पेट के ऊपरी हिस्से के दर्द को हल्के में न लें, लापरवाही करने पर यह दर्द जानलेवा हो सकता है। एक्यूट पैंक्रियाइटिस के इलाज के तरीके में भी बदलाव किया गया है, जिससे मरीजों को जल्द स्वास्थ्य लाभ मिलता है। ये जानकारी ‘केएमसी गेस्ट्रोकॉन-2016’ में दी गई।
कानपुर मेडिकल सेंटर के गेस्टेइंट्रोलॉजी डिपार्टमेंट की तरफ से होटल रॉयल क्लिफ में आयोजित ‘केएमसी गेस्ट्रोकॉन-2016’ में मेदांता हास्पिटल, गुड़गांव के डॉ. सुमित भाटिया ने बताया कि पेट के ऊपरी हिस्से में तेज असहनीय दर्द को हल्के में न लें। खासतौर पर शराब पीने वाले या जिनकी पित्त की थैली में पथरी हो क्योंकि इसकी वजह एक्यूट पैंक्रिटाइटिस हो सकती है। कुछ मरीजों का इलाज जल्द तो कुछ का लंबे समय तक चलता है। समय से सही इलाज न होने पर किडनी, श्वसन तंत्र के अतिरिक्त गुर्दे भी फेल हो सकते हैं। इससे मरीज की जान जा सकती है।
फोर्टिस हास्पिटल, दिल्ली के गेस्ट्रोइंट्रोलॉजिस्ट डॉ. निशांत नागपाल ने बताया कि एक्यूट पैंक्रियाइटिस के रोगी को भर्ती कर दवाओं के साथ नाक की नली से सही खाना-पीना देकर जल्द ठीक किया जा सकता है। पहले ऐसे मरीजों को भूखा रखते थे क्योंकि डर रहता था कि खाना देने से कहीं उल्टी खासकर खूनी उल्टी न होने लगे।
आयोजन सचिव डॉ. गौरव चावला ने बताया कि पेट के कीड़े कभी-कभी पैंक्रियाज (अग्नयाशय) में चले जाते हैं। इससे भी मरीज को पैंक्रियाइटिस होता है, जिसका पता दर्द से चलता है। शराब, धूम्रपान और पथरी के अलावा अल्सरेटिव कोलाइटिस की कुछ दवाएं भी पैंक्रियाज में सूजन की वजह हो सकती हैं।
तीन सत्रों में हुई इस कार्यशाला में हैदराबाद के डॉ. विश्वनाथ रेड्डी, भोपाल के डॉ.आबिद शौकत, एसजीपीजीआई के डॉ. गौरव पांडे, डॉ. अभय वर्मा, दिल्ली के डॉ. कपिल जमवाल, डीएमसी लुधियाना के डॉ.आर महाजन आदि ने व्याख्यान दिए।