Surya Grahan 2026: सूर्य ग्रहण 2026 समय
17 फरवरी 2026 को सूर्य ग्रहण लग रहा है। यह हिंदू पंचाग की फाल्गुन अमावस्या तिथि है। इस दिन सूर्य ग्रहण शाम 3 बजकर 26 मिनट पर प्रारंभ होगा। इसका समापन शाम 7 बजकर 57 मिनट पर है। हालांकि, साल का पहला यह ग्रहण भारत में देखा नहीं जाएगा।
Surya Grahan 2026: कैसा होगा सूर्य ग्रहण ?
खगोल वैज्ञानिकों के मुताबिक, 17 फरवरी 2026 को वलयाकार सूर्य ग्रहण लगने वाला है। इसे अंग्रेज़ी में रिंग ऑफ फायर कहा जाता है। माना जाता है कि, जब चंद्रमा सूर्य को पूरी तरह नहीं ढक पाता और सूर्य का बाहरी भाग एक अग्नि-वलय यानी रिंग की तरह चमकता दिखाई देता है। तब वलयाकार ग्रहण की स्थिति बनती है।
Surya Grahan 2026: कहां-कहां नजर आएगा सूर्य ग्रहण ?
सूर्य ग्रहण भारत में नजर नहीं आएगा। लेकिन अटार्कटिका सहित अर्जेंटीना, बोत्सवाना, ब्रिटिश इंडियन ओशन क्षेत्र, चिली, कोमोरोस, इस्वातिनी (स्वाजीलैंड), फ्रांसीसी दक्षिणी क्षेत्र, लेसोथो, मेडागास्कर, मलावी, मॉरीशस, मायोटे, मोजाम्बिक, नामीबिया, रियूनियन आईलैंड्स, दक्षिण अफ्रीका, दक्षिणी जॉर्जिया/सैंडविच आईलैंड्स, तंजानिया, जाम्बिया और जिम्बॉब्वे में देखा जा सकता है।
Surya Grahan 2026: कैसा होगा सूर्य ग्रहण ?
खगोल वैज्ञानिकों के मुताबिक, 17 फरवरी 2026 को वलयाकार सूर्य ग्रहण लगने वाला है। इसे अंग्रेज़ी में रिंग ऑफ फायर कहा जाता है।
Surya Grahan 2026: 37 साल बाद कुंभ राशि में लगेगा सूर्य ग्रहण
17 फरवरी को सूर्य ग्रहण के साथ एक विशेष और दुर्लभ ज्योतिषीय स्थिति बन रही है। इस दिन कुंभ राशि में सूर्य, राहु, बुध, शुक्र और चंद्रमा एक साथ स्थित रहेंगे, जिससे पंचग्रही योग बनेगा। बताया जा रहा है कि ऐसा योग लगभग 37 वर्षों बाद बन रहा है; इससे पहले यह संयोग 1989 में बना था। ज्योतिष के जानकार इस स्थिति को काफी महत्वपूर्ण मान रहे हैं।
Surya Grahan 2026: सूर्य ग्रहण का समय और अवधि
- सूर्य ग्रहण की शुरुआत- दोपहर 3 बजकर 26 मिनट
- सूर्य ग्रहण का मध्य- शाम 5 बजकर 42 मिनट
- सूर्य ग्रहण की समाप्ति- रात 7 बजकर 57 मिनट
- ग्रहण की कुल अवधि- 4 घंटे 31 मिनट
Surya Grahan 2026: 'रिंग ऑफ फायर' क्या होता है?
जब चंद्रमा सूर्य और पृथ्वी के बीच आ जाता है, तब कभी-कभी वह पृथ्वी से थोड़ी अधिक दूरी पर होता है। दूरी अधिक होने के कारण उसका आकार छोटा दिखाई देता है और वह सूर्य को पूरी तरह ढक नहीं पाता। परिणामस्वरूप सूर्य का बाहरी हिस्सा चमकदार घेरा या छल्ले जैसा नजर आता है। इसी दृश्य को वैज्ञानिक “रिंग ऑफ फायर” कहते हैं।
Surya Grahan 2026: कितने तरह का होता है सूर्य ग्रहण
- आंशिक सूर्य ग्रहण – जब चंद्रमा सूर्य का केवल कुछ भाग ढकता है और सूर्य का बाकी हिस्सा दिखाई देता है।
- पूर्ण सूर्य ग्रहण – जब चंद्रमा सूर्य को पूरी तरह ढक लेता है और कुछ समय के लिए दिन में अंधेरा छा जाता है।
- वलयाकार सूर्य ग्रहण – जब चंद्रमा सूर्य के बीच में आ जाता है, लेकिन उसका आकार छोटा होने के कारण सूर्य के चारों ओर चमकदार वलय दिखाई देता है।
Surya Grahan 2026: क्या होता है सूतक काल?
ग्रहण शुरू होने से कुछ समय पहले सूतक काल माना जाता है। सूर्य ग्रहण से लगभग 12 घंटे पहले और चंद्र ग्रहण से करीब 9 घंटे पहले सूतक लग जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस अवधि में शुभ या मांगलिक कार्य नहीं किए जाते। पूजा-पाठ करना, देवी-देवताओं की मूर्तियों को स्पर्श करना और भोजन करना भी वर्जित माना जाता है।
Surya Grahan 2026: सूतक काल लगेगा या नहीं?
ज्योतिषियों के मुताबिक, सूर्य ग्रहण प्रारंभ होने से पहले 12 घंटे पहले सूतक काल लागू हो जाता है। इस अवधि में नया काम, पूजा-पाठ व यात्राएं करने से बचना चाहिए। इसके अलावा नए कपड़े पहनने की भी सख्त मनाही होती है। वहीं 17 फरवरी 2026 का यह सूर्य ग्रहण खगोलीय दृष्टि से भले ही महत्वपूर्ण हो, लेकिन भारत में यह प्रभावी नहीं होगी और इसलिए इसका सूतक काल भी नहीं लगेगा।
Surya Grahan 2026: क्यों लगता है सूर्य ग्रहण?
हिंदू मान्यता के अनुसार सूर्य और चंद्र ग्रहण की कहानी राहु और केतु से जुड़ी है। कहा जाता है कि समुद्र मंथन से निकले अमृत को देवताओं में बांटने के लिए भगवान विष्णु ने मोहिनी रूप धारण किया। उसी समय स्वर्भानु नाम का एक राक्षस देवता बनकर चुपचाप पंक्ति में बैठ गया और अमृत पी लिया।
सूर्य और चंद्रमा ने उसे पहचानकर विष्णु को बता दिया। तब विष्णु ने सुदर्शन चक्र से उसका सिर धड़ से अलग कर दिया। लेकिन अमृत पी लेने के कारण वह मरा नहीं। उसका सिर और धड़ दो अलग भागों में जीवित रहे, जिन्हें राहु और केतु कहा गया। मान्यता है कि यही राहु-केतु समय-समय पर सूर्य और चंद्रमा को ग्रसते हैं, जिसे हम सूर्य ग्रहण और चंद्र ग्रहण के रूप में देखते हैं।
Surya Grahan 2026: सूर्य ग्रहण पर भौमवती अमावस्या और पंचक
17 फरवरी का सूर्य ग्रहण कई मायनों में खास माना जा रहा है। इस दिन कुंभ राशि में सूर्य, चंद्रमा, बुध, शुक्र और राहु का पंचग्रही योग बनेगा। साथ ही भौमवती अमावस्या का संयोग भी है। इसके अलावा, यह समय अग्नि पंचक में भी आता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार पंचक के दौरान लकड़ी का फर्नीचर, चारपाई या खटिया बनवाने जैसे काम नहीं करने चाहिए।
Surya Grahan 2026: सूर्य ग्रहण में कैसे करें पितरों का श्राद्ध और तर्पण
- फाल्गुन अमावस्या पितरों के श्राद्ध और तर्पण के लिए शुभ तिथि मानी जाती है।
- इस दिन सूर्य ग्रहण भी लग रहा है, और सामान्यतः ग्रहण के समय धार्मिक कार्य वर्जित माने जाते हैं।
- लेकिन यह सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा, इसलिए पूजा-पाठ, श्राद्ध और तर्पण जैसे कार्य किए जा सकते हैं।
Surya Grahan 2026: करें इन मंत्रों का जाप
सूर्य गायत्री मंत्र
ॐ भास्कराय विद्महे महातेजाय धीमहि तन्नो सूर्य: प्रचोदयात्।
सूर्य बीज मंत्र
ॐ ह्रां ह्रीं ह्रौं सः सूर्याय नमः।
सूर्य का तांत्रिक मंत्र
ॐ ह्रां ह्रीं ह्रौं सः सूर्याय नमः।
सूर्य का वैदिक मंत्र
ॐ आकृष्णेन रजसा वर्तमानो निवेशयन्नमृतं मर्त्यञ्च।
हिरण्ययेन सविता रथेन देवो याति भुवनानि पश्यन्।।
सूर्य का सरल मंत्र
ॐ सूर्याय नमः।
Surya grahan 2026: किस राशि नक्षत्र में लगेगा साल का पहला सूर्य ग्रहण
साल 2026 का पहला सूर्य ग्रहण शनि की राशि कुंभ में होने वाला है। इसके साथ ही यह ग्रहण धनिष्ठा नक्षत्र में भी आएगा।
Surya Grahan 2026: सूर्य ग्रहण में क्या करें?
- ग्रहण के दौरान मंत्रों का जाप, ध्यान और योग करना शुभ माना जाता है।
- इस समय मन ही मन ईश्वर का नाम जप करना चाहिए।
- ग्रहण के दौरान या उसके बाद दान-दक्षिणा करने से पुण्य की प्राप्ति होती है।
Surya Grahan 2026:सूर्य ग्रहण में क्या न करें?
- सूर्य ग्रहण के दौरान खाना पकाने या भोजन करने से बचना चाहिए।
- गर्भवती महिलाएं, बच्चे और वृद्धजन विशेष सावधानी रखें।
- नुकीले या धारदार उपकरणों का उपयोग न करें।
- पूजा-पाठ या भगवान की मूर्तियों का स्पर्श वर्जित है।
- ये नियम सिर्फ तब लागू होते हैं जब सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई दे।
Surya Grahan 2026: सूर्य ग्रहण पर क्या पितृ पूजन कर सकते हैं?
- फाल्गुन अमावस्या पर पितरों का श्राद्ध, पिंडदान और तर्पण करने की परंपरा है।
- इस बार अमावस्या पर सूर्य ग्रहण का संयोग बन रहा है, जिससे कुछ लोग पितृ पूजन को लेकर चिंतित हैं।
- ज्योतिषविदों के अनुसार, यह ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा, इसलिए पितृ पूजन किया जा सकता है।
- दोपहर के समय पितृकर्म करना शुभ माना जाता है।
Surya Grahan 2026: सूर्य ग्रहण का मेष और वृषभ राशियों पर प्रभाव
मेष राशि
- मेष राशि वालों के लिए यह ग्रहण लाभकारी साबित हो सकता है।
- करियर में नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं।
- आर्थिक स्थिति में सुधार के योग हैं।
वृषभ राशि
- वृषभ राशि वालों के लिए तनाव की स्थिति बन सकती है।
- कार्यक्षेत्र में दबाव बढ़ सकता है।
- निवेश करने से बचना होगा।
- परिवार के साथ तालमेल बनाकर रखें।
Surya Grahan 2026: सूर्य ग्रहण का मिथुन और कर्क राशियों पर प्रभाव
मिथुन राशि
- मिथुन राशि वालों के खर्चों में बढ़ोतरी हो सकती है।
- धन खर्च होने से आर्थिक स्थिति भी प्रभावित होगी।
- अचानक यात्रा या स्वास्थ्य पर धन खर्च होने के योग हैं।
- नई योजनाएं भविष्य में लाभ दे सकती हैं।
कर्क राशि
- कर्क राशि वालों को शुभ समाचार मिल सकता है।
- संतान या परिवार से जुड़ी खुशखबरी मिल सकती है।
- कोई काम अगर अटका था, तो वह बन सकता है।
- सभी कार्यों से मानसिक संतोष मिलेगा।
Surya Grahan 2026: सूर्य ग्रहण को लेकर शास्त्रीय मत
17 फरवरी को सूर्य ग्रहण तो है, लेकिन यह पूरे भारत में दिखाई नहीं देगा। इसलिए इस समय से जुड़ी सूतक, दान या ग्रहण संबंधी कोई नियम लागू नहीं होंगे। पूजा-पाठ, जप, स्नान और अन्य धार्मिक कार्य पूरी तरह से किए जा सकते हैं। इसलिए किसी भी तरह के भ्रम या भय में न रहें।
Surya Grahan 2026: सूर्य ग्रहण के दौरान किन बातों का रखें ध्यान?
- ग्रहण से पहले स्नान करें और भगवान का ध्यान करें ताकि नकारात्मक ऊर्जा दूर रहे।
- मंदिरों के कपाट इस समय बंद रखें, केवल मंत्र जाप करना ही उचित माना गया है।
- ग्रहणकाल में भोजन अशुद्ध होता है, इसलिए उपवास रखें या केवल जल लें।
- सोना इस समय उचित नहीं माना जाता, क्योंकि इससे मानसिक और आध्यात्मिक ऊर्जा कमजोर होती है।
- स्नान और पूजा से शरीर और वातावरण की शुद्धि करें, फिर ही भोजन या अन्य काम करें।
- ग्रहण के बाद गरीबों को अन्न, वस्त्र या धन दें, इससे पुण्यफल कई गुना बढ़ता है।
Surya Grahan Time: कब शुरू होगा सूर्य ग्रहण?
सूर्य ग्रहण की शुरुआत दोपहर 3 बजकर 26 मिनट पर होगी और इसका समापन शाम 7 बजकर 57 मिनट पर होगा।
Surya Grahan 2026: कहां-कहां नजर आएगा सूर्य ग्रहण ?
सूर्य ग्रहण भारत में नजर नहीं आएगा। लेकिन अटार्कटिका सहित अर्जेंटीना, बोत्सवाना, ब्रिटिश इंडियन ओशन क्षेत्र, चिली, कोमोरोस, इस्वातिनी (स्वाजीलैंड), फ्रांसीसी दक्षिणी क्षेत्र, लेसोथो, मेडागास्कर, मलावी, मॉरीशस, मायोटे, मोजाम्बिक, नामीबिया, रियूनियन आईलैंड्स, दक्षिण अफ्रीका, दक्षिणी जॉर्जिया/सैंडविच आईलैंड्स, तंजानिया, जाम्बिया और जिम्बॉब्वे में देखा जा सकता है।
Surya Grahan 2026: ग्रहण के बाद क्या करें
- ज्योतिषियों के मुताबिक, ग्रहण समाप्त होने के बाद स्नान करें और पूरे घर में गंगाजल का छिड़काव करें। इसके बाद आप कच्चा अन्न दान कर सकते हैं। इसमें चावल, गेहूं, दाल जैसे कच्चे अन्न का नाम शामिल है। इससे शुभता आती है और घर में कभी भी अन्न-धन की कमी नहीं रहती।
- आप काले तिल का दान कर सकते हैं। इससे शनि और पितृ दोष से राहत मिलती है। अपनी क्षमता के अनुसार, लाल कपड़े, धन, भोजन, तांबे के बर्तन, केसरी रंग की चीजें और गुड़ का दान कर सकते हैं। यह करना भी लाभकारी होता है। इससे आर्थिक स्थिति मजबूत होती है और जीवन में मधुरता बनी रहती है। इसके अलावा जरूरतमंदों की सहायता करने से पुण्य की प्राप्ति होती है और बाधाएं कम होती हैं।
Surya Grahan 2026: क्या गर्भवती महिलाओं पर ग्रहण का प्रभाव पड़ेगा?
17 फरवरी 2026 को लगने वाला यह सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा, इसलिए यहां इसका सूतक काल भी मान्य नहीं होगा। इसके बावजूद कई लोग आस्था के आधार पर सावधानियां अपनाते हैं। माना जाता है कि ग्रहण के समय सूर्य की ऊर्जा प्रभावित होती है, जिससे मानसिक अस्थिरता या नकारात्मक विचार बढ़ सकते हैं। इसी कारण गर्भवती महिलाओं को शांत और सकारात्मक वातावरण में रहने की सलाह दी जाती है, ताकि वे तनाव से दूर रहें और शिशु पर कोई प्रतिकूल प्रभाव न पड़े।
Surya Grahan 2026: ग्रहण के दौरान गर्भवती महिलाएं क्या न करें?
- परंपरा के अनुसार ग्रहण काल में घर से बाहर निकलने से बचना चाहिए। कई लोग खिड़कियां और दरवाजे भी बंद रखते हैं। भारतीय समयानुसार यह ग्रहण शाम 5:26 बजे से शाम 7:57 बजे तक रहेगा।
- ग्रहण के दौरान भोजन पकाने या खाने से बचने की सलाह दी जाती है। हालांकि आवश्यकता होने पर फल और तरल पदार्थ लिए जा सकते हैं।
- दिन में सोने से बचना बेहतर माना जाता है, क्योंकि मान्यता है कि इससे आलस्य या नकारात्मक सोच बढ़ सकती है।
- सुई, कैंची, चाकू जैसी नुकीली वस्तुओं का प्रयोग न करने की भी सलाह दी जाती है। पारंपरिक विश्वास है कि इससे गर्भस्थ शिशु पर दुष्प्रभाव पड़ सकता है।
Surya Grahan 2026: सूर्य ग्रहण का सिंह और कन्या राशियों पर प्रभाव
सिंह राशि
- सिंह राशि वालों को सतर्क रहने की जरूरत है।
- किसी भी नए काम को करने से विशेष सावधानी रखनी होगी।
- साझेदारी में विवाद हो सकता है।
- किसी पर आंख मूंदकर भरोसा न करें।
कन्या राशि
- कन्या राशि वालों के लिए निवेश के मामले में लाभ के संकेत हैं।
- आपको नया घर, मकान, वाहन या कोई वस्तु विशेष की प्राप्ति होगी।
- नौकरी में उन्नति और प्रमोशन के योग बन सकते हैं।
Surya Grahan 2026: सूर्य ग्रहण के दिन जन्म लेने वाले लोग कैसे होते हैं?
ज्योतिष के अनुसार ग्रहण को शुभ नहीं माना जाता। मान्यता है कि यदि इस दौरान किसी बच्चे का जन्म हो, तो उसके जीवन में चुनौतियाँ बढ़ सकती हैं। कहा जाता है कि ग्रहण का असर बच्चे के भविष्य, प्रगति और सुख-शांति पर पड़ सकता है। कुछ मान्यताओं में यह भी माना जाता है कि ऐसे बच्चों को मानसिक या शारीरिक स्वास्थ्य से जुड़ी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। साथ ही, माता-पिता के साथ संबंधों में भी उतार-चढ़ाव आने की आशंका जताई जाती है।
Surya Grahan 2026: सूर्य ग्रहण में इन मंत्रों का करें जाप
- ऊँ आकृष्णेन रजसा वर्तमानो निवेशयन्नमृतं मर्त्यण्च ।
- हिरण्य़येन सविता रथेन देवो याति भुवनानि पश्यन ।।
- ऊँ घृणि: सूर्यादित्योम
- ऊँ घृणि: सूर्य आदित्य श्री
- ऊँ ह्रां ह्रीं ह्रौं स: सूर्याय: नम:
- ऊँ ह्रीं ह्रीं सूर्याय नम:
- जपाकुसुम संकाशं काश्यपेयं महाद्युतिम ।
Surya Grahan Time: ग्रहण काल में क्या करें
- मान्यता है कि सूर्य ग्रहण के समय वातावरण में नकारात्मक ऊर्जा बढ़ जाती है, इसलिए भोजन और पानी में तुलसी के पत्ते डालने की परंपरा है।
- ऐसा माना जाता है कि तुलसी डालने से ग्रहण के दुष्प्रभाव कम हो जाते हैं।
- ग्रहण के दौरान मंदिर में पूजा-पाठ या बड़े धार्मिक अनुष्ठान करना वर्जित माना गया है।
- इस समय भगवान विष्णु का ध्यान और उनके मंत्रों का जप करना शुभ माना जाता है।
- गायत्री मंत्र और महामृत्युंजय मंत्र का जाप भी विशेष रूप से फलदायी माना गया है।
Surya Grahan Time: सूर्य ग्रहण में किन कार्यों से बचें
- ग्रहण के समय बाल या नाखून काटना शुभ नहीं माना जाता।
- इस अवधि में यात्रा करने से भी बचने की सलाह दी जाती है।
- सूतक काल के नियम छोटे बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों पर लागू नहीं माने जाते।
- सूर्य ग्रहण को सीधे नंगी आंखों से देखना हानिकारक हो सकता है, इससे आंखों की रोशनी पर बुरा प्रभाव पड़ सकता है।
Surya Grahan 2026: सूर्य ग्रहण के दौरान करें इस चालीसा का पाठ
श्री सूर्य चालीसा
दोहा
कनक बदन कुंडल मकर, मुक्ता माला अंग।
पद्मासन स्थित ध्याइए, शंख चक्र के संग।।
चौपाई
जय सविता जय जयति दिवाकर, सहस्रांशु सप्ताश्व तिमिरहर।
भानु, पतंग, मरीची, भास्कर, सविता, हंस, सुनूर, विभाकर।
विवस्वान, आदित्य, विकर्तन, मार्तण्ड, हरिरूप, विरोचन।
अम्बरमणि, खग, रवि कहलाते, वेद हिरण्यगर्भ कह गाते।
सहस्रांशु, प्रद्योतन, कहि कहि, मुनिगन होत प्रसन्न मोदलहि।
अरुण सदृश सारथी मनोहर, हांकत हय साता चढ़ि रथ पर।
मंडल की महिमा अति न्यारी, तेज रूप केरी बलिहारी।
उच्चैश्रवा सदृश हय जोते, देखि पुरन्दर लज्जित होते।
मित्र, मरीचि, भानु, अरुण, भास्कर, सविता,
सूर्य, अर्क, खग, कलिहर, पूषा, रवि,
आदित्य, नाम लै, हिरण्यगर्भाय नमः कहिकै।
द्वादस नाम प्रेम सो गावैं, मस्तक बारह बार नवावै।
चार पदारथ सो जन पावै, दुख दारिद्र अघ पुंज नसावै।
नमस्कार को चमत्कार यह, विधि हरिहर कौ कृपासार यह।
सेवै भानु तुमहिं मन लाई, अष्टसिद्धि नवनिधि तेहिं पाई।
बारह नाम उच्चारन करते, सहस जनम के पातक टरते।
उपाख्यान जो करते तवजन, रिपु सों जमलहते सोतेहि छन।
छन सुत जुत परिवार बढ़तु है, प्रबलमोह को फंद कटतु है।
अर्क शीश को रक्षा करते, रवि ललाट पर नित्य बिहरते।
सूर्य नेत्र पर नित्य विराजत, कर्ण देश पर दिनकर छाजत।
भानु नासिका वास करहु नित, भास्कर करत सदा मुख कौ हित।
ओठ रहैं पर्जन्य हमारे, रसना बीच तीक्ष्ण बस प्यारे।
कंठ सुवर्ण रेत की शोभा, तिग्मतेजसः कांधे लोभा।
पूषा बाहु मित्र पीठहिं पर, त्वष्टा-वरुण रहम सुउष्णकर।
युगल हाथ पर रक्षा कारन, भानुमान उरसर्मं सुउदरचन।
बसत नाभि आदित्य मनोहर, कटि मंह हंस, रहत मन मुदभर।
जंघा गोपति, सविता बासा, गुप्त दिवाकर करत हुलासा।
विवस्वान पद की रखवारी, बाहर बसते नित तम हारी।
सहस्रांशु, सर्वांग सम्हारै, रक्षा कवच विचित्र विचारे।
अस जोजजन अपने न माहीं, भय जग बीज करहुं तेहि नाहीं।
दरिद्र कुष्ट तेहिं कबहुं न व्यापै, जोजन याको मन मंह जापै।
अंधकार जग का जो हरता, नव प्रकाश से आनन्द भरता।
ग्रह गन ग्रसि न मिटावत जाही, कोटि बार मैं प्रनवौं ताही।
मन्द सदृश सुतजग में जाके, धर्मराज सम अद्भुत बांके।
धन्य-धन्य तुम दिनमनि देवा, किया करत सुरमुनि नर सेवा।
भक्ति भावयुत पूर्ण नियम सों, दूर हटत सो भव के भ्रम सों।
परम धन्य सो नर तनधारी, हैं प्रसन्न जेहि पर तम हारी।
अरुण माघ महं सूर्य फाल्गुन, मध वेदांगनाम रवि उदय।
भानु उदय वैसाख गिनावै, ज्येष्ठ इन्द्र आषाढ़ रवि गावै।
यम भादों आश्विन हिमरेता, कातिक होत दिवाकर नेता।
अगहन भिन्न विष्णु हैं पूसहिं, पुरुष नाम रवि हैं मलमासहिं।
दोहा
भानु चालीसा प्रेम युत, गावहिं जे नर नित्य।
सुख सम्पत्ति लहै विविध, होंहि सदा कृतकृत्य।।
Surya Grahan 2026: ग्रहण से बचने के उपाय
- शास्त्रों में सूर्य ग्रहण के प्रभाव से बचने के लिए कुछ खास उपाय बताए गए हैं।
- ग्रहण के दौरान नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव बढ़ जाता है।
- इससे बचने के लिए गायत्री मंत्र और महामृत्युंजय मंत्र का जाप करें। इससे नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव कम होता है।
- ग्रहण के बाद पवित्र नदियों में स्नान और गरीबों को दान करने से दोषों से मुक्ति मिलती है।
- ग्रहण के बाद घर में गंगाजल का छिड़काव करें। इससे वातावरण शुद्ध होता है।
- ग्रहण के दौरान भोजन न करें और पानी में तुलसी के पत्ते डालें, जिससे भोजन पर ग्रहण का प्रभाव न पड़े।
- ग्रहण के दौरान सोने से बचें और मंत्र जाप करते रहें।
Surya Grahan 2026: अपनी राशि के अनुसार करें ये उपाय
मेष राशि
उपाय: हनुमान चालीसा का पाठ
वृषभ राशि
उपाय: मां लक्ष्मी की पूजा, सफेद वस्त्र या चावल दान
मिथुन राशि
उपाय: तुलसी पर जल चढ़ाएं
कर्क राशि
उपाय: दूध में केसर मिलाकर शिवलिंग पर चढ़ाएं।
सिंह राशि
उपाय: गेहूं दान करें।
कन्या राशि
उपाय: दुर्गा सप्तशती पाठ।
तुला राशि
उपाय: मीठा भोजन बांटें।
वृश्चिक राशि
उपाय: रुद्राभिषेक करें।
धनु राशि
उपाय: विष्णु सहस्रनाम पाठ
मकर राशि
उपाय: शनि मंत्र जप।
कुंभ राशि
उपाय: दान करें।
मीन राशि
उपाय: शिवलिंग पर जल अर्पित करें।
Surya Grahan 2026: सूर्य ग्रहण का तुला और वृश्चिक राशि पर प्रभाव
तुला राशि
- तुला राशि वालों के लिए समय प्रभावशाली रहेगा।
- आपकी बातों का असर लोगों पर पड़ेगा।
- समाज में सम्मान बढ़ेगा और नए लोगों से मिलेंगे।
- प्रेम संबंध मजबूत होंगे और सामाजिक प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी।
वृश्चिक राशि
- वृश्चिक राशि वालों के लिए समय शुभ रहेगा।
- पुराने विवाद समाप्त हो सकते हैं।
- धन लाभ के अवसर मिलेंगे और आत्मविश्वास बढ़ेगा।
- कोई खास मिलने भी आ सकता है।
Surya Grahan 2026: किस राशि और नक्षत्र में लगेगा ग्रहण
सूर्य ग्रहण कुंभ राशि और धनिष्ठा नक्षत्र में घटित होगा। ज्योतिष के अनुसार यह समय थोड़ा संवेदनशील माना जा रहा है। ग्रहण के दौरान कर्क लग्न रहेगा और कई ग्रह अष्टम भाव में एक साथ स्थित होंगे, जिसे सामान्यतः शुभ संकेत नहीं माना जाता। ज्योतिषियों का मानना है कि इसका प्रभाव खासकर पश्चिमी देशों में देखने को मिल सकता है, जहां भारी बारिश, तूफान या प्राकृतिक आपदाओं जैसी परिस्थितियां बन सकती हैं।
Surya Grahan 2026: ग्रहण के दौरान न करें ये गलतियां
- ग्रहण के दौरान बाहर निकलने से बचना चाहिए, ताकि सूर्य की सीधी किरणों का प्रभाव शरीर पर न पड़े।
- मान्यता है कि इस समय, विशेषकर गर्भवती महिलाओं को, सुई, कैंची या चाकू जैसी नुकीली वस्तुओं का उपयोग नहीं करना चाहिए।
- ग्रहण शुरू होने से पहले भोजन और पानी में तुलसी के पत्ते डाल देना शुभ माना जाता है, क्योंकि तुलसी को पवित्र माना गया है।
- मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा के लिए “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” या गायत्री मंत्र का जप करना लाभकारी माना जाता है।
Surya Grahan Time: सूर्य ग्रहण ग्रहण का समय
- ग्रहण की शुरुआत: दोपहर 03:26 बजे
- ग्रहण का मध्यकाल: शाम 05:42 बजे
- ग्रहण का समापन: शाम 07:57 बजे
Surya Grahan Time: कितने घंटे का होगा सूर्यग्रहण
यह सूर्य ग्रहण लगभग 4 घंटे 31 मिनट तक रहेगा। इसकी शुरुआत दोपहर 3 बजकर 26 मिनट पर होगी और समापन शाम 7 बजकर 57 मिनट पर होगा। यह कंकण (वलयाकार) सूर्य ग्रहण होगा, जिसमें सूर्य का किनारा छल्ले की तरह दिखाई देता है।
Surya Grahan: कुछ ही देर में अपने चरम पर होगा सूर्य ग्रहण
- सूर्य ग्रहण दोपहर 3:26 बजे से शुरू हो चुका है।
- इसका समापन शाम 07 बजकर 57 मिनट पर होगा।
- यह सूर्य ग्रहण शनि के स्वामित्व वाली राशि कुंभ में लगेगा।
- इस दौरान शाम 5.42 बजे ग्रहण अपने चरम पर होगा।
- इसमें सूर्य 'रिंग ऑफ फायर' की तरह दिखाई देगा।
Surya Grahan 2026: कहां नजर आएगा सूर्य ग्रहण?
सूर्य ग्रहण भारत में नजर नहीं आएगा। लेकिन अटार्कटिका सहित अर्जेंटीना, बोत्सवाना, ब्रिटिश इंडियन ओशन क्षेत्र, चिली, कोमोरोस, इस्वातिनी (स्वाजीलैंड), फ्रांसीसी दक्षिणी क्षेत्र, लेसोथो, मेडागास्कर, मलावी, मॉरीशस, मायोटे, मोजाम्बिक, नामीबिया, रियूनियन आईलैंड्स, दक्षिण अफ्रीका, दक्षिणी जॉर्जिया/सैंडविच आईलैंड्स, तंजानिया, जाम्बिया और जिम्बॉब्वे में देखा जा सकता है।
Surya Grahan 2026: इस राशि और नक्षत्र में सूर्य ग्रहण जारी
साल का पहला सूर्य ग्रहण अब जारी है। पंचांग के अनुसार यह सूर्य ग्रहण कुंभ राशि और धनिष्ठा नक्षत्र में लग रहा है। जिससे सभी 12 राशियों पर कुछ न कुछ प्रभाव जरूर होगा। ग्रहण के दौरान जिन-जिन जगहों पर यह ग्रहण का प्रभाव चल रहा है वहां पर प्राकृतिक आपदाओं का सामना करना पड़ सकता है।
Surya Grahan 2026 Live: भारत में सूर्य ग्रहण नहीं, क्या ऐसे में शुभ कार्य कर सकते हैं?
जब सूतक काल लगता है तो सूर्य ग्रहण के दिन पूजा, पाठ, विवाह, गृह प्रवेश, मुंडन, उपनयन समेत सभी शुभ संस्कार करने की मनाही होती है। आज का सूर्य ग्रहण भारत में नहीं दिख रहा है, ऐसे में इसका सूतक काल मान्य नहीं है। इस स्थिति में शुभ कार्य कर सकते हैं, उस पर कोई रोक नहीं है। हालांकि फिर भी ग्रहण वाले दिन मांगलिक कार्य करने से बचना चाहिए।
Surya Grahan 2026 Do's And Don'ts: ग्रहण के दौरान क्या करें और क्या न करें
- भगवान का नाम जपें करें।
- कोई भी नया काम व यात्रा न करें।
- ग्रहण के बाद घर में गंगाजल का छिड़काव करें।
- ग्रहण के समय भोजन करना वर्जित माना गया है।
- लंबी यात्रा करने से बचें।
- गर्भवती भूलकर भी सुई से जुड़े काम न करें।
- आसमान को देखने की भूल न करें।
- घर के दरवाजे और खिड़की बंद रखें।
- ग्रहण के समय सोने से बचें।
- पूजा-पाठ या मूर्ति स्पर्श न करें।
- किसी भी प्रकार का मांगलिक कार्य न करें।
How to watch Solar Eclipse: सूर्य ग्रहण कैसे देखना चाहिए?
ज्योतिष के साथ-साथ वैज्ञानिक दृष्टि से भी सूर्य ग्रहण बेहद महत्वपूर्ण घटना मानी जाती है। इस दौरान लोग इस अद्भुत पल को देखना चाहते हैं, लेकिन इसे प्रत्यक्ष रूप से देखना हानिकारक होता है, इससे आंखों की रोशनी पर असर पड़ सकता है। सूर्य ग्रहण को सोलर फिल्टर, सोलर टेलीस्कोप और विशेष प्रकार के कैमरों के माध्यम से ही देखा जाना चाहिए।
How to watch Live Solar Eclipse 2026: यहां देखें सूर्य ग्रहण 2026 लाइव?
यदि आप घर बैठे सूर्य ग्रहण के अद्भुत नजारे का लुत्फ उठाना चाहते हैं, तो यह बेहद आसान है। सूर्य ग्रहण को प्रत्यक्ष रूप से देखना आंखों के लिए हानिकारक होता है। लेकिन फिर भी आप इस खगोलीय घटना के साक्षी बनना चाहते हैं तो, आप नीचे दी गई वीडियो पर भी क्लिक कर के लाइव सूर्य ग्रहण देख सकते हैं।
Surya Grahan 2026: कुछ ही देर में अपने चरम पर होगा सूर्य ग्रहण
- सूर्य ग्रहण दोपहर 3:26 बजे से शुरू हो चुका है।
- इसका समापन शाम 07: 57 बजे पर होगा।
- इस दौरान शाम 5.42 बजे ग्रहण अपने चरम पर होगा।
- इसमें सूर्य 'रिंग ऑफ फायर' की तरह दिखाई देगा।
Surya Grahan 2026 Katha: सूर्य ग्रहण की पौराणिक कथा
हिंदू पुराणों में राहु और केतु को असुर शक्तियों का प्रतीक माना गया है। सूर्य ग्रहण से जुड़ी कथा समुद्र मंथन की घटना से संबंधित मानी जाती है। मान्यता के अनुसार जब देवता और दानवों ने मिलकर क्षीरसागर का मंथन किया, तब उसमें से अमृत कलश प्रकट हुआ। अमृत प्राप्त करने के लिए दोनों पक्षों के बीच विवाद उत्पन्न हो गया, क्योंकि जो भी अमृत पी लेता, वह अमर हो जाता।
स्थिति को संभालने के लिए भगवान विष्णु ने मोहिनी का रूप धारण किया। मोहिनी रूप में उन्होंने चतुराई से अमृत का वितरण शुरू किया और केवल देवताओं को ही अमृत पिलाने लगे। दानवों को इस बात का आभास नहीं हुआ कि उनके साथ छल हो रहा है।
इसी दौरान राहु नामक एक असुर ने देवता का वेश बना लिया और चुपके से देवताओं की पंक्ति में जाकर बैठ गया। उसने भी अमृत की कुछ बूंदें ग्रहण कर लीं। तभी सूर्य देव और चंद्र देव ने राहु को पहचान लिया और इसकी जानकारी भगवान विष्णु को दे दी।
भगवान विष्णु ने तुरंत सुदर्शन चक्र से राहु का सिर उसके धड़ से अलग कर दिया। हालांकि, अमृत का स्पर्श हो जाने के कारण उसका सिर अमर हो चुका था। कहा जाता है कि राहु का कटा हुआ सिर आकाश में स्थापित हो गया, जबकि धड़ केतु के रूप में जाना गया।
पौराणिक मान्यता है कि राहु सूर्य और चंद्रमा से क्रोधित रहता है, क्योंकि उनकी वजह से उसका भेद खुला था। यही कारण है कि वह समय-समय पर सूर्य और चंद्रमा को निगलने का प्रयास करता है। जब वह सूर्य को ग्रसता है, तब सूर्य ग्रहण होता है और जब चंद्रमा को ग्रसता है, तब चंद्र ग्रहण लगता है।
इस प्रकार सूर्य ग्रहण की यह कथा धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से विशेष महत्व रखती है।
Surya Grahan Mantra: सूर्य ग्रहण के दौरान करें इन 5 मंत्रों का जाप
सूर्य गायत्री मंत्र
ॐ भास्कराय विद्महे महातेजाय धीमहि तन्नो सूर्य: प्रचोदयात्।
सूर्य बीज मंत्र
ॐ ह्रां ह्रीं ह्रौं सः सूर्याय नमः।
सूर्य का तांत्रिक मंत्र
ॐ ह्रां ह्रीं ह्रौं सः सूर्याय नमः।
सूर्य का वैदिक मंत्र
ॐ आकृष्णेन रजसा वर्तमानो निवेशयन्नमृतं मर्त्यञ्च।
हिरण्ययेन सविता रथेन देवो याति भुवनानि पश्यन्।।
सूर्य का सरल मंत्र
ॐ सूर्याय नमः।
Surya Grahan 2026: ग्रहण के समय ध्यान रखने योग्य बातें
- ग्रहण काल में बाहर निकलने से बचें, भले ही यह भारत में दिखाई न दे।
- गर्भवती महिलाएं सुई, कैंची या अन्य धारदार वस्तुओं का उपयोग न करें।
- ग्रहण शुरू होने के बाद भोजन न करें।
- सकारात्मक ऊर्जा के लिए “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” या गायत्री मंत्र का जाप करें।
Annular Solar Eclipse 2026: कंकण सूर्य ग्रहण
जब चंद्रमा पृथ्वी और सूर्य के बीच सूर्य की रोशनी आंशिक या पूर्ण रूप से लगती है, तब सूर्य ग्रहण बनता है। लेकिन हर सूर्य ग्रहण वैसा नहीं होता। यदि ग्रहण के समय चंद्रमा पृथ्वी से अधिक दूरी पर हो, तो वह आकार में छोटा तथा सूर्य में दिखाई देता है
ऐसी स्थिति में सूर्य का मध्य भाग चंद्रमा से ढका हुआ है, जबकि उसकी बाहरी चमक दिखाई देती है। यह दृश्य अग्नि की अंगूठी या चमकती हुई वस्तु जैसा प्रतीत होता है। इसी कारण से इसे कंकण सूर्य ग्रह, वलयाकार सूर्य ग्रह कहा जाता है।
Surya Grahan 2026 Timing: कब खत्म होगा सूर्य ग्रहण?
- सूर्य ग्रहण आज दोपहर में 3:26 बजे शुरू हुआ था।
- इस दौरान शाम 5.42 बजे ग्रहण अपने चरम पर रहा
- एक घंटे बाद यह ग्रहण समाप्त होने वाला है।
- शाम 07: 57 बजे सूर्य ग्रहण समाप्त हो जाएगा।
Surya Grahan 2026: दुनिया के कई हिस्सों में दिखा रिंग ऑफ फायर
दुनिया के कई देशों में आज साल का पहला सूर्य ग्रहण देखा गया। इस दौरान कई जगहों पर रिंग ऑफ फायर का नजारा देखने को मिला। इस घटना को वलयाकार सूर्य ग्रहण कहा जाता है। जिसमें यह नजारा तब बनता है जब चंद्रमा पृथ्वी और सूर्य की बीच पहुंचकर सूर्य के बीच वाले हिस्सों को ढक लेता है। जिसमें केवल सूर्य का बाहरी चमकदार आकृति दिखाई देती है।
Solar Eclipse 2026: इस सूर्य ग्रहण का सूतक काल
भारत में इस सूर्य ग्रहण को नहीं देखा जा सका है, इस कारण से इसका सूतक काल मान्य नहीं है। सूर्य ग्रहण में सूतक काल 12 घंटे पहले और जबकि चंद्र ग्रहण में 9 घंटे पहले सूतक काल लग जाता है। सूतक काल को अशुभ माना जाता है।
साल का पहला सूर्य ग्रहण और रिंग ऑफ फायर
अंटार्कटिका में दिखा रिंग ऑफ फायर का नजारा
Surya Grahan 2026: कब खत्म होगा सूर्य ग्रहण ?
दुनिया के कई देशों में सूर्य ग्रहण के दौरान वलयाकार सूर्य ग्रहण का नजारा दिखाई दिया, जिसे रिंग ऑफ फायर के नाम से जाना जाता है। सूर्य ग्रहण का चरम काल अब समाप्त हो चुका है और यह ग्रहण शाम 07 बजकर 57 मिनट पर खत्म होगा।
सूर्य ग्रहण के बाद करें दान
सूर्य ग्रहण समाप्त होने के बाद स्नान कर पूजा-अर्चना करें। श्रद्धा अनुसार गरीब लोगों को चना, गेहूं, गुड़ और दाल का दान करें। इसके अलावा केले, बेसन के लड्डू और पेड़े का भी दान करना चाहिए। लाल रंग के वस्त्र, दूध और चावल का भी दान कर सकते हैं।
Chandra Grahan 2026: 03 मार्च को साल का पहला चंद्र ग्रहण
साल के पहले सूर्य ग्रहण के बाद 03 मार्च को पहला चंद्र ग्रहण भी लगेगा। यह ग्रहण भारत में दिखाई देगा जिसके कारण सूतक काल प्रभावी होगा। देश के कई हिस्सों में इस चंद्र ग्रहण को देखा जा सकेगा।
सूर्य ग्रहण के बाद करें यह कार्य
सूर्य ग्रहण के बाद घर में झाड़ू लगाएं और गंगाजल का छिड़काव कर शुद्ध करें। माना जाता है कि इस कार्य को करने से घर में सूर्य ग्रहण की नकारात्मक शक्तियां खत्म हो जाती हैं।
साल के पहले सूर्य ग्रहण के बाद 03 मार्च को चंद्र ग्रहण भी लगेगा। यह ग्रहण भारत में दिखाई देगा जिसके कारण सूतक काल प्रभावी होगा। देश के कई हिस्सों में इस ग्रहण को देखा जा सकेगा।