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दूसरों के पसीने से रहें सावधान, इस तरह कर सकता है बीमार

Sat, 10 Jun 2017 06:18 PM IST
amarujala.com- Presented by: मंजू ममगाईं
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health
अगर आप भी एक जगह से दूसरी जगह जाने के लिए सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल करते हैं और अक्सर पसीने में नहाकर ही अपने गंतव्य तक पहुंचते हैं तो ये खबर शायद आपके लिए ही है।  
आजतक आपके लिए पसीने की बदबू लोगों के सामने शर्मिंदगी की वजह बनी होगी।

क्या आप जानते हैं पसीने की वजह से आप सिर्फ शर्मिंदा ही नहीं होते बल्कि कई बीमारियों के शिकार भी हो सकते हैं वो भी तब जब ये पसीना आपका नहीं बल्कि किसी और का हो। आइए जानते हैं किसी दूसरे का पसीना आपको किस तरह बीमार बना सकता है। 
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वायरल संक्रमण
वायरल संक्रमण (Viral Infections like Cold, Flu)
आपको बता दें कि वैसे तो सर्दी-जुखाम जैसे संक्रमण के वायरस पसीने में शामिल नहीं होते हैं लेकिन लोगों के नाक-रगड़ने, छींकने या सांस के जरिए ये त्वचा में मिल सकते हैं। ऐसे में यदि कोई व्यक्ति किसी प्रभावित व्यक्ति को टच करता है या उसके साथ संपर्क में आता है तो वो भी इस वायरस की चपेट में आ सकता है। 
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हेपेटाइटिस बी वायरस
हेपेटाइटिस बी वायरस (Hepatitis B Virus)

एक रिसर्च के अनुसार इस बात का खुलासा किया गया है कि हेपेटाइटिस बी का वायरस खेलों के दौरान आने वाले पसीने से फैल सकता है। आमतौर पर, यह माना जाता है कि एचबीवी (HBV) का वायरस खुले घावों और नाक की झिल्ली के जरिए फैलता है।

हाल ही में  एक ओलंपिक कुश्तीबाज पर हुए एक अध्ययन के दौरान कहा गया कि खेलों में भाग लेने वाले 11 प्रतिशत प्रतिभागियों के पसीने में रक्त में पाए जाने वाले वायरस के स्तर के समान ही इस वायरस के घटक मौजूद थे। गौरतलब हैं कि यह अध्ययन ब्रिटिश जर्नल ऑफ स्पोर्ट्स मेडिसिन में भी प्रकाशित हुआ था। 

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इम्पेटीगो
इम्पेटीगो (Impetigo)

इम्पेटीगो एक अत्यधिक संक्रामक त्वचा संक्रमण है जो कि किसी संक्रमित त्वचा के माध्यम से किसी दूसरे इंसान को फैल सकता है। इस तरह का संक्रमण बच्चों में बहुत आम पाया जाता है। इसकी वजह से उन्हें त्वचा पर छाले, लाल पैच, प्लेग हो सकता है। बता दें ये वायरस स्ट्रैफिलोकोकस ऑरियस के कारण भी होता है।
 
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एमआरएसए
एमआरएसए(MRSA)

मेथिसिलिन प्रतिरोधी स्ट्रैफिलोकोकस ऑरियस एक सुपर बग है जो शरीर के विभिन्न हिस्सों में पहुंच जाता है। ये संक्रमण बहुत मुश्किल से ठीक होता है। आम तौर पर इसे बाजार में उपलब्ध एंटीबायोटिक दवाओं से रोका जाता है। इसकी वजह से त्वचा पर घाव,फोड़े खून और फेफड़ों में इन्फेक्शन हो सकता है।
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