भुजंगासन से आकाशतत्व का निर्माण होता है, जिससे फेफड़े में हवा के लिए समुचित स्थान बनता है और सांस के लिए पर्याप्त ऑक्सीजन मिल पाता है। इससे सीओपीडी से बचाव होता है।
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कैसे करें आसन
पेट के बल लेट जाएं। अब, दोनों पैरों की एड़ियों, पंजों को नीचे रखते हुए तानें। दोनों हाथों को मोड़कर कंधे की चौड़ाई जितने अंतराल पर रखें। कोहनियां यथासंभव पीछे की ओर रहें। माथे को जमीन से लगाकर रखें।
अब सांस भरते हुए धीरे-धीरे सिर और कंधों को जमीन से ऊपर उठाएं और पीछे की ओर इतना मोड़ें कि सिर का पिछला हिस्सा रीढ़ को छूने लगे। नाभि को जमीन से लगाए रखते हुए, इस स्थिति में करीब आधे मिनट तक रुकें और फिर सांस छोड़ते हुए सामान्य स्थिति में आ जाएं।