नियमित एक्सरसाइज शरीर को सक्रिय रखने, मांसपेशियों को मजबूत बनाने और सेहत बेहतर रखने में मदद करती है। लेकिन जब हवा में PM2.5 जैसे बारीक प्रदूषक कणों की मात्रा बढ़ जाती है, तो शारीरिक गतिविधि के दौरान सांस लेने की गति बढ़ने से इन कणों का संपर्क भी बढ़ सकता है। इसका असर खासतौर पर उन लोगों पर पड़ सकता है जिन्हें पहले से अस्थमा, सांस संबंधी परेशानी या हृदय रोग है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, प्रदूषण के दौरान एक्सरसाइज का समय, स्थान और तीव्रता बदलकर प्रदूषकों के संपर्क को कम किया जा सकता है। नियमित शारीरिक गतिविधि के फायदे महत्वपूर्ण हैं, लेकिन बहुत अधिक प्रदूषण के समय सावधानी जरूरी है।
इसलिए वर्कआउट करने से पहले केवल मौसम नहीं, बल्कि हवा की गुणवत्ता भी जांचें। अगर AQI खराब है, तो दौड़ने या साइकिल चलाने के बजाय साफ हवा वाले इनडोर स्थान पर हल्की एक्सरसाइज करना बेहतर विकल्प हो सकता है। हालांकि, घर के अंदर की हवा भी प्रदूषण से प्रभावित हो सकती है, इसलिए कमरे की वायु गुणवत्ता पर भी ध्यान दें।
1. एक्सरसाइज से पहले AQI जरूर चेक करें
वर्कआउट शुरू करने से पहले CPCB के AQI पोर्टल या आधिकारिक ऐप पर अपने इलाके की ताजा रीडिंग देखें। भारतीय एक्यूआई में 201-300 को पूअर, 301-400 को वैरी पूअर और 401-500 को सेवर श्रेणी में रखा जाता है। पूअर श्रेणी में बाहर एक्सरसाइज से बचने और अधिक खराब स्तर पर आउटडोर गतिविधियां रोकने की सलाह दी जाती है।
2. तेज दौड़ने के बजाय इनडोर एक्सरसाइज चुनें
प्रदूषण अधिक होने पर आउटडोर रनिंग, तेज साइकिलिंग और हाई-इंटेंसिटी वर्कआउट से बचें। साफ हवा वाले कमरे में हल्की स्ट्रेचिंग, योग या सामान्य व्यायाम का विकल्प चुन सकते हैं। जरूरत पड़ने पर एयर फिल्टर का उपयोग करें और घर के अंदर धुएं या अगरबत्ती जैसे प्रदूषण के स्रोतों को कम रखें।
3. सुबह की हवा को हमेशा साफ न मानें
कई लोग मानते हैं कि सुबह जल्दी हवा सबसे साफ होती है, लेकिन प्रदूषण का स्तर मौसम, ट्रैफिक और स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार बदलता है। इसलिए केवल समय देखकर वर्कआउट न करें। AQI और उपलब्ध स्थानीय पूर्वानुमान देखकर ही बाहर जाने का फैसला करें।
4. शरीर के संकेतों को नजरअंदाज न करें
एक्सरसाइज के दौरान खांसी, घरघराहट, सीने में जकड़न या असामान्य सांस फूलने की समस्या हो तो तुरंत गतिविधि रोक दें और प्रदूषण से दूर जाएं। लक्षण बने रहें या गंभीर हों, तो चिकित्सा सहायता लें। अस्थमा या हृदय संबंधी बीमारी वाले लोग अपने डॉक्टर की सलाह के अनुसार व्यायाम करें।
5. बच्चों और बुजुर्गों को रखें सुरक्षित
बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और सांस या हृदय रोग से पीड़ित लोगों को प्रदूषण के दौरान विशेष सावधानी रखनी चाहिए। AQI खराब होने पर उन्हें खुले मैदान में खेलकूद और तेज शारीरिक गतिविधियों से बचना चाहिए।