीफ और अस्थावां में आयोजित किया गया।