ध्यान तनावपूर्ण दुनिया में विश्राम और जागरूकता के लिए समय प्रदान करता है जब हमारी इंद्रियां अक्सर सुस्त होती हैं। शोध बताते हैं कि ध्यान करने से अस्थायी तनाव से राहत की अधिक संभावना है।ध्यान करने की विविधता से पता चलता है कि व्यक्तित्व या जीवन शैली की के आधार पर हर व्यक्ति के लिए ध्यान की अलग-अलग शैली है। जो व्यक्ति ध्यान करता है, उसके लिए अभ्यास से शारीरिक स्वास्थ्य में सुधार होता है, साथ ही भावनात्मक स्वास्थ्य भी सुधर जाता है।आगे की स्लाइड्स में जानें ध्यान की शैलियां।
प्रिय-दयालू ध्यान
कई तरह के ध्यान करने के साथ, प्रत्येक व्यक्तियों के लिए उनके अनुरूप एक ध्यान होता है। ध्यान-दया को मेटा ध्यान के रूप में भी जाना जाता है। इसका लक्ष्य हर व्यक्ति के प्रति प्रेम और दया का व्यवहार करना है। गहरी सांस लेते हुए ये ध्यान अपनाने वाले प्यार और दयालुता प्राप्त करने के लिए अपने मन के दरवाजे खोल देते हैं। वे फिर दुनिया को, खास लोगों या अपने प्रियजनों को दयालुता और प्यार के संदेश भेजते हैं। इस प्रकार का ध्यान सकारात्मक भावनाओं को बढ़ाने में मदद करता है।
माइंडफुलनेस ध्यान
माइंडफुलनेस ध्यान का एक ऐसा रूप है जो लोगों को पल में जागरूक और वर्तमान में उपस्थित रहने का आग्रह करता है।अतीत में जीने या भविष्य को आगे बढ़ाने के बजाय, माइंडफुलनेस किसी व्यक्ति के मौजूदा समय के बारे में जागरूकता को प्रोत्साहित करती है। माइंडफुलनेस मेडिटेशन एक ऐसी चीज है जिसे लोग लगभग कहीं भी कर सकते हैं। उदाहरण के लिए, किराने की दुकान पर लाइन में प्रतीक्षा करते हुए, एक व्यक्ति शांति से अपने आस-पास की जगहों को देख सकता है, जिसमें आवाजें और अनुभव भी शामिल हैं।
कुंडलिनी योग
कुंडलिनी योग ध्यान का एक सक्रिय रूप है जो गहरी सांस लेने और मंत्रों उच्चारण को शामिल करता है। लोग आमतौर पर एक शिक्षक से सीखते हैं। हालांकि, कोई भी घर पर पोज और मंत्र सीख सकता है। योग के अन्य रूपों के समान, कुंडलिनी योग शारीरिक शक्ति में सुधार कर सकता है और दर्द को कम कर सकता है। यह चिंता और अवसाद को कम करके मानसिक स्वास्थ्य में सुधार भी कर सकता है।