World Pharmacist Day 2023: आज दुनियाभर में स्वास्थ्य सेवाओं में विशेष योगदान देने वाले फार्मासिस्ट को समर्पित खास दिन मनाया जा रहा है। इस दिन विश्व फार्मासिस्ट दिवस के तौर पर हर साल 25 सितंबर को मनाते हैं। फार्मासिस्ट स्वास्थ्य सेवा से जुड़े वह लोग हैं जो बतौर चिकित्सा पेशेवर दवाओं की आपूर्ति करते हैं और मरीजों को डॉक्टर की प्रिस्क्रिप्शन दवाएं उपलब्ध कराते हैं। आइए जानते हैं विश्व फार्मासिस्ट दिवस का इतिहास, महत्व और इस वर्ष की थीम। साथ ही फार्मासिस्ट का स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में क्या योगदान है।
फार्मासिस्ट दिवस का इतिहास 2023
प्रतिवर्ष 25 सितंबर को मनाया जाने वाला विश्व फार्मासिस्ट दिवस को पहली बार साल 2009 में मनाया गया था। इस दिन को मनाने की मांग इंटरनेशनल फार्मास्युटिकल फेडरेशन (एफआईपी) ने वर्ष 2000 में इस्तांबुल में आयोजित एक सम्मेलन में की थी। सम्मेलन के दौरान इस दिन को मान्यता दे दी गई। हालांकि पहली बार इस्तांबुल, तुर्की में फार्मेसी और फार्मास्युटिकल साइंस को एफआईपी ने विश्व कांग्रेस में 2009 को मनाया।
25 सितंबर को ही क्यों मनाते हैं फार्मासिस्ट डे
फार्मासिस्ट दिवस 25 सितंबर को मनाने के पीछे खास वजह है। 1912 में इंटरनेशनल फार्मास्युटिकल फेडरेशन (एफआईपी) की स्थापना इसी दिन हुई थी। यह फेडरेशन स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए फार्मासिस्टों की भूमिका को बढ़ावा देता है। फेडरेशन की वर्षगांठ की याद में फार्मासिस्ट दिवस मनाने का फैसला लिया गया।
फार्मासिस्ट का स्वास्थ्य क्षेत्र में योगदान
फार्मासिस्ट मरीजों की सेहत को ध्यान में रखते हुए स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करता है। फार्मासिस्ट के कामों में दवा की पहचान करना, उसकी रिस्टाॅकिंग, एक्सपायरी डेट का ध्यान रखना आदि शामिल है।
फार्मासिस्ट दिवस 2023 की थीम
हर साल फार्मासिस्ट दिवस की एक खास थीम होती है। इस साल फार्मासिस्ट दिवस 2023 की थीम 'फार्मेसी इज स्ट्रेंथनिंग हेल्थ सिस्टम्स' (Pharmacy Strengthening Health Systems) है