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कमर का ये साइज बताता है कि इस बड़ी बीमारी के शिकार हैं आप

Wed, 15 Nov 2017 09:45 AM IST
amarujala.com- Presented by: मंजू ममगाईं
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आज तक आपने किसी भी बीमारी का पता लगाने के लिए कई तरह के टेस्ट करवाए होंगे लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपकी कमर का साइज भी आपकी बीमारी का पता लगाने में आपकी मदद कर सकता है। आइए जानते हैं कैसे

पढ़ें- कसरत करने से पहले इन बातों का जरूर रखें ध्यान, वर्ना...
 
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मधुमेह एक ऐसी बीमारी है जो आजकल कम उम्र में भी लोगों को अपना शिकार बना रही है। महिलाओं में इसका खतरा ज्यादा बढ़ रहा है। डॉक्टरों की मानें तो 31 इंच यानी 80 सेंटीमीटर से ज्यादा मोटी कमर होने पर लोगों में डायबिटीज का खतरा बढ़ सकता है। इसके अलावा मुंह में आने वाली बदबू और दांतों में लगने वाली वाली कैविटी भी डायबिटीज से जुड़े हुए कुछ लक्षण हैं। 
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विश्व मधुमेह दिवस के मौके पर एम्स के डॉक्टरों ने बताया कि दिल्ली जैसे मेट्रो शहरों के युवाओं में मधुमेह का टाइप 2 भी देखने को मिल रहा है।साउथ एशियन फेडरेशन ऑफ एंडोक्राइन सोसायटी के उपाध्यक्ष डॉ. संजय कालड़ा का कहना है कि मधुमेह का पता चलते ही महिलाओं में मानसिक और मनोवैज्ञानिक आघात देखने को मिलते हैं। जोकि उनके लिए हानिकारक साबित हो सकते हैं। इसलिए जीवनशैली में बदलाव लाकर सामान्य जीवन जीने का प्रयास करना चाहिए।

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लगातार बढ़ रही है मरीजों की संख्या 
विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की हाल ही में आई एक रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में वर्ष 1980 में मधुमेह पीड़ितों की संख्या करीब 180 मिलियन थी लेकिन अब ये बढ़कर 422 मिलियन तक पहुंच चुकी है। जबकि दुनिया भर में इनकी तादाद 42 करोड़ तक पहुंच चुकी है।

नेशनल हेल्थ सर्वे 2016 के अनुसार, भारतीय महिलाओं में मोटापा तेजी से बढ़ रहा है। वर्ष 2005 तक 12.6 फीसदी महिलाएं इसका शिकार थी। लेकिन अब यह आंकड़ा 20.7 फीसदी पर पहुंच चुका है। जबकि मोटापा मधुमेह के प्रमुख कारणों में से एक माना जाता है।
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किशोर भी आ रहे हैं चपेट में 
एम्स के एक वरिष्ठ डॉक्टर ने एक स्टडी का हवाला देते हुए बताया कि 90 फीसदी मधुमेह मरीज भारत सहित दक्षिण एशिया में टाइप 2 के शिकार हैं। इससे ग्रस्त मरीजों में इंसुलिन नहीं बन पाता है, जिसकी वजह से मरीज में ब्लड शुगर की आशंका भी बढ़ जाती है।

उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की एक रिपोर्ट आई थी, जिसमें ब्लड शुगर के मामले डेढ़ गुना ज्यादा होने की बात सामने आई थी।
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मुंह की बदबू और कीटाणु को भी न करें नजरअंदाज 
साउथ एक्स डेंटल की वरिष्ठ डॉक्टर उन्नति गुप्ता बताती हैं कि मधुमेह रोगियों के दांतों में पायरिया फैलने की आशंका सामान्य से कई गुना ज्यादा होती है। आमतौर पर लोग दांतों को हमेशा लापरवाही में लेते हैं। जबकि इसकी वजह से भी वो बीमार पड़ सकते हैं।

खून में शुगर की मात्रा ज्यादा होने से मुंह में कीटाणु पनपने के लिए उपयुक्त माहौल बन जाता है। जिसकी वजह से मुंह से दुर्गंध आने लगती है। कीटाणुओं से हड्डी कमजोर होने लगती है, जिससे दांतों के बीच जगह बनने लगती है और खाना फंसने लगता है। ऐसे में जरूरी है कि मरीज तत्काल चिकित्सीय परामर्श ले।
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इन बातों पर दे ध्यान-
-कोशिश करें कि आपका ब्लड प्रेशर कम रहें। इसके अलावा धुम्रपान को तुरंत छोड़ दें।
-मधुमेह से बचने के लिए शुगर और कोलेस्ट्रोल को नियंत्रण में रखना बेहद जरूरी है।
-मधुमेह से बचने के लिए रोजाना सुबह या शाम आधा घंटा पैदल जरूर चलें।
-अपनी बिजी लाइफ से रोजाना 8 घंटे का समय सोने के लिए जरूर निकालें। जिसके बाद सुबह उठते ही प्राणायाम करें।
-रोजना दिन में 8 से 10 गिलास पानी पीने की आदत डालें। ध्यान रखें कि ज्यादा देर तक खाली पेट रहना एवाइड करें। 
-दिन भर में थोड़ी थोड़ी देर से आहर लेते हैं, तो काफी फायदेमंद हो सकता है।
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