Surya Grahan 2026 Live: सूर्य ग्रहण 2026 समय
साल 2026 का दूसरा और आखिरी सूर्य ग्रहण आज 12 अगस्त, बुधवार को लगेगा। यह पूर्ण सूर्य ग्रहण होगा, जो दुनिया के चुनिंदा हिस्सों में दिखाई देगा। भारतीय समयानुसार ग्रहण रात 9:04 बजे शुरू होगा, 11:16 बजे चरम पर पहुंचेगा और देर रात 1:28 बजे समाप्त होगा।
Surya Grahan 2026 Live: कैसा होगा साल का आखिरी सूर्य ग्रहण ?
12 अगस्त 2026 का सूर्य ग्रहण पूर्ण सूर्य ग्रहण ही है। NASA के अनुसार इस दिन चंद्रमा कुछ क्षेत्रों में सूर्य को पूरी तरह ढक देगा। पूर्ण ग्रहण की दृश्यता ग्रीनलैंड, आइसलैंड, उत्तरी रूस, स्पेन और पुर्तगाल के एक छोटे हिस्से में होगी।
Surya Grahan 2026 Live: सूर्य ग्रहण कहां-कहां दिखाई देगा?
पूर्ण सूर्य ग्रहण आर्कटिक क्षेत्र, ग्रीनलैंड, आइसलैंड और स्पेन के कुछ हिस्सों से साफ तौर पर देखा जा सकेगा। वहीं उत्तर अमेरिका के उत्तरी इलाकों, यूरोप के बड़े हिस्से, उत्तर-पश्चिमी अफ्रीका तथा आर्कटिक और उत्तरी अटलांटिक महासागर के क्षेत्रों में इसका आंशिक रूप देखने को मिलेगा।
Surya Grahan 2026: कितने बजे शुरू होगा ग्रहण ? क्या भारत में देगा दिखाई, जानें सूर्य ग्रहण से जुड़ी 10 बातें
Purn Surya Grahan: क्या होता है पूर्ण सूर्य ग्रहण?
जब चंद्रमा सूर्य और पृथ्वी के बीच आकर सूर्य को पूरी तरह ढक लेता है, तब इसे पूर्ण सूर्य ग्रहण कहा जाता है। इस दौरान चंद्रमा की छाया पृथ्वी के जिस हिस्से पर पड़ती है, वहां कुछ समय के लिए सूर्य पूरी तरह दिखाई नहीं देता और दिन में अंधेरा या गोधूलि जैसा वातावरण बन सकता है। हालांकि पूर्ण सूर्य ग्रहण पृथ्वी के हर हिस्से से दिखाई नहीं देता। यह केवल उन सीमित क्षेत्रों में नजर आता है, जहां चंद्रमा की पूर्ण छाया पड़ती है। इसके आसपास के बड़े क्षेत्र में सूर्य का कुछ हिस्सा ढका हुआ दिखाई दे सकता है, जिसे आंशिक सूर्य ग्रहण कहते हैं।
Surya Grahan Sutak Kaal: सूर्य ग्रहण का सूतक कब शुरू होगा?
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सूर्य ग्रहण से 12 घंटे पहले सूतक काल शुरू होता है। 12 अगस्त 2026 के सूर्य ग्रहण का सूतक काल सुबह 9 बजकर 4 मिनट से शुरू होगा।
Surya Grahan 2026: साल का आखिरी सूर्य ग्रहण आज, जानें सूतक काल और भारत में कब देगा दिखाई
Surya Grahan 2026 Live: सूर्य ग्रहण के दौरान किन बातों का रखें ध्यान?
- सूर्य ग्रहण के समय सीधे सूर्य की ओर न देखें। अगर आपके क्षेत्र में ग्रहण दिखाई दे रहा हो, तो आंखों की सुरक्षा के लिए प्रमाणित सोलर फिल्टर या सुरक्षित उपकरण का इस्तेमाल करें।
- धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, ग्रहण के दौरान खाना बनाने और भोजन से जुड़े कार्यों से परहेज किया जाता है।
- गर्भवती महिलाओं को लेकर ग्रहण के दौरान कई पारंपरिक मान्यताएं प्रचलित हैं। इनमें सुई-धागे का इस्तेमाल, काटने-छीलने और छौंक लगाने जैसे कामों से बचने की सलाह दी जाती है। हालांकि इन मान्यताओं का कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।
Surya Grahan 2026 Live: सूर्य ग्रहण मंत्र जाप
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सूर्य ग्रहण के समय ‘ॐ ह्रां ह्रीं ह्रौं सः सूर्याय नमः’ मंत्र का कम से कम 108 बार जाप करना शुभ माना जाता है। इसके अलावा ‘ॐ घृणिः सूर्याय नमः’ मंत्र का भी जाप किया जा सकता है। मान्यता है कि ग्रहण के दौरान मंत्र जाप करने से मन शांत रहता है और नकारात्मक प्रभावों से बचाव होता है।
Surya Grahan 2026 LIVE: ग्रहण के दौरान क्या करें?
- ग्रहण के दौरान भगवान के मंत्रों का जाप करना शुभ माना जाता है।
- ग्रहण के दौरान पूजा-पाठ और मंदिर में मूर्तियों के स्पर्श से बचने की सलाह दी जाती है।
- ग्रहण समाप्त होने के बाद मंदिर की साफ-सफाई करें और भगवान की प्रतिमाओं को स्नान कराएं।
Surya Grahan 2026: क्या भारत में नजर आएगा सूर्य ग्रहण?
आज यानी 12 अगस्त 2026 को लगने वाला सूर्य ग्रहण भारत से दिखाई नहीं देगा। ग्रहण के दौरान भारत में रात का समय होगा, इसलिए देश के किसी भी शहर से इस खगोलीय घटना को प्रत्यक्ष रूप से देख पाना संभव नहीं होगा।
Surya Grahan 202 Live: 18 साल बाद हरियाली अमावस्या पर सूर्य ग्रहण का संयोग
12 अगस्त को हरियाली अमावस्या के साथ सूर्य ग्रहण का भी संयोग बन रहा है। यह संयोग करीब 18 साल बाद आया है। इससे पहले वर्ष 2008 में श्रावण अमावस्या के दिन सूर्य ग्रहण पड़ा था। ऐसे में इस बार हरियाली अमावस्या और सूर्य ग्रहण का एक साथ पड़ना धार्मिक और खगोलीय, दोनों ही दृष्टि से खास माना जा रहा है।
Surya Grahan 2026: 12 अगस्त को साल का आखिरी सूर्य ग्रहण, क्या भारत में दिखेगा या नहीं ?
Surya Grahan Live: गर्भवती महिलाएं ग्रहण के दौरान इन बातों का रखें ध्यान
- धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सूर्य ग्रहण के दौरान गर्भवती महिलाओं को घर से बाहर निकलने से बचना चाहिए।
- इस दौरान चाकू, कैंची या किसी भी धारदार वस्तु का इस्तेमाल न करने की परंपरा है।
- ग्रहण और सूतक काल समाप्त होने के बाद स्नान करके सात्विक भोजन करने की मान्यता है।
- गर्भावस्था के दौरान किसी भी तरह की परेशानी होने पर डॉक्टर की सलाह को प्राथमिकता देना जरूरी है।
Surya Grahan Live: इन राशियों के लिए शुभ रहेगा सूर्य ग्रहण
- मेष राशि: सूर्य ग्रहण का मेष राशि वालों पर नकारात्मक असर नहीं माना जा रहा है। अटका हुआ धन वापस मिलने की संभावना बन सकती है। कार्यक्षेत्र में तरक्की के नए रास्ते खुलेंगे और करियर में आगे बढ़ने के मौके मिल सकते हैं।
- मिथुन राशि: मिथुन राशि के जातकों के लिए भी समय अनुकूल रहने वाला है। आर्थिक स्थिति में सुधार के संकेत हैं। कारोबार से जुड़े लोगों को लाभ मिल सकता है, वहीं महत्वपूर्ण फैसले लेने में आत्मविश्वास और स्पष्टता बढ़ेगी।
- तुला राशि : तुला राशि वालों के करियर में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकते हैं। नौकरी में नए अवसर मिलने के साथ कोई महत्वपूर्ण जिम्मेदारी भी मिल सकती है। आर्थिक पक्ष मजबूत होने के योग हैं और कार्यक्षेत्र में आगे बढ़ने के रास्ते खुल सकते हैं।
Surya Grahan 2026 Live: सूर्य ग्रहण के दौरान क्या नहीं करना चाहिए?
- ग्रहण के दौरान पूजा-पाठ और धार्मिक अनुष्ठान न करने की मान्यता है।
- इस अवधि में देवी-देवताओं की मूर्तियों को स्पर्श करने से बचने की सलाह दी जाती है।
- परंपरा के अनुसार, ग्रहण के दौरान भोजन ग्रहण नहीं किया जाता।
- चाकू, कैंची या अन्य नुकीली वस्तुओं के इस्तेमाल से बचने की मान्यता है।
- ग्रहण के समय शुभ और मांगलिक कार्य शुरू न करने की परंपरा है।
- धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, गर्भवती महिलाओं को घर से बाहर निकलने से बचने की सलाह दी जाती है।
Surya Grahan 2026 Live: सूर्य ग्रहण के सूतक काल में किन कामों से बचें?
- सूतक काल में विवाह, गृह प्रवेश, मुंडन जैसे शुभ कार्य करने या किसी नए काम की शुरुआत से बचने की परंपरा है।
- इस अवधि में खाना बनाने और भोजन करने से परहेज किया जाता है।
- पहले से तैयार भोजन को सुरक्षित रखने के लिए उसमें तुलसी की पत्तियां डालने की धार्मिक मान्यता है।
- सूतक के दौरान बाल कटवाने, शेविंग और तेल मालिश जैसे कार्यों से बचने की परंपरा है।
- इस समय देवी-देवताओं की प्रतिमाओं को स्पर्श न करने की मान्यता भी प्रचलित है।
Surya Grahan 2026 Live: ग्रहण के दौरान किन कामों से बचना चाहिए?
- ग्रहण के समय भोजन बनाने और खाने से परहेज किया जाता है।
- चाकू, कैंची जैसी नुकीली या धारदार चीजों का इस्तेमाल न करने की मान्यता है।
- सूर्य ग्रहण को बिना किसी सुरक्षा उपकरण के सीधे आंखों से नहीं देखना चाहिए।
- धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, ग्रहण के दौरान सोने से बचने की सलाह दी जाती है।
- इस अवधि में मंदिर में स्थापित देवी-देवताओं की मूर्तियों को स्पर्श न करने की परंपरा है।
- ग्रहण के दौरान शुभ और मांगलिक कार्य शुरू न करने की मान्यता भी प्रचलित है।
Surya Grahan 2026 Live: सूर्य ग्रहण कितने प्रकार के होते हैं?
- पूर्ण सूर्य ग्रहण: जब चंद्रमा सूर्य को पूरी तरह ढक लेता है और सूर्य का प्रकाश कुछ समय के लिए पूरी तरह छिप जाता है, तब इसे पूर्ण सूर्य ग्रहण कहते हैं।
- आंशिक सूर्य ग्रहण: इस स्थिति में चंद्रमा सूर्य के केवल एक हिस्से को ढकता है, जबकि सूर्य का बाकी भाग दिखाई देता रहता है।
- वलयाकार सूर्य ग्रहण: जब चंद्रमा सूर्य के बीच वाले हिस्से को ढक लेता है, लेकिन उसके चारों ओर सूर्य का चमकीला किनारा नजर आता रहता है, तो यह अंगूठी या रिंग जैसा दिखाई देता है। इसे वलयाकार सूर्य ग्रहण कहा जाता है।
- हाइब्रिड सूर्य ग्रहण: यह सूर्य ग्रहण का बेहद दुर्लभ प्रकार है। इसमें ग्रहण के दौरान अलग-अलग स्थानों से इसका स्वरूप बदलता हुआ दिखाई दे सकता है,कहीं वलयाकार तो कहीं पूर्ण सूर्य ग्रहण।
Surya Grahan 2026 Live: सूर्य ग्रहण में भगवान की मूर्ति क्यों नहीं छूते?
हिंदू धार्मिक परंपराओं में सूर्य ग्रहण के दौरान देवी-देवताओं की मूर्तियों को स्पर्श न करने की मान्यता है। इसके पीछे यह विश्वास है कि ग्रहण का समय पूजा-पाठ और धार्मिक अनुष्ठानों के लिए सामान्य समय से अलग माना जाता है। इसी कारण कई मंदिरों में ग्रहण के दौरान कपाट बंद रखे जाते हैं और ग्रहण समाप्त होने के बाद स्नान, शुद्धिकरण और पूजा की जाती है। हालांकि, यह नियम धार्मिक मान्यता और परंपरा का हिस्सा है, इसका कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। अलग-अलग मंदिरों और संप्रदायों में ग्रहण से जुड़े नियमों में भी अंतर हो सकता है।
Solar Eclipse 2026: सूर्य ग्रहण में भगवान की मूर्ति छूना क्यों माना जाता है वर्जित? जानें इसके पीछे की मान्यता
Surya Grahan 2026 Live: किस राशि नक्षत्र में लगेगा साल का दूसरा सूर्य ग्रहण
साल 2026 का दूसरा और अंतिम सूर्य ग्रहण कर्क राशि और अश्लेषा नक्षत्र में लग रहा है।
Surya Grahan 2026 Live: किन देशों में दिखाई देगा सूर्य ग्रहण?
आज सूर्य ग्रहण दुनिया के कई हिस्सों में नजर आएगा। ग्रीनलैंड, आइसलैंड, उत्तरी रूस, स्पेन और पुर्तगाल के कुछ हिस्सों में पूर्ण सूर्य ग्रहण देखने को मिलेगा। वहीं ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी, इटली, कनाडा और अमेरिका सहित कई देशों में इसका आंशिक रूप दिखाई देगा। स्पेन में पूर्ण ग्रहण शाम के वक्त, जबकि आइसलैंड में दोपहर बाद से शाम के बीच नजर आएगा। उत्तर-पश्चिमी अफ्रीका के कई क्षेत्रों में भी सूर्य का बड़ा हिस्सा चंद्रमा की छाया में रहेगा। भारत इस ग्रहण की दृश्यता वाले क्षेत्र में शामिल नहीं है, इसलिए यहां से इसे सीधे नहीं देखा जा सकेगा।
Surya Grahan 2026 Live: कितनी देर तक रहेगा सूर्य ग्रहण?
- स्पेन में पूर्ण सूर्य ग्रहण सूर्यास्त से कुछ समय पहले नजर आएगा और इसकी पूर्ण अवस्था दो मिनट से कम समय तक रहेगी।
- बर्गोस में पूर्ण ग्रहण के दौरान करीब 1 मिनट 48 सेकंड तक अंधेरा छाने का नजारा देखने को मिलेगा।
- रूस और ग्रीनलैंड के कुछ क्षेत्रों में पूर्ण ग्रहण की अवधि ढाई मिनट से कम रहेगी।
- वहीं, आंशिक सूर्य ग्रहण करीब 1 घंटे 45 मिनट तक दिखाई दे सकता है।
Surya Grahan 2026: सूर्य ग्रहण के दौरान किन बातों का रखें ध्यान?
- ग्रहण शुरू होने से पहले स्नान करके भगवान का ध्यान और मंत्र जाप करने की मान्यता है।
- ग्रहण के दौरान कई मंदिरों में कपाट बंद रखे जाते हैं, जबकि घर पर मंत्र जाप और ध्यान किया जा सकता है।
- परंपरा के अनुसार, ग्रहण काल में भोजन करने से परहेज किया जाता है और लोग उपवास रखते हैं।
- धार्मिक मान्यताओं में इस दौरान सोने से बचने की सलाह दी जाती है।
- ग्रहण समाप्त होने के बाद स्नान और पूजा-पाठ करने के बाद ही सामान्य दिनचर्या शुरू करने की परंपरा है।
- ग्रहण के बाद जरूरतमंदों को अन्न, वस्त्र या धन का दान करना शुभ माना जाता है।
Surya Grahan 2026 Live: सूर्य ग्रहण के दिन जन्में लोग कैसे होते हैं?
ज्योतिषीय मान्यताओं में ग्रहण काल को सामान्य समय से अलग और संवेदनशील माना गया है। कुछ ज्योतिषीय धारणाओं के अनुसार, इस दौरान जन्म लेने वाले बच्चे के जीवन में आगे चलकर कुछ चुनौतियां आ सकती हैं। हालांकि, बच्चे के भविष्य, स्वास्थ्य या माता-पिता के साथ संबंधों पर ग्रहण का सीधा असर पड़ता है, इसका कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इसलिए ऐसी बातों को धार्मिक या ज्योतिषीय मान्यता के रूप में ही देखना चाहिए और बच्चे के जन्म को लेकर किसी तरह का डर नहीं रखना चाहिए।
Surya Grahan 2026 Live: सूर्य ग्रहण के दौरान इन मंत्रों का करें जाप
- ऊँ घृणि: सूर्यादित्योम
- ऊँ घृणि: सूर्य आदित्य श्री
- ऊँ ह्रां ह्रीं ह्रौं स: सूर्याय: नम:
- ऊँ ह्रीं ह्रीं सूर्याय नम:
- ऊँ आकृष्णेन रजसा वर्तमानो निवेशयन्नमृतं मर्त्यण्च ।
- हिरण्य़येन सविता रथेन देवो याति भुवनानि पश्यन ।।
- जपाकुसुम संकाशं काश्यपेयं महाद्युतिम ।
Surya Grahan 2026 Live: सूर्य ग्रहण से बचने के उपाय
- मान्यता है कि ग्रहण काल में नकारात्मकता बढ़ सकती है, इसलिए गायत्री मंत्र और महामृत्युंजय मंत्र का जाप करना शुभ माना जाता है।
- ग्रहण समाप्त होने के बाद पवित्र नदी में स्नान और जरूरतमंदों को दान करने की परंपरा है।
- ग्रहण के बाद घर में गंगाजल का छिड़काव करके वातावरण को शुद्ध करने की मान्यता है।
- धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, ग्रहण के दौरान भोजन से परहेज किया जाता है। पहले से रखे भोजन में तुलसी की पत्तियां डालने की परंपरा भी है।
- इस दौरान सोने से बचने और मंत्र जाप या ध्यान में समय बिताने की भी मान्यता है।
Surya Grahan 2026 Live: राशि अनुसार करें ये उपाय
- मेष राशि:: हनुमान चालीसा का पाठ
- वृषभ राशि: मां लक्ष्मी की पूजा, सफेद वस्त्र या चावल दान
- मिथुन राशि: तुलसी पर जल चढ़ाएं
- कर्क राशि: दूध में केसर मिलाकर शिवलिंग पर चढ़ाएं।
- सिंह राशि: गेहूं दान करें।
- कन्या राशि: दुर्गा सप्तशती का पाठ करें।
Surya Grahan 2026 Live : राशि के अनुसार करें ये उपाय
- तुला राशि:: मीठा भोजन बांटें।
- वृश्चिक राशि:रुद्राभिषेक करें।
- धनु राशि: विष्णु सहस्रनाम पाठ
- मकर राशि: शनि मंत्र जप।
- कुंभ राशि: दान करें।
- मीन राशि: शिवलिंग पर जल अर्पित करें।
Surya Grahan 2026 Live: सूर्य ग्रहण को लेकर क्या है मान्यता
हिंदू पौराणिक मान्यताओं में सूर्य ग्रहण को राहु और सूर्य के बीच शत्रुता से जोड़कर देखा जाता है। कथा के अनुसार, समुद्र मंथन के बाद जब भगवान विष्णु देवताओं को अमृत पिला रहे थे, तब राहु देवता का रूप धारण कर उनकी पंक्ति में जा बैठा। सूर्य और चंद्रमा ने उसकी पहचान भगवान विष्णु को बता दी। इसके बाद भगवान विष्णु ने सुदर्शन चक्र से राहु का सिर धड़ से अलग कर दिया। अमृत का स्पर्श होने के कारण उसका सिर राहु और धड़ केतु कहलाया। मान्यता है कि इसी घटना के बाद राहु सूर्य और चंद्रमा से शत्रुता रखने लगा और समय-समय पर उन्हें ग्रसता है, जिसे ग्रहण से जोड़ा जाता है। हालांकि वैज्ञानिक दृष्टि से सूर्य ग्रहण एक खगोलीय घटना है, जिसका कारण चंद्रमा का सूर्य और पृथ्वी के बीच आकर सूर्य के प्रकाश को ढकना है। इसका राहु-केतु से कोई वैज्ञानिक संबंध नहीं है।
Surya Grahan 2026 Live: ग्रहण के दौरान न करें ये गलतियां
- ग्रहण के समय बाहर जाने से बचें और सूर्य को सीधे देखने से भी परहेज करें।
- मान्यता के अनुसार, खासकर गर्भवती महिलाओं को सुई, कैंची और चाकू जैसी नुकीली चीजों का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।
- ग्रहण शुरू होने से पहले खाने और पानी में तुलसी की पत्तियां डालने की परंपरा है।
- मन को शांत रखने के लिए ग्रहण के समय ‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय’ या गायत्री मंत्र का जाप कर सकते हैं।
Surya Grahan 2026 Live: कितने घंटे का होगा सूर्यग्रहण
आज यानी 12 अगस्त 2026 को सूर्य ग्रहण लगेगा। भारतीय समयानुसार यह ग्रहण रात 9 बजकर 04 मिनट पर शुरू होगा और 13 अगस्त की रात 1 बजकर 28 मिनट पर समाप्त होगा। कुल मिलाकर सूर्य ग्रहण की अवधि 4 घंटे 24 मिनट है।
Surya Grahan 2026 Live: सूर्य ग्रहण की पौराणिक कथा
हिंदू धर्म की पौराणिक कथाओं में राहु और केतु को असुर शक्तियों से जोड़ा गया है। सूर्य ग्रहण की कथा का संबंध समुद्र मंथन और अमृत प्राप्ति की घटना से बताया जाता है। मान्यता के अनुसार, जब देवताओं और असुरों ने मिलकर क्षीरसागर का मंथन किया, तो उसमें से अमृत कलश निकला। अमृत को लेकर दोनों पक्षों में विवाद होने लगा, क्योंकि इसे पीने वाला अमर हो जाता। तब भगवान विष्णु ने मोहिनी रूप धारण किया और देवताओं व असुरों के बीच अमृत बांटने लगे। इसी दौरान स्वर्भानु नाम का असुर देवता का रूप धारण करके देवताओं की पंक्ति में बैठ गया और अमृत की कुछ बूंदें पी लीं। सूर्य देव और चंद्र देव को उसके असुर होने का पता चल गया। उन्होंने भगवान विष्णु को इसकी जानकारी दी। इसके बाद भगवान विष्णु ने सुदर्शन चक्र से स्वर्भानु का सिर धड़ से अलग कर दिया। अमृत का स्पर्श हो जाने के कारण उसका सिर अमर हो चुका था। बाद में उसका सिर राहु और धड़ केतु कहलाया। पौराणिक मान्यता है कि सूर्य और चंद्रमा द्वारा उसकी पहचान बताए जाने के कारण राहु उनसे शत्रुता रखने लगा। इसी वजह से वह समय-समय पर सूर्य और चंद्रमा को ग्रसता है। सूर्य को ग्रसने की घटना को सूर्य ग्रहण और चंद्रमा को ग्रसने को चंद्र ग्रहण से जोड़ा जाता है। यह कथा धार्मिक और पौराणिक मान्यता पर आधारित है। वैज्ञानिक दृष्टि से सूर्य ग्रहण चंद्रमा के सूर्य और पृथ्वी के बीच आने के कारण होने वाली खगोलीय घटना है।
Surya Grahan 2026 Live : ग्रहण के समय इन बातों का रखें ध्यान
- धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, ग्रहण के समय बाहर निकलने से बचने की सलाह दी जाती है, भले ही यह भारत में दिखाई न दे।
- गर्भवती महिलाओं के लिए सुई, कैंची और अन्य धारदार चीजों का इस्तेमाल न करने की परंपरा है।
- मान्यता के अनुसार, ग्रहण शुरू होने के बाद भोजन नहीं करना चाहिए।
- मन को शांत और सकारात्मक रखने के लिए ‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय’ या गायत्री मंत्र का जाप किया जा सकता है।
Surya Grahan 2026 India: सूर्य ग्रहण पर बन रहे हैं 4 शुभ राजयोग
यह सूर्य ग्रहण ज्योतिषीय दृष्टि से खास माना जा रहा है। आज ग्रहों की स्थिति से चार प्रमुख राजयोग बनने की बात कही जा रही है। इनमें हंस राजयोग, शशि आदित्य राजयोग, गजकेसरी राजयोग और बुधादित्य राजयोग शामिल हैं। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, इन शुभ योगों का प्रभाव कुछ राशियों के लिए सकारात्मक रह सकता है। ग्रहण के साथ इन राजयोगों का बनना इस खगोलीय घटना को और भी विशेष बना रहा है।
Surya Grahan 2026: सूर्य ग्रहण धार्मिक और वैज्ञानिक मान्यता
सूर्य ग्रहण को लेकर धार्मिक और वैज्ञानिक दृष्टिकोण अलग-अलग हैं। धार्मिक मान्यताओं में राहु-केतु को सूर्य और चंद्रमा को प्रभावित करने वाला माना गया है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, राहु का सिर और केतु का धड़ अलग-अलग होने के कारण सूर्य या चंद्रमा को लंबे समय तक ग्रसित नहीं रख सकते, इसलिए ग्रहण कुछ समय बाद समाप्त हो जाता है।
वहीं विज्ञान के अनुसार, सूर्य ग्रहण एक खगोलीय घटना है। जब चंद्रमा सूर्य और पृथ्वी के बीच आकर सूर्य के प्रकाश को पृथ्वी तक पहुंचने से आंशिक या पूर्ण रूप से रोकता है, तब सूर्य ग्रहण दिखाई देता है।
Surya Grahan 2026 Effect: सूर्य ग्रहण से चमकेगी 4 राशियों की किस्मत
सूर्य ग्रहण का सकारात्मक प्रभाव मेष, सिंह, कन्या और मीन राशि के जातकों के लिए शुभ माना जा रहा है। करियर, आर्थिक स्थिति और निजी जीवन में अच्छे बदलाव देखने को मिल सकते हैं।
मेष राशि: नए अवसर और उपलब्धियां मिल सकती हैं। जमीन, मकान या वाहन से जुड़ी इच्छा पूरी होने के साथ निवेश में लाभ के योग हैं। कारोबारियों को नई डील मिल सकती है।
सिंह राशि: करियर में भाग्य का साथ मिलेगा। लंबे समय से अटके काम पूरे हो सकते हैं और तरक्की के नए रास्ते खुलेंगे।
कन्या राशि: नौकरी और इंटरव्यू में सफलता मिलने की संभावना है। कार्यक्षेत्र में नए अवसर मिलेंगे, हालांकि आर्थिक लाभ के लिए मेहनत जारी रखनी होगी।
मीन राशि: संतान की ओर से शुभ समाचार मिल सकता है। विवाह संबंधी अड़चनें दूर होने और रिश्ते की बात आगे बढ़ने के संकेत हैं। कार्यक्षेत्र में रचनात्मकता सफलता दिलाएगी।
Surya Grahan 2026 On Sawan Amavasya: सावन अमावस्या पर सूर्य ग्रहण स्नान-दान होगा या नहीं
इस बार सूर्य ग्रहण सावन अमावस्या के दिन पड़ रहा है। पंचांग के अनुसार, अमावस्या तिथि आज रात 11 बजकर 6 मिनट तक रहेगी। खास बात यह है कि ग्रहण की शुरुआत अमावस्या तिथि में होगी, जबकि इसका समापन शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि में होगा। भारत में यह ग्रहण दिखाई नहीं देगा, इसलिए यहां सूतक मान्य नहीं माना जा रहा है। ऐसे में सावन अमावस्या के अवसर पर स्नान, दान और पितरों का तर्पण किया जा सकता है। श्रद्धालु स्नान के बाद अपनी सामर्थ्य के अनुसार दान-पुण्य करें और पूर्वजों को श्रद्धापूर्वक जल अर्पित करें।
Surya Grahan 2026: 18 साल बाद सावन में सूर्य और चंद्र ग्रहण का संयोग
साल 2026 में सावन का महीना ग्रहणों के खास संयोग के लिए चर्चा में है। करीब 18 साल बाद सावन में सूर्य और चंद्र ग्रहण एक ही महीने में पड़ रहे हैं। 12 अगस्त को सावन अमावस्या पर सूर्य ग्रहण होगा, जबकि 28 अगस्त को श्रावण पूर्णिमा पर आंशिक चंद्र ग्रहण लगेगा। इससे पहले ऐसा संयोग 2008 में देखने को मिला था। उस साल 1 अगस्त को अमावस्या पर सूर्य ग्रहण और 17 अगस्त को पूर्णिमा के दिन चंद्र ग्रहण पड़ा था। इस वजह से 2026 का सावन खगोलीय घटनाओं के लिहाज से विशेष माना जा रहा है।
Surya Grahan Me Kya Kare: सूर्य ग्रहण की शाम पितरों के लिए जलाएं दीपक
सावन अमावस्या के दिन सूर्यास्त के बाद पितरों की स्मृति में दीपक जलाने की परंपरा है। आज सूर्यास्त शाम 7:02 बजे होने के बाद तेल का दीपक जलाकर घर के मुख्य द्वार के बाहर दक्षिण दिशा में रखने की मान्यता है। धार्मिक विश्वास के अनुसार, अमावस्या पर पितरों का स्मरण करने से उनका आशीर्वाद प्राप्त होता है। मान्यता है कि दीपक की रोशनी पितरों के लौटने का मार्ग प्रकाशित करती है। श्रद्धापूर्वक दीपदान करने से परिवार में सुख-शांति और समृद्धि बनी रहती है।
Surya Grahan 2026: शनि की साढ़ेसाती-ढैय्या से प्रभावित इन 5 राशियों को रहना होगा सतर्क
12 अगस्त के सूर्य ग्रहण को ज्योतिषीय दृष्टि से कुछ राशियों के लिए चुनौतीपूर्ण माना जा रहा है। वर्तमान में मेष, कुंभ और मीन राशि पर शनि की साढ़ेसाती, जबकि सिंह और धनु पर शनि की ढैय्या का प्रभाव बताया जाता है। मान्यता है कि ग्रहण के बाद करीब 15 दिनों तक इन राशियों को विशेष सावधानी रखनी चाहिए।
मेष: भावनात्मक तनाव बढ़ सकता है। दांपत्य जीवन में मतभेद से बचें और धैर्य बनाए रखें।
सिंह: कोर्ट-कचहरी और विवादों से दूरी रखें। किसी गलत या अनैतिक काम में न पड़ें।
धनु: निवेश में नुकसान और कारोबार में उतार-चढ़ाव संभव है। विरोधियों से सावधान रहें।
कुंभ: स्वास्थ्य को लेकर सतर्क रहें। काम और आर्थिक मामलों में अस्थिरता आ सकती है।
मीन: तनाव और बेचैनी बढ़ सकती है। करियर में सुस्ती से बचें और सकारात्मक सोच बनाए रखें।
Chandra Grahan 2026: 28 अगस्त को होगा आंशिक चंद्र ग्रहण
12 अगस्त के करीब 15 दिन बाद 28 अगस्त को आंशिक चंद्र ग्रहण लगेगा। हालांकि, भारत से इसकी दृश्यता नहीं होगी। वहीं, भारत में अगला सूर्य ग्रहण 2 अगस्त 2027 को आंशिक सूर्य ग्रहण के रूप में दिखाई देने की संभावना जताई जा रही है।
Total Solar Eclipse 2026: क्या है पूर्ण सूर्य ग्रहण?
पूर्ण सूर्य ग्रहण एक ऐसी खगोलीय स्थिति है, जब चंद्रमा सूर्य और पृथ्वी के बीच आकर सूर्य को पूरी तरह ढक लेता है। इस दौरान चंद्रमा की गहरी छाया पृथ्वी के किसी हिस्से पर पड़ती है, जिसके कारण वहां कुछ समय के लिए दिन में ही अंधेरा छा जाता है। इस घटना में सूर्य का चमकीला भाग पूरी तरह चंद्रमा के पीछे छिप जाता है। इसी स्थिति को पूर्ण सूर्य ग्रहण कहा जाता है।
Surya Grahan 2026 LIVE: कब शुरू होगा सूर्य ग्रहण?
साल 2026 का दूसरा और अंतिम सूर्य ग्रहण आज यानी 12 अगस्त, बुधवार को घटित होगा। यह पूर्ण सूर्य ग्रहण होगा, जिसकी दृश्यता दुनिया के कुछ खास क्षेत्रों तक ही सीमित रहेगी। भारतीय समय के अनुसार इसकी शुरुआत रात 9 बजकर 4 मिनट पर होगी। ग्रहण रात 11 बजकर 16 मिनट के आसपास अपने अधिकतम चरण में पहुंचेगा और 13 अगस्त की रात 1 बजकर 28 मिनट पर समाप्त हो जाएगा।
Surya Grahan 2026 LIVE: एक पखवाड़े में दो ग्रहण का ज्योतिषीय प्रभाव
ज्योतिषीय मान्यताओं में कम अंतराल पर सूर्य और चंद्र ग्रहण का पड़ना महत्वपूर्ण माना जाता है। जब करीब 15 से 16 दिनों के भीतर दो ग्रहण आते हैं, तो इसे संवेदनशील अवधि के तौर पर देखा जाता है।
वराहमिहिर की बृहत्संहिता में भी एक ही महीने में दो ग्रहण होने से जुड़े कई संकेतों का उल्लेख मिलता है। पारंपरिक ज्योतिष के अनुसार, ऐसे समय में मौसम में असामान्य बदलाव, प्राकृतिक घटनाओं और सामाजिक स्तर पर अस्थिरता जैसी परिस्थितियों की आशंका मानी जाती है।
वहीं, सूर्य और चंद्र ग्रहण के एक ही महीने में पड़ने को लेकर ज्योतिषीय ग्रंथों में शासन व्यवस्था, राजनीतिक परिस्थितियों और सैन्य गतिविधियों में हलचल के संकेत बताए गए हैं।
Surya Grahan 2026 LIVE: वैश्विक स्तर पर संभावित प्रभाव
ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, जब करीब 15 दिनों के अंतराल में सूर्य और चंद्र ग्रहण पड़ते हैं, तो इसे वैश्विक स्तर पर महत्वपूर्ण अवधि माना जाता है।
आंदोलन और सामाजिक अस्थिरता: कुछ ज्योतिषीय मतों में इस दौरान विभिन्न क्षेत्रों में विरोध, प्रदर्शन और सामाजिक तनाव बढ़ने की आशंका जताई जाती है। इससे प्रशासन और सरकारों के सामने कानून-व्यवस्था से जुड़ी चुनौतियां आ सकती हैं।
प्राकृतिक घटनाएं: पारंपरिक ज्योतिष में ग्रहणों को भूकंप, चक्रवात, समुद्री हलचल और अन्य प्राकृतिक घटनाओं से भी जोड़ा गया है। हालांकि, इन दावों की वैज्ञानिक पुष्टि नहीं हुई है।
मौसम में बदलाव: कुछ क्षेत्रों में सामान्य से अधिक बारिश, तेज तूफान या लंबे समय तक सूखे जैसी असामान्य मौसमी परिस्थितियों की संभावना भी ज्योतिषीय मान्यताओं में बताई जाती है।
Surya Grahan Timing Today: इस समय शुरू होगा सूर्य ग्रहण
साल का आखिरी सूर्य ग्रहण आज रात को लगेगा। भारतीय समयानुसार यह सूर्य ग्रहण आज रात 09 बजकर 04 मिनट से शुरू होगा, जो रात 01 बजकर 27 मिनट पर खत्म होगा। रात 11 बजकर 16 मिनट पर यह अपने चरम पर होगा।