शीतलहर ह्रदय रोगियों के लिए खतरनाक है। इस सर्दी से बच्चे और हर उम्र के लोग प्रभावित होते हैं। फिजीशियन व पूर्व डिप्टी सीएमओ डा. केएम द्विवेदी का कहना है कि इस सर्दी में खाली पेट लोगों को यात्रा नहीं करनी चाहिए। ह्रदय रोगियों को और शुगर के रोगियों को सुबह और शाम नहीं टहलना चाहिए। हर उम्र के व्यक्ति को शीतलहर के समय टहलना बंद कर देना चाहिए।
यदि टहलना जरूरी हो तो सूर्य निकलने के बाद ही टहला जाए। सर्दी की वजह से खून गाढ़ा हो जाता है और रक्तचाप बढ़ जाता है। इस वजह से लोगों को इससे बचना चाहिए। ह्रदय रोगियों को तली-भुनी चीजें नहीं खानी चाहिए। बच्चों को गर्म कपड़े पहनाकर ही अंदर रखना चाहिए। बाइक आदि पर भी बच्चों को नहीं बैठाना चाहिए। ऐसे मौसम में बच्चों को निमोनिया होना तय है और निमोनिया जानलेवा भी साबित हो सकता है। इस वजह से पूरी तरह से बचाव करना चाहिए।