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Surya Grahan 2025: शुरू हुआ साल का आखिरी सूर्य ग्रहण, जानें प्रभाव और कहां-कहां देगा दिखाई

Sun, 21 Sep 2025 11:27 PM IST
विनोद शुक्ला ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला

सार

Surya Grahan 2025: 21 सितंबर को साल का दूसरा और आखिरी सूर्य लग चुका है। यह एक आंशिक सूर्य ग्रहण है। इस महीने यह दूसरा ग्रहण होगा इससे पहले 7 सितंबर को साल का आखिरी चंद्र ग्रहण लगा था। यह सूर्य ग्रहण भारतीय समयानुसार रात 10 बजकर 59 मिनट से शुरू हुआ है, जो 22 सितंबर को तड़के 3 बजकर 32 मिनट तक रहेगा। यह ग्रहण रात में लगेगा जिसके कारण इसे भारत में नहीं देखा जा सकेगा। 
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Surya Grahan 2025 - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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Surya Grahan in India 2025 Solar Eclipse Date, Sutak Kaal Time, Upay In Hindi: आज सर्वपितृ अमावस्या तिथि है और आज के ही दिन साल का दूसरा और आखिरी सूर्य ग्रहण लगने जा रहा है। यह ग्रहण आंशिक सूर्य ग्रहण होगा जिसमें चंद्रमा सूर्य को पूरी तरह से नहीं ढकेगा बल्कि सूर्य के कुछ हिस्से पर परछाई पड़ेगी। यह ग्रहण भारत में नहीं दिखाई देगा। जिसके चलते सूर्य ग्रहण का सूतक काल नहीं लगेगा। आइए जानते हैं इस सूर्य ग्रहण की हर एक अपडेट... 
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Surya Grahan 2025: आज कितने बजे लगेगा सूर्य ग्रहण ?

साल का आखिरी सूर्य ग्रहण आज लगने जा रहा है। यह सूर्य ग्रहण एक आंशिक सूर्य ग्रहण होगा। जो भारतीय समय के अनुसार रात 10 बजकर 59 मिनट पर शुरू होगा। यह ग्रहण रात 03 बजकर 32 मिनट पर खत्म हो जाएगा। ग्रहण का चरम काल रात 01 बजकर 11 मिनट पर होगा।

Solar Eclipse 2025: क्यों लगता है सूर्य ग्रहण ? 

आज साल का आखिरी सूर्य ग्रहण लगेगा। यह एक आंशिक सूर्य ग्रहण होगा। पृथ्वी सूर्य की परिक्रमा करती है और धरती के साथ चंद्रमा भी सूर्य की परिक्रमा करता है। हालांकि, चांद धरती के भी चक्कर लगाता है। ऐसे में कई बार चंद्रमा घूमते हुए सूर्य और पृथ्वी के बीच में आ जाता है। इससे कुछ समय के लिए सूर्य का प्रकाश पृथ्वी तक नहीं पहुंत पाता है, जिसे सूर्य ग्रहण कहा जाता है। इस दौरान चंद्रमा की परछाई धरती पर पड़ती है। 

Surya Grahan 2025 Rules: साल का दूसरा और आखिरी सूर्य ग्रहण आज, भूलकर भी न करें ये काम



 

Surya Grahan 2025: कहां-कहां दिखाई देगा यह सूर्य ग्रहण

साल का यह आखिरी सूर्य ग्रहण होगा जो आंशिक होगा। इस ग्रहण को भारत में नहीं देखा जा सकेगा। क्योंकि ग्रहण का समय भारतीय समय के अनुसार रात को होगा। यह सूर्य ग्रहण ऑस्ट्रेलिया के दक्षिणी भागों में, प्रशांत महासागर, अटलांटिक महासागर और अंटार्कटिका में दिखाई देगा।

Surya Grahan 2025: इन देशों में दिखेगा साल का आखिरी सूर्य ग्रहण

खगोलशास्त्र के अनुसार जब पृथ्वी, चंद्रमा और सूर्य तीनों एक सीधी लाइन में आ जाते हैं तो सूर्य ग्रहण की घटना घटित होती है। आज साल का आखिरी सूर्य ग्रहण होगा। यह ग्रहण कन्या राशि और उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र में लगेगा। इस ग्रहण को ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड और प्रशांत महासागर में देखा जा सकते हैं। भारत में इस ग्रहण को नहीं देखा जा सकेगा क्योंकि ग्रहण के समय भारत में रात होगी। 

Surya Grahan 2025 Sutak Timing: सूर्य ग्रहण आज , क्या सूतक काल होगा मान्य ?

आज रात साल का दूसरा और आखिरी सूर्य ग्रहण लगेगा। धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक सूर्य ग्रहण के प्रारंभ होने से 12 घंटे पहले सूतक काल लगता है। यह अवधि में शुभ-मांगलिक कार्य और किसी भी चीज की खरीदारी करना वर्जित होता है। लेकिन साल 2025 का यह आखिरी सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा। आज के ग्रहण में सूतक काल मान्य नहीं होगा। इसलिए ग्रहण का धार्मिक कार्यों से लेकर खानपान और यात्राओं पर कोई असर नहीं होगा। 
 

Surya Grahan 2025: सूर्य ग्रहण पर क्या करें

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सूर्य ग्रहण के दौरान सूर्य देवता राहु-केतु के कारण कष्ट में रहते हैं। ऐसे में ग्रहण के दौरान लगातार जप-तप करना अच्छा माना जाता है। इस बार यह सूर्य ग्रहण भारत में नहीं दिखेगा, जिसके कारण सूतक काल मान्य नहीं होगा। ऐसे में मंदिरों और घरों में पहले की तरह पूजा-पाठ होते रहेंगे। जब ग्रहण में सूतक काल प्रभावी हो ग्रहण के बाद घर के हर एक हिस्से में  गंगाजल का छिड़काव करना चाहिए। 

Surya Grahan 2025: सूर्य ग्रहण इस राशि और नक्षत्र में लगेगा

21 सितंबर को जब सूर्य कन्या राशि में रहेंगे और नक्षत्र उत्तरा फाल्गुनी होगा, तब सूर्य ग्रहण लगेगा। इस दिन कन्या राशि में सूर्य के साथ-साथ चंद्रमा और बुध भी मौजूद रहेंगे। बुध और सूर्य की इस युति को बुधादित्य योग कहा जाता है, जो ग्रहण के समय बना रहेगा।

Surya Grahan 2025: सूर्य ग्रहण के साथ पितृपक्ष खत्म, चंद्र ग्रहण के साथ शुरू हुआ था

आज सर्वपितृ अमावस्या तिथि है और आज साल का आखिरी सूर्य ग्रहण भी है। यह सूर्य ग्रहण आंशिक होगा लेकिन इसको भारत में नहीं देखा जा सकेगा। इस बार पितृपक्ष के शुरू होने पर 7 सितंबर को चंद्र ग्रहण लगा था और 21 सितंबर को पितृपक्ष के खत्म होने पर सूर्य ग्रहण।

Surya Grahan 2025: ग्रहण के प्रभाव से बचने के उपाय

  • शास्त्रों में सूर्य ग्रहण के प्रभाव से बचने के लिए कुछ खास उपाय बताए गए हैं।
  • ग्रहण के दौरान नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव बढ़ जाता है। 
  • इससे बचने के लिए गायत्री मंत्र और महामृत्युंजय मंत्र का जाप करें। इससे नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव कम होता है।
  • ग्रहण के बाद पवित्र नदियों में स्नान और गरीबों को दान करने से दोषों से मुक्ति मिलती है।
  • ग्रहण के बाद घर में गंगाजल का छिड़काव करें। इससे वातावरण शुद्ध होता है।
  • ग्रहण के दौरान भोजन न करें और पानी में तुलसी के पत्ते डालें, जिससे भोजन पर ग्रहण का प्रभाव न पड़े।
  • ग्रहण के दौरान सोने से बचें और मंत्र जाप करते रहें।

Surya Grahan Time Today : सूर्य ग्रहण का समय

भारतीय समय के अनुसार आज यानी 21 सितंबर को सूर्य ग्रहण रात 11 बजे से शुरू होकर 22 सितंबर को तड़के 3 बजकर 24 मिनट तक चलेगा। यह ग्रहण भारत में नहीं दिखेगा लेकिन जहां भी इस ग्रहण को देखा जाएगा वहां पर सूतक काल मान्य रहेगा। सूर्य ग्रहण के लगने पर सूतक काल 12 घंटे पहले लागू होता है और यह ग्रहण के खत्म होने के साथ ही समाप्त हो जाता है। 

Surya Grahan Time Today: दुनिया के इस हिस्से में दिखेगा ग्रहण का शानदार नजारा

आज लगने वाला ग्रहण साल का आखिरी सूर्य ग्रहण होगा। इस ग्रहण को भारत में तो नहीं देखा जा सकेगा लेकिन दुनिया के दूसरे कई देशों में यह आंशिक सूर्य ग्रहण दिखाई देगा। यह ग्रहण अंटार्कटिका में सबसे अच्छा दिखाई देगा। 

Surya Grahan 2025 September: सूर्य ग्रहण पर इन राशि वालों की बढ़ेगी परेशानियां

मिथुन राशि- आपको इस समय सतर्क रहना होगा। रिश्तों में तनाव और करियर में गलत निर्णय की संभावना है, इसलिए जल्दबाजी से बचें। निवेश में घाटा और मानसिक दबाव बढ़ सकता है। 

कन्या राशि- आपको सेहत और व्यवहार पर ध्यान देना चाहिए। बड़े फैसले टालें और संतान से जुड़ी चिंता मन को व्यस्त रखेगी। व्यापार में हानि या कर्ज संभव है, लेकिन धैर्य से स्थिति संभलेगी। 

धनु राशि- आपके लिए कार्यस्थल पर चुनौतियां रहेंगी। अतिरिक्त मेहनत की आवश्यकता होगी। मतभेद और पुराने रोग परेशान कर सकते हैं, पर संयम रखकर समाधान मिल जाएगा।

Surya Grahan 2025 September: सूर्य ग्रहण के दौरान न करें ऐसी गलतियां

सूर्य ग्रहण को कभी नंगी आंखों से नहीं देखना चाहिए। क्योंकि इस दौरान सूर्य की किरणें आंखों पर बुरा प्रभाव पहुंचा सकती हैं। ऐसे में आपको स्पेशल ग्लास या फिल्टर से ही सूर्य ग्रहण को देखा जाना चाहिए। 
 

Surya Grahan 2025 September: ग्रहण में गर्भवती महिलाओं को किन चीजों से बचना चाहिए

  • ग्रहण लगने से पहले सूतक काल शुरू हो जाता है। इस दौरान गर्भवती महिलाओं को घर से बाहर निकलने से परहेज करना चाहिए।
  • इस अवधि में नुकीली वस्तुओं जैसे चाकू, कैंची या सुई का उपयोग वर्जित माना गया है। 
  • रसोई से जुड़े कामों को भी टालना चाहिए और कोशिश करनी चाहिए कि अधिकतर समय आराम करने में बिताएं।
  • घर की खिड़कियां और दरवाजे बंद रखें ताकि सूर्य की किरणें सीधे शरीर पर न पड़ें। मान्यता है कि ग्रहण काल में यह किरणें गर्भवती महिलाओं के लिए हानिकारक हो सकती हैं।
  • इस समय क्रोध, वाद-विवाद या किसी के प्रति नकारात्मक विचार मन में लाना भी उचित नहीं है, क्योंकि इसका बुरा असर गर्भ में पल रहे शिशु पर पड़ सकता है।
  • बाल और नाखून काटने से बचना चाहिए और नकारात्मक वातावरण वाले स्थानों से दूरी बनानी चाहिए।

Surya Grahan 2025 Live Streaming को कहां देखें ?

आज रात करीब 11 बजे से साल का आखिरी सूर्य ग्रहण लगेगा। आप इस सूर्य ग्रहण Nasa और Timeanddate.com पर लाइव देख सकते हैं। इसके अलावा कई दूसरे You Tube चैनल पर देख सकते हैं। 
 

Surya Grahan 2025: सूर्य ग्रहण के बाद क्या करें

हिंदू धर्म में ग्रहण की घटना को अच्छा नहीं माना जाता है। ग्रहण के दौरान सभी देवी-देवता कष्ट में रहते हैं और चारों तरफ नकारात्मक ऊर्जा रहती है। ऐसे में ग्रहण खत्म होने के बाद घर और पूजा स्थल का साफ-सफाई करें और घर के हर हिस्से में गंगाजल का छिड़काव करें। इसके बाद स्नान करके देवी-देवताओं की पूजा करें। 

Surya Grahan 2025: आज सूर्य ग्रहण इस राशि और नक्षत्र में लगेगा

सूर्य ग्रहण 21 सितंबर को रात में लगेगा जिसके कारण भारत में इस ग्रहण को नहीं देखा जा सकेगा। ग्रहण के दौरान सूर्य कन्या राशि में रहेगा और उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र होगा। इस दिन कन्या राशि में सूर्य के साथ-साथ चंद्रमा और बुध भी मौजूद रहेंगे। 
 

Surya Grahan 2025: आज सूर्य ग्रहण कुल 4 घंटे 24 मिनट चलेगा

भारतीय समय के अनुसार ग्रहण की शुरुआत आज रात 10 बजकर 59 मिनट से होगी। ग्रहण का चरम काल 22 सितंबर को सुबह 01 बजकर 11 मिनट पर होगा और ग्रहण की समाप्ति 22 सितंबर 2025 को सुबह 3 बजकर 23 मिनट पर होगा। 
 

Surya Grahan 2025: सूर्य ग्रहण कैसे लगता है ?

खगोलशास्त्र में सूर्य ग्रहण की घटना को बहुत ही महत्वपूर्ण माना जाता है। सूर्य ग्रहण तब होता है जब चंद्रमा, सूर्य और पृथ्वी के मध्य में आ जाता है। इस तरह से कुछ देर के लिए ये तीनों ग्रह एक सीधी लाइन में आ जाते हैं। ऐसे में चांद सूर्य की रोशनी को पृथ्वी तक आने में कुछ समय के लिए रोक देता है। इस तरह से पृथ्वी के कुछ हिस्सों में अंधेरा छा जाता है।  
 

Surya Grahan 2025: मेष राशि पर सूर्य ग्रहण का प्रभाव

आज साल का आखिरी सूर्य ग्रहण लगेगा। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार ग्रहण का शुभ-अशुभ प्रभाव सभी राशियों के ऊपर पड़ता है। 

मेष राशि पर ग्रहण का प्रभाव
सूर्य ग्रहण आपके करियर में नई सफलता लेकर आ सकता है। आपके प्रयासों को मान्यता मिलेगी और आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। साथ ही, आध्यात्मिक रुचि भी बढ़ सकती है, जो आपको मानसिक शांति प्रदान करेगी। 

Surya Grahan 2025: वृषभ राशि पर सूर्य ग्रहण का प्रभाव

वृषभ राशि वालों के लिए सूर्य ग्रहण का प्रभाव अच्छा नहीं कहा जा सकता है। पारिवारिक विवादों से बचने की जरूरत है, नहीं तो रिश्तों में तनातनी हो सकती है। मेहनत के अनुसार परिणाम न मिलने से निराशा हो सकती है, इसलिए धैर्य बनाए रखें। बड़े वित्तीय फैसले टालें और मन शांत रखें।
 

Surya Grahan 2025: इस समय लगेगा साल का आखिरी सूर्य ग्रहण

साल का आखिरी सूर्य ग्रहण आज रात लगने वाला है। यह सूर्य ग्रहण आज रात करीब 10 बजकर 59 मिनट से शुरू हो जाएगा। यह ग्रहण 22 सितंबर को सुबह 03 बजकर 23 मिनट तक चलेगा। 
 

Surya Grahan 2025 Today Timing: आज इन जगहों पर दिखेगा सूर्य ग्रहण

अब से कुछ घंटों के बाद साल का आखिरी सूर्य ग्रहण देखने को मिलेगा। यह ग्रहण भारत में नहीं देखा जा सकेगा लेकिन इस ग्रहण को ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, अफ्रीका, हिंद महासागर, प्रशांत महासागर आदि देशों में देखा जा सकेगा। 
 

Surya Grahan 2025: 122 वर्षों बाद बना सूर्य ग्रहण पर दुर्लभ संयोग

आज रात को लगने वाला सूर्य ग्रहण आंशिक होगा। इसके अलावा ज्योतिष शास्त्र के जानकारों का मानना है कि 122 साल बाद सूर्य ग्रहण पर दुर्लभ संयोग बनने वाला है। जिसमें पितृपक्ष की शुरुआत ग्रहण से हुई और पितृ पक्ष की समाप्ति भी ग्रहण के साथ हुई।

Surya Grahan 2025: साल 2026 का पहला सूर्य ग्रहण कब ?

आज लगने वाला सूर्य ग्रहण इस वर्ष का आखिरी सूर्य ग्रहण होगा। साल 2026 का पहला सूर्य ग्रहण 17 फरवरी 2026 को लगेगा। यह एक वलयाकार सूर्य ग्रहण होगा। जिसमें सूर्य रिंग ऑफ फायर के रूप में नजर आएगा। 

Surya Grahan 2025: आज का सूर्य ग्रहण आंशिक होगा

अब से कुछ घंटों बाद साल का आखिरी सूर्य ग्रहण लगेगा। यह एक आंशिक सूर्य ग्रहण होगा। भारतीय समय के अनुसार, इस सूर्य ग्रहण की शुरुआत रात 10 बजकर 59 मिनट पर होगा। 

सूर्य ग्रहण और शारदीय नवरात्रि 
साल का दूसरा सूर्य ग्रहण आज रात11 बजे से शुरू होगा। इसका समापन 22 सितंबर तड़के 3 बजकर 24 मिनट पर होगा। परंतु इस ग्रहण को भारत में नहीं देखा जा सकेगा। यही कारण है कि सूर्य ग्रहण से पहले लगने वाला सूतक काल भी मान्य नहीं होगा। साथ ही ग्रहण से अगले दिन यानी 22 सितंबर से प्रारंभ होने वाले शारदीय नवरात्रि पर भी इसका कोई प्रभाव नहीं माना जाएगा।

सूर्य ग्रहण कब लगता है ?
जब चंद्रमा पृथ्वी की परिक्रमा करते हुए सूर्य और पृथ्वी के बीच में आ जाता है, तो कुछ समय के लिए सूर्य की किरणें पृथ्वी तक नहीं पहुच पाती हैं, तब उस घटना को सूर्य ग्रहण कहा जाता है। यह तीन प्रकार का होता है, जिसमें पहला पूर्ण, दूसरा आंशिक और तीसरा वलयाकार होता है। 

सूर्य ग्रहण 2025 कहां-कहां दिखेगा - फोटो : Amar Ujala
साल 2025 का आखिरी सूर्य ग्रहण कहां-कहां दिखाई देगा ?
21 सितंबर को लग रहा सूर्य ग्रहण साल का आखिरी ग्रहण है। यह ग्रहण ऑस्ट्रेलिया के दक्षिणी भाग, न्यूजीलैंड, फिजी, अंटार्कटिका, प्रशांत महासागर और अटलांटिक महासागर में दिखाई देगा।

अपनी राशि के अनुसार करें ये उपाय
मेष राशि
उपाय: हनुमान चालीसा का पाठ
वृषभ राशि
उपाय: मां लक्ष्मी की पूजा, सफेद वस्त्र या चावल दान
मिथुन राशि
उपाय: तुलसी पर जल चढ़ाएं
कर्क राशि
उपाय: दूध में केसर मिलाकर शिवलिंग पर चढ़ाएं।
सिंह राशि
उपाय: गेहूं दान करें।
कन्या राशि
उपाय: दुर्गा सप्तशती पाठ।
तुला राशि
उपाय: मीठा भोजन बांटें।
वृश्चिक राशि
उपाय: रुद्राभिषेक करें।
धनु राशि
उपाय: विष्णु सहस्रनाम पाठ
मकर राशि
उपाय: शनि मंत्र जप।
कुंभ राशि
उपाय: दान करें।
मीन राशि
उपाय: शिवलिंग पर जल अर्पित करें।

सूर्य ग्रहण 2025 - फोटो : Freepik
कितने तरह के होते हैं सूर्य ग्रहण 

पूर्ण सूर्य ग्रहण
पूर्ण सूर्य ग्रहण की स्थित तब बनती है, जब धरती और सूर्य के बीच चंद्रमा आ जाता है। चंद्रमा की छाया पूरी तरह धरती को ढक लेती है। इस स्थिति में चंद्रमा की पूर्ण छाया धरती पर पड़ती है, जिससे अंधेरा सा नजारा हो जाता है। इस अवस्था को पूर्ण सूर्य ग्रहण कहा जाता है। 

वलयाकार सूर्य ग्रहण
इस सूर्य ग्रहण में धरती से चंद्रमा दूर होता है। इस समय चांद, सूर्य को पूरी तरह नहीं ढकता है, लेकिन इस दौरान सूर्य रिंग आफ फायर जैसा दिखता है और आकार में भी छोटा दिखता है। 

आंशिक सूर्य ग्रहण 
आंशिक सूर्य ग्रहण तब लगता है, जब सूर्य और पृथ्वी के बीच से चंद्रमा गुजरता है, लेकिन एक पक्ति में सूर्य, चंद्रमा और धरती नहीं होते हैं। सूर्य का सिर्फ एक भाग ही ढका हुआ नजर आएगा। आंशिक सूर्य ग्रहण को ही खंडगास सूर्य ग्रहण कहा जाता है। 

सूर्य ग्रहण - फोटो : Adobe Stock
कैसे और कहां देख सकते हैं सूर्य ग्रहण ?
आप सूर्य ग्रहण को अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा और Timeanddate.com की वेबसाइट/YouTube चैनल पर लाइव देख सकते हैं। 

सूर्य ग्रहण के दौरान आप इस एक उपाय से सूर्य देव की कृपा पा सकते हैं

श्री सूर्य चालीसा
 दोहा
 
कनक बदन कुंडल मकर, मुक्ता माला अंग।
पद्मासन स्थित ध्याइए, शंख चक्र के संग।।
 
चौपाई
जय सविता जय जयति दिवाकर, सहस्रांशु सप्ताश्व तिमिरहर।
भानु, पतंग, मरीची, भास्कर, सविता, हंस, सुनूर, विभाकर।
 
विवस्वान, आदित्य, विकर्तन, मार्तण्ड, हरिरूप, विरोचन।
अम्बरमणि, खग, रवि कहलाते, वेद हिरण्यगर्भ कह गाते।
 
सहस्रांशु, प्रद्योतन, कहि कहि, मुनिगन होत प्रसन्न मोदलहि।
अरुण सदृश सारथी मनोहर, हांकत हय साता चढ़ि रथ पर।
 
मंडल की महिमा अति न्यारी, तेज रूप केरी बलिहारी।
उच्चैश्रवा सदृश हय जोते, देखि पुरन्दर लज्जित होते।
 
मित्र, मरीचि, भानु, अरुण, भास्कर, सविता,
सूर्य, अर्क, खग, कलिहर, पूषा, रवि,
 
आदित्य, नाम लै, हिरण्यगर्भाय नमः कहिकै।
द्वादस नाम प्रेम सो गावैं, मस्तक बारह बार नवावै।
 
चार पदारथ सो जन पावै, दुख दारिद्र अघ पुंज नसावै।
नमस्कार को चमत्कार यह, विधि हरिहर कौ कृपासार यह।
 
सेवै भानु तुमहिं मन लाई, अष्टसिद्धि नवनिधि तेहिं पाई।
बारह नाम उच्चारन करते, सहस जनम के पातक टरते।
 
उपाख्यान जो करते तवजन, रिपु सों जमलहते सोतेहि छन।
छन सुत जुत परिवार बढ़तु है, प्रबलमोह को फंद कटतु है।
 
अर्क शीश को रक्षा करते, रवि ललाट पर नित्य बिहरते।
सूर्य नेत्र पर नित्य विराजत, कर्ण देश पर दिनकर छाजत।
 
भानु नासिका वास करहु नित, भास्कर करत सदा मुख कौ हित।
ओठ रहैं पर्जन्य हमारे, रसना बीच तीक्ष्ण बस प्यारे।
 
कंठ सुवर्ण रेत की शोभा, तिग्मतेजसः कांधे लोभा।
पूषा बाहु मित्र पीठहिं पर, त्वष्टा-वरुण रहम सुउष्णकर।
 
युगल हाथ पर रक्षा कारन, भानुमान उरसर्मं सुउदरचन।
बसत नाभि आदित्य मनोहर, कटि मंह हंस, रहत मन मुदभर।
 
जंघा गोपति, सविता बासा, गुप्त दिवाकर करत हुलासा।
विवस्वान पद की रखवारी, बाहर बसते नित तम हारी।
 
सहस्रांशु, सर्वांग सम्हारै, रक्षा कवच विचित्र विचारे।
अस जोजजन अपने न माहीं, भय जग बीज करहुं तेहि नाहीं।
 
दरिद्र कुष्ट तेहिं कबहुं न व्यापै, जोजन याको मन मंह जापै।
अंधकार जग का जो हरता, नव प्रकाश से आनन्द भरता।
 
ग्रह गन ग्रसि न मिटावत जाही, कोटि बार मैं प्रनवौं ताही।
मन्द सदृश सुतजग में जाके, धर्मराज सम अद्भुत बांके।
 
धन्य-धन्य तुम दिनमनि देवा, किया करत सुरमुनि नर सेवा।
भक्ति भावयुत पूर्ण नियम सों, दूर हटत सो भव के भ्रम सों।
 
परम धन्य सो नर तनधारी, हैं प्रसन्न जेहि पर तम हारी।
अरुण माघ महं सूर्य फाल्गुन, मध वेदांगनाम रवि उदय।
 
भानु उदय वैसाख गिनावै, ज्येष्ठ इन्द्र आषाढ़ रवि गावै।
यम भादों आश्विन हिमरेता, कातिक होत दिवाकर नेता।
अगहन भिन्न विष्णु हैं पूसहिं, पुरुष नाम रवि हैं मलमासहिं।
 
दोहा
 भानु चालीसा प्रेम युत, गावहिं जे नर नित्य।
सुख सम्पत्ति लहै विविध, होंहि सदा कृतकृत्य।।

सूर्य ग्रहण में किन कार्यों से बचें
  • सूर्य ग्रहण को नग्न आंखों से देखना खतरनाक है और आंखों की रोशनी पर बुरा असर डाल सकता है।
  • ग्रहण के दौरान बाल और नाखून काटना अशुभ माना जाता है।
  • इस समय यात्रा से भी परहेज करना चाहिए।
  • ध्यान रहे कि सूतक काल के नियम बच्चों, वृद्धों और बीमार व्यक्तियों पर लागू नहीं होते।

सूर्य ग्रहण 2025 और राशियों पर असर
वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, सूर्य ग्रहण का शुभ-अशुभ प्रभाव देश-दुनिया के साथ-साथ सभी राशियों के ऊपर भी देखने को मिलता है। भारत में इस सूर्य ग्रहण को तो नहीं देखा जा सकेगा लेकिन इसका प्रभाव जरूर देखने को मिलेगा। पंचांग गणना के मुताबिक सूर्य ग्रहण के दौरान सूर्य कन्या राशि में विराजान रहेंगे। ऐसे में कुछ सकारात्मक और नकारात्मक प्रभाव सभी राशियों के ऊपर देखने को मिलेगा। मेष, वृषभ, कर्क, वृश्चिक, धनु और मकर राशि वालों पर ग्रहण का सकारात्मक प्रभाव रहेगा वहीं मिथुन, सिंह, कन्या, तुला कुंभ और मीन राशि वालों को कुछ परेशानियां उठानी पड़ सकती हैं

सूर्य ग्रहण के बाद इन चीजों का करें दान
  • धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सूर्य ग्रहण के बाद जरूरतमंदों को चना और गेहूं का दान करना अत्यंत फलदायी होता है। इससे नकारात्मकता से छुटकारा मिलता है।
  • सूर्य ग्रहण के बाद गुड़ और दाल का दान भी अत्यंत शुभ माना गया है। इससे कुंडली में ग्रहों का अशुभ प्रभाव कम होता है और व्यक्ति खुशहाल जीवन जीता है।
  • ज्योतिषाचार्यों के अनुसार ग्रहण समाप्ति के बाद तांबे के बर्तनों का दान करना चाहिए। इससे कुंडली में सूर्य की स्थिति मजबूत होती है।
  • ग्रहण के बाद आप वस्त्र, काले तिल और कंबल का दान कर सकते हैं। इससे राहु-केतु और शनि के दोष शांत होते हैं।
  • ग्रहण के बाद लाल वस्त्र, उड़द की साबुत दाल और अन्य अनाज का दान करना भी विशेष लाभकारी होता है। इससे जीवन में सकारात्मकता आती है।

सूर्य ग्रहण में अवश्य करें यह एक काम
महामृत्युंजय मंत्र 

ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम् ।
उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात् ॥

सूर्य ग्रहण किस राशि और नक्षत्र में लगेगा ?
सूर्य ग्रहण 21 सितंबर को लग रहा है, जब सूर्य कन्या राशि में रहेगा और नक्षत्र उत्तरा फाल्गुनी होगा। इस दिन कन्या राशि में सूर्य के साथ-साथ चंद्रमा और बुध भी मौजूद रहेंगे। बुध और सूर्य की इस युति को बुधादित्य योग कहा जाता है, जो ग्रहण के समय बना रहेगा। इसके अलावा, अन्य ग्रहों की स्थिति भी खास रहेगी। शनि मीन राशि में, गुरु मिथुन राशि में, मंगल तुला राशि में, शुक्र और केतु सिंह राशि में तथा राहु कुंभ राशि में स्थित होंगे। इन ग्रहों की स्थिति का सूर्य ग्रहण के प्रभावों पर अलग-अलग असर देखने को मिलेगा।

ग्रहण काल में क्या करें
  • पौराणिक मान्यताओं के अनुसार सूर्य ग्रहण के समय वातावरण में नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव बढ़ जाता है। इसे कम करने के लिए भोजन और पानी में तुलसी के पत्ते डालने की परंपरा है। ऐसा करने से ग्रहण की नकारात्मकता का असर नहीं पड़ता।
  • ग्रहण के दौरान मंदिर में पूजा-पाठ या कोई बड़ा धार्मिक अनुष्ठान करना वर्जित माना गया है। लेकिन इस समय आप भगवान विष्णु का ध्यान कर सकते हैं और उनके मंत्रों का जप कर सकते हैं। साथ ही, गायत्री मंत्र और महामृत्युंजय मंत्र का जप करना भी अत्यंत फलदायी माना जाता है।

ग्रहण के बाद अवश्य करें इन चीजों का दान
  • ग्रहण समाप्ति के बाद जरूरतमंदों को चने व गेहूं का दान करना चाहिए। 
  • आप गुड़, दाल और सफेद चीजों का दान भी कर सकते हैं। 

सूर्य के नक्षत्र में लगेगा साल का आखिरी ग्रहण
इस साल का दूसरा और अंतिम सूर्य ग्रहण 21 सितंबर 2025 को लग रहा है। भारतीय समयानुसार यह ग्रहण रात 11:00 बजे शुरू होगा और अगले दिन यानी 22 सितंबर की सुबह 3 बजकर 24 मिनट पर समाप्त होगा। इसकी कुल अवधि 4 घंटे 24 मिनट की है। चूंकि यह ग्रहण पूरी तरह से रात के समय घटित होगा, इसलिए इसे भारत में नहीं देखा जा सकेगा और न ही इसका धार्मिक दृष्टिकोण से कोई प्रभाव मान्य होगा। यह खगोलीय घटना मुख्य रूप से न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया के कुछ हिस्सों में स्पष्ट रूप से दिखाई देगी। परंतु ज्योतिष शास्त्र की दृष्टि से यह दिन बेहद खास है, क्योंकि यह सूर्य ग्रहण बुध की राशि कन्या और सूर्य के नक्षत्र उत्तरा फाल्गुनी में घटित होगा। इस समय सूर्य भी स्वयं कन्या में ही संचरण करेंगे। 

सूर्य ग्रहण के बाद जरूर करें ये तीन काम 
  • सूर्य ग्रहण समाप्त होते ही घर में गंगाजल का छिड़काव करना चाहिए। 
  • इस दौरान भोजन बनाने से पहले उसमें तुलसी के पत्ते अवश्य डाल दें। 
  • ग्रहण समाप्ति के बाद परिवार के सभी सदस्यों को स्नान करना चाहिए। 

गर्भवति महिलाएं इन बातों का रखें ध्यान
  • गर्भवति महिलाएं घर से बाहर जाने से बचें और भूलकर भी आसमान में न देंखें। आप इस अवधि में नुकीले चीजों का उपयोग न करें खासकर कैंची, चाकू और सुई से दूरी बनाकर रखें।
  • ग्रहण की अवधि में आप सोने से बचें। इस अवधि में आप केवल शिव जी के महामृत्युंजय मंत्र का जाप करें।

मंत्र 
ऊँ हौं जूं स: ऊँ भुर्भव: स्व: ऊँ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्। 
ऊर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय मामृतात् ऊँ भुव: भू: स्व: ऊँ स: जूं हौं ऊँ।।
 

सूर्य ग्रहण में इन मंत्रों का करें जाप 
  • ऊँ आकृष्णेन रजसा वर्तमानो निवेशयन्नमृतं मर्त्यण्च ।
  • हिरण्य़येन सविता रथेन देवो याति भुवनानि पश्यन ।।
  • ऊँ घृणि: सूर्यादित्योम
  • ऊँ घृणि: सूर्य आदित्य श्री
  • ऊँ ह्रां ह्रीं ह्रौं स: सूर्याय: नम:
  • ऊँ ह्रीं ह्रीं सूर्याय नम:
  • जपाकुसुम संकाशं काश्यपेयं महाद्युतिम ।

ग्रहण के बाद अवश्य करें इन चीजों का दान
  • ग्रहण समाप्ति के बाद जरूरतमंदों को चने व गेहूं का दान करना चाहिए। 
  • आप गुड़, दाल और सफेद चीजों का दान भी कर सकते हैं। 

सूर्य ग्रहण कब और क्यों लगता है?
जब चंद्रमा पृथ्वी की परिक्रमा करते हुए सूर्य और पृथ्वी के बीच में आ जाता है, तो कुछ समय के लिए सूर्य की किरणें पृथ्वी तक नहीं पहुच पाती हैं, तब उस घटना को सूर्य ग्रहण कहा जाता है।

सूर्य ग्रहण 2025 21 सितंबर 2025 - फोटो : Amar Ujala
सूर्य ग्रहण का समय 
21 सितंबर 2025 को सूर्य ग्रहण लग रहा है। यह ग्रहण भारतीय समयानुसार रात 11 बजे शुरू होगा और 22 सितंबर को सुबह 3 बजकर 24 मिनट पर इसका समापन माना जा रहा है। चूंकि यह ग्रहण पूरी तरह से रात के समय घटित होगा, इसलिए भारत में इसका कोई भी प्रभाव मान्य नहीं होगा। 

Surya Grahan 2025 - फोटो : अमर उजाला
सूर्य ग्रहण और शारदीय नवरात्रि 
ज्योतिषियों के मुताबिक साल का दूसरा सूर्य ग्रहण 21 सितंबर को लग रहा है। यह ग्रहण रात 11 बजे से शुरू होगा। इसका समापन 22 सितंबर तड़के 3 बजकर 24 मिनट पर होगा। परंतु इस ग्रहण को भारत में नहीं देखा जा सकेगा। यही कारण है कि सूर्य ग्रहण से पहले लगने वाला सूतक काल भी मान्य नहीं होगा। साथ ही ग्रहण से अगले दिन यानी 22 सितंबर से प्रारंभ होने वाले शारदीय नवरात्रि पर भी इसका कोई प्रभाव नहीं माना जाएगा।

सूर्य ग्रहण के दिन जन्म लेने वाले लोग कैसे होते हैं?
ज्योतिष शास्त्र में ग्रहण को अशुभ माना जाता है, इसलिए माना जाता है कि इस दौरान बच्चे का जन्म उसके जीवन में परेशानियां लाता है। ग्रहण का प्रभाव बच्चे के जीवन और हितों में समस्याएं पैदा करता है। बच्चों पर मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं का खतरा रहता है। साथ ही माता-पिता के साथ भी संबंधों पर प्रभाव पड़ता है।

क्यों लगता है सूर्य ग्रहण? 
पृथ्वी सूर्य की परिक्रमा करती है और धरती के साथ चंद्रमा भी सूर्य की परिक्रमा करता है। हालांकि, चांद धरती के भी चक्कर लगाता है। ऐसे में कई बार चंद्रमा घूमते हुए सूर्य और पृथ्वी के बीच में आ जाता है। इससे कुछ समय के लिए सूर्य का प्रकाश पृथ्वी तक नहीं पहुंत पाता है, जिसे सूर्य ग्रहण कहा जाता है। इस दौरान चंद्रमा की परछाई धरती पर पड़ती है। 

सूर्य ग्रहण का समय
साल 2025 का दूसरा और अंतिम सूर्य ग्रहण 21 सितंबर को लग चुका है। यह खगोलीय घटना भारतीय समयानुसार रात 10 बजकर 59 मिनट से शुरू हो गई है और 22 सितंबर की सुबह 3:24 मिनट पर समाप्त होगी।

कैसे और कहां देख सकते हैं सूर्य ग्रहण ?
आप सूर्य ग्रहण को अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा और Timeanddate.com की वेबसाइट/YouTube चैनल पर लाइव देख सकते हैं। 
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सूर्य ग्रहण के बाद इन चीजों का करें दान
  • धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सूर्य ग्रहण के बाद जरूरतमंदों को चना और गेहूं का दान करना अत्यंत फलदायी होता है। इससे नकारात्मकता से छुटकारा मिलता है।
  • सूर्य ग्रहण के बाद गुड़ और दाल का दान भी अत्यंत शुभ माना गया है। इससे कुंडली में ग्रहों का अशुभ प्रभाव कम होता है और व्यक्ति खुशहाल जीवन जीता है।
  • ज्योतिषाचार्यों के अनुसार ग्रहण समाप्ति के बाद तांबे के बर्तनों का दान करना चाहिए। इससे कुंडली में सूर्य की स्थिति मजबूत होती है।
  • ग्रहण के बाद आप वस्त्र, काले तिल और कंबल का दान कर सकते हैं। इससे राहु-केतु और शनि के दोष शांत होते हैं।
  • ग्रहण के बाद लाल वस्त्र, उड़द की साबुत दाल और अन्य अनाज का दान करना भी विशेष लाभकारी होता है। इससे जीवन में सकारात्मकता आती है।
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