लो ब्लड प्रेशर की वजह से शरीर में ब्लड का दबाव कम होने लगता है। जिसकी वजह से शरीर के आवश्यक अंगों तक पूरा ब्लड नही पहुंच पाता और शरीर के अंगों को ढंग से काम करने में बाधा पहुंचती है।जिसकी वजह से दिल, किडनी, फेफड़े और दिमाग आंशिक रूप से या पूरी तरह से काम करना भी बंद कर सकते हैं।
आमतौर पर नार्मल ब्लड प्रेशर 120/80 होता है। बढ़ते तनाव और भागदौड़ की वजह से इसमें थोड़ा बहुत ऊपर-नीचे होने से कोई फर्क नही पड़ता। लेकिन, यदि ब्लड प्रेशर 90 से कम हो जाए तो वो लो ब्लड प्रेशर कहलाता है।
शरीर के अंगों में रक्त प्रवाह समान रूप से नहीं होने से सिरदर्द, कमजोरी, सुस्ती, चक्कर आना जैसी समस्याएं पैदा होती हैं। रक्तचाप असामान्य रूप से कम रहने पर हृदय, गुर्दे, फेफड़े और दिमाग की कार्यक्षमता प्रभावित होती है। निम्न रक्तचाप अग्नितत्व के असंतुलन से होता है।
अग्निशक्ति मुद्रा इसे संतुलित करती है और रक्तचाप को नियंत्रित रखती है। सूर्योदय से पूर्व करने पर यह मुद्रा अधिक शीघ्रता से अपना प्रभाव दिखाती है। दोनों हाथों की तर्जनी, मध्यमा, अनामिका और कनिष्ठा उंगलियों से मुट्ठी बनाएं और दोनों हाथों के अंगूठों के अग्रभाग को आपस में मिलाएं। हथेलियों की दिशा नीचे की ओर रहे। रोजाना धीमी-लंबी-गहरी सांस के साथ 15 से 45 मिनट तक करें।