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Chandra Grahan 2025 : आज 3.29 घंटे का चंद्र ग्रहण, दोपहर 12:19 बजे से सूतक काल; जानें क्या करें क्या नहीं

Sun, 07 Sep 2025 01:42 AM IST
श्वेता सिंह ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला

सार

Chandra Grahan 2025 in India Live Updates Sutak Kaal Time : आज साल का दूसरा और अंतिम चंद्र ग्रहण लगेगा, जो भारत में भी दिखाई देगा। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इसे अशुभ काल माना जाता है और सूतक काल भी मान्य होगा। ज्योतिषीय दृष्टि से इसका असर 12 राशियों और 27 नक्षत्रों पर पड़ेगा, जिससे कुछ लोगों को लाभ होगा और कुछ को सावधानी बरतनी होगी। अमर उजाला के इस लाइव ब्लॉग में जानिए जरूरी बातें
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चंद्र ग्रहण 07 सितम्बर 2025  - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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Chandra Grahan 2025 Timing In India : चंद्र ग्रहण आस्था, खगोलशास्त्र और ज्योतिष तीनों दृष्टियों से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। वैज्ञानिक दृष्टिकोण से यह पृथ्वी और चंद्रमा के बीच की अद्भुत स्थिति है, जबकि धार्मिक मान्यताओं में इसे अशुभ काल के रूप में देखा जाता है। इस दौरान पूजा-पाठ और शुभ कार्यों पर रोक लगाई जाती है। वहीं, ज्योतिष के अनुसार इसका प्रभाव सीधे 12 राशियों और 27 नक्षत्रों पर पड़ता है, जिससे कुछ लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आते हैं तो कुछ को सावधान रहने की आवश्यकता होती है।

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Pitru Paksha 2025: 7 सितंबर से शुरू होगा पितृपक्ष, चंद्र ग्रहण के बीच जानें श्राद्ध व तर्पण का सही तरीका
साल 2025 का दूसरा और अंतिम चंद्र ग्रहण 7 सितंबर को लगने वाला है। यह ग्रहण भारत सहित कई देशों में स्पष्ट रूप से दिखाई देगा, इसलिए इसका सूतक काल भी मान्य होगा। इस स्थिति में ग्रहण का असर धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से और भी खास माना जा रहा है। आइए जानते हैं इस चंद्र ग्रहण का समय, सूतक काल, प्रभाव और इससे जुड़े उपायों को विस्तार से।
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Chandra Grahan 2025: क्या है चंद्र ग्रहण का समय? कब से लगेगा सूतक काल, यहां जानें समय और प्रभाव

Chandra Grahan Date: कब लगेगा चंद्र ग्रहण?

साल का आखिरी चंद्रग्रहण:  7 सितंबर, रविवार 
ग्रहण का आरंभ (स्पर्श): रात्रि  9: 57 मिनट पर
ग्रहण का मध्य (चरम अवस्था): रात्रि 11:01 मिनट पर
ग्रहण का समापन: रात्रि 01:26 मिनट पर
ग्रहण की कुल अवधि:  3 घंटे 29 मिनट तक 

कब लगता है चंद्र ग्रहण? 
ऐसा माना जाता है कि जब सूर्य और चंद्रमा के बीच पृथ्वी आ जाती है, तो सूर्य की रोशनी चंद्रमा तक नहीं पहुंच पाती है। इससे धरती की छाया चंद्रमा पर पड़ती है। इस घटना को चंद्र ग्रहण कहते हैं।

कहां-कहां दिखाई देगा चंद्रग्रहण? : Where Will Chandra Grahan 2025 Visible

कहां-कहां दिखाई देगा चंद्रग्रहण? - फोटो : अमर उजाला
  • एशिया (भारत, पाकिस्तान सहित पूरे दक्षिण एशिया)
  • यूरोप
  • ऑस्ट्रेलिया और न्यूज़ीलैंड
  • अफ्रीका
  • उत्तर और दक्षिण अमेरिका के पूर्वी भाग

चंद्र ग्रहण का सूतक कब लगता है?: Chandra Grahan 2025 Sutak Kaal

चंद्र ग्रहण का सूतक ग्रहण लगने से ठीक 9 घंटे पहले शुरू हो जाता है।  7 सितंबर 2025 के चंद्र ग्रहण का सूतक दोपहर 12 बजकर 19 मिनट से लग जाएगा।

क्या चंद्र ग्रहण के साथ रख सकते हैं पूर्णिमा का व्रत: Chandra Grahan On Shradh Purnima

  • धार्मिक मान्यताओं के अनुसार पूर्णिमा के दिन व्रत तो रखा जा सकता है, लेकिन ग्रहण और सूतक काल में पूजा-पाठ नहीं करना चाहिए।
  • पूर्णिमा तिथि पर व्रत का संकल्प ग्रहण शुरू होने से पहले लें।
  • पूजा-पाठ और कथा ग्रहण समाप्त होने के बाद ही करें।
  • ग्रहण के बाद गंगाजल का छिड़काव करके शुद्धि करें ।  
  • फिर भगवान सत्यनारायण की पूजा करें।

Bhado Purnima: क्या चंद्र ग्रहण के साथ रख सकते हैं पूर्णिमा का व्रत? जानें सही नियम

किस राशि और नक्षत्र में लगेगा चंद्र ग्रहण: Chandra Grahan 2025 Live

किस राशि और नक्षत्र में लग रहा है चंद्र ग्रहण - फोटो : अमर उजाला
साल 2025 का अंतिम चंद्र ग्रहण शनि देव की राशि कुंभ और देवगुरु बृहस्पति के नक्षत्र पूर्वाभाद्रपद में लगने वाला है।

Chandra Grahan 2025: ग्रहण के दौरान भोजन में तुलसी क्यों डाली जाती है? जानें तुलसी और कुशा का महत्व

 

Chandra Grahan Lucky Zodiac Signs: चंद्र ग्रहण का इन राशियों पर पड़ेगा शुभ प्रभाव

  • चंद्र ग्रहण मेष, वृषभ, कन्या और धनु राशि वालों के लिए शुभ रहने वाला है।
  • इन राशि के जातकों को धन लाभ, करियर-कारोबार में सफलता मिलेगी। 
  • इसके साथ ही वैवाहिक सुख और निवेश में मनचाहा लाभ संभव है।
  • इसके अलावा अटके काम पूरे और भाग्योदय के भी योग बन रहे हैं। 
 

Chandra Grahan UnLucky Zodiac Signs: चंद्र ग्रहण पर ये राशियां रहें सावधान 

  • मिथुन, कर्क, सिंह, तुला, वृश्चिक, मकर, कुंभ और मीन राशि  के जातकों को चंद्र ग्रहण के दौरान सावधानियां बरतनी होगी।
  • इस दौरान  कोई भी यात्रा न करें।
  • किसी नए कार्य को शुरू करने का  विचार है तो फ़िलहाल के लिए स्थगित कर दें। 
  • व्यापार में चुनौतियां आ सकती हैं।
  • काम को पूरा करने में दिक्कतें आएंगी।
  • किसी से भी कोई जानकारी साझा न करें।

Chnadra Grahan Mantra Jaap: चंद्र ग्रहण के समय राशि अनुसार मंत्र जाप

  • मेष राशि: ॐ नमः शिवाय शिवाय नमः
  • वृषभ राशि : ॐ श्रीं श्रीं महालक्ष्म्यै नमः
  • मिथुन राशि : ॐ नमो भगवते वासुदेवाय
  • कर्क राशि: ॐ गं गणपतये नमः
  • सिंह राशि: ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्। उर्वारुकमिव बन्धनान मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्॥
  • कन्या राशि: ॐ हं हनुमते रुद्रात्मकाय नमः
  • तुला राशि:  ॐ क्लीं क्लीं श्रीकृष्णाय नमः
  • वृश्चिक राशि:  ॐ ह्रीं महाभैरवाय नमः
  • धनु राशि:  ॐ ह्रीं श्रीं बृं बृहस्पतये नमः
  • मकर राशि: ॐ श्रीं श्रीं महालक्ष्म्यै नमः
  •  कुंभ राशि:  ॐ प्रां प्रीं प्रौं शं शनैश्चराय नमः
  • मीन राशि:  ॐ बृं बृहस्पतये नमः

Chandra Grahan 2025 Tulsi significance: ग्रहण के दौरान तुलसी का महत्व

पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, ग्रहण काल में तुलसी अशुद्धता और नकारात्मकता से बचाने वाली मानी जाती है। दूध, जल या भगवान को अर्पित भोग में तुलसी दल डालने से वे ग्रहण के प्रभाव से शुद्ध बने रहते हैं। इसलिए ग्रहण से पहले तुलसी का प्रयोग आवश्यक और शुभ माना जाता है।

egnant ladies avoid these mistakes: गर्भवती महिला इन  बातों का रखे ध्यान

  • ग्रहण के दौरान गर्भवती महिलाओं को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। 
  • गर्भवती महिला को घर के अंदर रहना चाहिए। 
  • धारदार चीजों का उपयोग नहीं करना चाहिए 
  • ग्रहण के बाद स्नान करना चाहिए। 
  • बुजुर्गों और बच्चों को भी इस दौरान कुछ सावधानी बरतनी चाहिए।

Chandra Grahan Importance Of Kusha: चंद्र ग्रहण में कुशा का महत्व 

धार्मिक शास्त्रों में कुशा को अत्यंत पवित्र और शुभ माना गया है। एक मान्यता के अनुसार, यह माता सीता के केशों से उत्पन्न हुई थी, जबकि दूसरी मान्यता में कहा गया है कि यह भगवान विष्णु के वामन अवतार के दौरान गिरे हुए बालों से उत्पन्न हुई। इसी कारण ग्रहण काल जैसे विशेष और संवेदनशील समय में कुशा का उपयोग पूजा, मंत्र जाप और अन्य धार्मिक कार्यों में शुद्धता बनाए रखने के लिए किया जाता है। यह नकारात्मक ऊर्जा से बचाने वाला और शुभ फल देने वाला माना जाता है।

चन्द्र ग्रहण 2025 - फोटो : अमर उजाला
ग्रहण में क्या नहीं करना चाहिए
  • ग्रहण की अवधि में सोना नहीं चाहिए।
  • बाल या नाखून भी नहीं काटना चाहिए।
  • ग्रहण में रसोई का कोई काम नहीं करना चाहिए।
  • भोजन ग्रहण भी नहीं करना चाहिए।

Sutak Kaal Niyam: सूतक काल के नियम

  • सूतक काल में पूजा-पाठ करने से परहेज करना चाहिए। 
  • इस दौरान गर्भवती महिलाओं को घर से बाहर निकलने से बचना चाहिए ताकि वे और घर दोनों सुरक्षित रहें।
  • सूतक काल में बाल काटना या नाखून काटना उचित नहीं माना जाता है। इस समय शरीर की सफाई से जुड़ी ये चीजें टालनी चाहिए।
  • खाने-पीने की सभी वस्तुओं में सूतक काल के दौरान तुलसी के पत्ते डालने चाहिए, क्योंकि इससे उस भोजन में पवित्रता बनी रहती है।
  • इस समय भगवान के मंत्रों का जाप करना चाहिए और अपने इष्ट देवता का स्मरण करते रहना चाहिए, जिससे मानसिक शांति और आध्यात्मिक लाभ मिलता है।
Chandra Grahan Sutak Time: साल का अंतिम चंद्रग्रहण 7 सितंबर को, जानिए जरूरी नियम और सूतक काल

Chandra Grahan Live: क्या होता है ब्लड मून

ब्लड मून पूर्ण चंद्रग्रहण के समय होता है, जब पृथ्वी सूरज और चंद्रमा के बीच आ जाती है और सूरज की सीधी रोशनी चंद्रमा तक नहीं पहुंचती। तब भी कुछ लाल-नारंगी रोशनी पृथ्वी के वायुमंडल से मुड़कर चंद्रमा तक पहुंचती है, जिससे वह लाल या तांबे जैसे रंग का दिखता है।

Chandra Grahan Live: वृषभ , तुला और कुंभ राशि वाले रहे सावधान

वृषभ राशि: स्वास्थ्य संबंधी समस्याएँ हो सकती हैं, व्यापार में रुकावट या नुकसान संभव है। 
तुला राशि: मानसिक तनाव बढ़ सकता है, पैसे से जुड़ी हानि हो सकती है। 
कुंभ राशि: इस राशि पर ग्रहण का सीधा प्रभाव है, समय बहुत संवेदनशील है, संभलकर रहना जरूरी है। 

श्राद्ध और चंद्र ग्रहण 
ज्योतिषियों के मुताबिक 7 सितंबर 2025 को साल का दूसरा चंद्र ग्रहण लगने जा रहा है। यह भाद्रपद महीने की पूर्णिमा तिथि है और इसी दिन से पितृपक्ष की शुरुआत होगी। इस दिन रात 9 बजकर 58 मिनट पर चंद्र ग्रहण लगने वाला है, जो देर रात 1 बजकर 26 मिनट पर समाप्त होगा। बड़ी बात यह है कि यह ग्रहण भारत में नजर आएगा।

क्या चंद्र ग्रहण में कर सकते हैं श्राद्ध
चूंकि ग्रहण का साया भारत पर बना हुआ है, इसलिए इसका सूतक काल भी मान्य होगा। ऐसे में 7 सितंबर 2025 को सूतक काल दोपहर 12 बजकर 59 मिनट से शुरू होगा। इसके प्रारंभ होने पर किसी भी तरह की शुभ काम, खरीदारी, पूजा-पाठ, मंदिरों में जाना आदि कार्य नहीं करने चाहिए। इसलिए आप इस दिन दोपहर 12 बजकर 59 मिनट से पहले पहले श्राद्ध, पिंडदान, पवित्र नदियों में स्नान व तर्पण आदि पुण्य काम कर सकते हैं।

ग्रहण का ज्यादा प्रभाव किस पर पड़ता है?
ग्रहण के दौरान गर्भवती महिलाओं को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। गर्भवती को घर के अंदर रहना चाहिए। धारदार चीजों का उपयोग नहीं करना चाहिए और ग्रहण के बाद स्नान करना चाहिए। बुजुर्गों और बच्चों को भी इस दौरान कुछ सावधानी बरतनी चाहिए।

चंद्र ग्रहण में क्या करें?

  • ग्रहण काल में भगवान का स्मरण और मंत्र जाप करें। चंद्र ग्रहण के दौरान भगवान का ध्यान लगाना चाहिए। जब ग्रहण लगे तो भगवान के मंत्रों का जाप करें या पूजा करें। धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक, ग्रहण के दौरान नकारात्मकता काफी बढ़ जाती है। ऐसे में नकारात्मक प्रभावों से बचने के लिए भगवान का नाम जपना चाहिए।
  • खाने में तुलसी के पत्ते रखें। मान्यता है कि ग्रहण के दौरान पके हुए भोजन में तुलसी के पत्ते रख देने चाहिए। धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक, तुलसी के पत्ते रखने से खाना अशुद्ध नहीं होता और इसका बाद में सेवन किया जा सकता है।
  • ग्रहण के दौरान ध्यान और साधना करना बेहद लाभकारी होता है। वहीं ग्रहण के बाद स्नान करें और दान-पुण्य अवश्य करें।

चंद्र ग्रहण का धार्मिक और ज्योतिषीय महत्व

चंद्र ग्रहण का समय धार्मिक और ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार बेहद खास माना जाता है। इस दौरान पूजा-पाठ, मंत्र-जाप, ध्यान और दान करने से शुभ फल कई गुना बढ़ जाते हैं। माना जाता है कि इस समय किया गया आध्यात्मिक कार्य सीधे पितरों और देवी-देवताओं तक पहुँचता है।
वहीं, सूतक काल में कुछ नियमों का कड़ाई से पालन करना आवश्यक होता है। इस दौरान भोजन बनाना और खाना, सोना, तेल लगाना, बाल या नाखून काटना तथा धारदार वस्तुओं का उपयोग करना वर्जित माना जाता है। इन नियमों का पालन करने से ग्रहण के दुष्प्रभाव कम होते हैं और शुभ फल की प्राप्ति होती है।

चंद्रग्रहण से जुड़ी पौराणिक कथा

स्कंद पुराण में एक रोचक कथा मिलती है। कहा जाता है कि जब देवताओं और दानवों ने समुद्र मंथन किया तो उसमें से अनेक रत्न और खजाने निकले। अंत में जब अमृत कलश प्रकट हुआ, तो यह तय हुआ कि इसका पान करने वाला अमर हो जाएगा। भगवान विष्णु ने मोहिनी रूप धारण कर अमृत केवल देवताओं को पिलाना शुरू किया।

इसी बीच, स्वरभानु नाम का एक दानव चुपके से देवताओं का वेश धारण कर उनकी पंक्ति में बैठ गया और अमृत पीने लगा। सूर्य और चंद्रमा ने उसकी चालाकी पकड़ ली और तुरंत भगवान विष्णु को बता दिया। विष्णु ने अपने सुदर्शन चक्र से स्वरभानु का सिर धड़ से अलग कर दिया। लेकिन अमृत का एक घूंट पीने के कारण उसकी मृत्यु नहीं हुई। उसका सिर राहु और धड़ केतु कहलाया। चूंकि सूर्य और चंद्रमा ने उसका भेद खोला था, इसलिए राहु-केतु समय-समय पर सूर्य और चंद्रमा को ग्रसित कर लेते हैं, जिसे हम ग्रहण कहते हैं।

चंद्र ग्रहण पर करें इस चंद्र मंत्र का जाप

चंद्र ग्रहण के दिन चंद्रमा के विशेष मंत्र “ॐ श्रां श्रीं श्रौं सः चन्द्रमसे नमः” का जाप करना अत्यंत फलदायी माना जाता है। इस मंत्र का नियमित जप करने से मन को शांति मिलती है और मानसिक तनाव धीरे-धीरे कम होने लगता है। साथ ही, पारिवारिक जीवन में चल रही अशांति और धन से जुड़ी रुकावटें भी दूर होने लगती हैं। यह जाप व्यक्ति को आंतरिक संतुलन, सुख और सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करता है।

चंद्रग्रहण के दिन न करें ये काम

  • पीपल, तुलसी और बरगद जैसे पवित्र वृक्षों को न छुएं।
  • देवी-देवताओं की प्रतिमाओं को स्पर्श करने से बचें।
  • गर्भवती महिलाएं घर से बाहर न निकलें और नुकीली चीजों का प्रयोग न करें।
  • बाल और नाखून काटना अशुभ माना जाता है, इसलिए इससे बचें।
  • ग्रहण के दौरान शारीरिक परिश्रम कम करें।
  • इस समय यात्रा करने से बचना शुभ माना गया है।
Chandra Grahan 2025: क्या है चंद्र ग्रहण का समय? कब से लगेगा सूतक काल, यहां जानें समय और प्रभाव

चंद्रग्रहण पर क्या करें दान : What to Donate on Chandra Grahan

चंद्रग्रहण के दिन सफेद रंग की चीजों का दान करना बेहद शुभ और फलदायक माना जाता है। शास्त्रों के अनुसार, सफेद वस्तुएं चंद्रमा से जुड़ी होती हैं और इनका दान करने से चंद्रदोष दूर होता है। साथ ही कुंडली में चंद्रमा की स्थिति भी मजबूत होती है।  
इस दिन आप  इन चीजों का दान कर सकते हैं- 
  • चावल  
  • चीनी  
  • दूध  
  • दही  
  • चांदी  
  • सफेद कपड़े  
  • नारियल  
  • धन

Chandra Grahan 2025 Time & Visibility in India: भारत में चंद्र ग्रहण कब और कहां दिखेगा

कल भाद्रपद पूर्णिमा के दिन इस साल का तीसरा चंद्र ग्रहण लगेगा। यह खग्रास चंद्र ग्रहण होगा, यानी जब सूर्य, पृथ्वी और चंद्रमा एक सीध में आ जाते हैं और चंद्रमा पृथ्वी की पूरी छाया में प्रवेश करता है। ज्योतिषीय दृष्टि से यह ग्रहण कुम्भ राशि और पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र पर घटित होगा।

इस बार का चंद्र ग्रहण भारत सहित पूरे एशिया, यूरोप, ऑस्ट्रेलिया और अफ्रीका में साफ दिखाई देगा। इसके अलावा पश्चिमी, उत्तरी और पूर्वी अमेरिका, अटलांटिक, हिंद महासागर, प्रशांत महासागर और अंटार्कटिका क्षेत्र में भी इसकी झलक देखी जा सकेगी। खास तौर पर भारत, चीन, बांग्लादेश, म्यांमार, इंडोनेशिया, थाईलैंड, जापान, रूस, जर्मनी, तुर्की, फ्रांस, इटली, स्पेन, ब्रिटेन और नाइजीरिया जैसे देशों में यह खग्रास रूप में नज़र आएगा। वहीं पुर्तगाल, ब्राजील और अमेरिका के कुछ हिस्सों में यह आंशिक रूप से दिखाई देगा।

चंद्र ग्रहण में क्या न करें : Chandra Grahan Mein Kya Na Kare

  • ग्रहण के समय भोजन करने से बचें, इसे अशुभ माना गया है।
  • सोना और तेल मालिश इस अवधि में वर्जित है।
  • ग्रहण के दौरान पानी पीना और स्नान करना टालना चाहिए।
  • इस समय बालों में कंघी करना और दांत साफ करना मना होता है।
  • देवी-देवताओं की प्रतिमाओं को छूना वर्जित माना जाता है।

चंद्रग्रहण पर शिव मंत्र जप का महत्व : Shiv Mantra Jaap on Chandra Grahan

चंद्रग्रहण के दिन भगवान शिव के मंत्रों का जप करना बेहद शुभ माना जाता है। मान्यता है कि चंद्रमा स्वयं शिवजी के परम भक्त हैं और वे उनके मस्तक पर सुशोभित रहते हैं। ऐसे में इस पावन समय पर शिव मंत्रों का उच्चारण करने से न केवल शिवजी प्रसन्न होते हैं बल्कि चंद्र देव भी आशीर्वाद देते हैं। इससे मन को शांति, मानसिक मजबूती और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होती है।

शिव मंत्र जाप

ॐ नमः शिवाय

ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्।
उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्॥


ॐ तत्पुरुषाय विद्महे महादेवाय धीमहि
तन्नो रुद्रः प्रचोदयात्॥

श्री महेश्वराय नमः

श्री सांबसदाशिवाय नमः

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चंद्र ग्रहण सूतक काल

  • इस साल 7 सितंबर 2025 को लगने वाले चंद्र ग्रहण का सूतक काल दोपहर 12:19 बजे से शुरू होगा और इसकी समाप्ति अगले दिन यानी 8 सितंबर को रात 1:26 बजे होगी।
  • धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सूतक काल में कई नियमों का पालन करना आवश्यक होता है।
  • खास बात यह है कि बच्चों, बुजुर्गों और बीमार व्यक्तियों के लिए सूतक की शुरुआत थोड़ी देर से मानी जाती है। उनके लिए सूतक शाम 6:36 बजे से प्रभावी होगा।
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