21 जून का दिन दुनिया के तमाम देशों के लिए महत्वपूर्ण है। इस दिन विश्व योग दिवस मनाया जाता है। योग शरीर को स्वस्थ रखने के साथ ही मानसिक सेहत व शांति के लिए भी सहायक है। हालांकि मन मस्तिष्क को रिलैक्स महसूस कराने में योग के अलावा संगीत भी बेहतर विकल्प हो सकता है।
संगीत व्यक्ति को सुकून का अहसास कराता है। संगीत महज मनोरंजन का जरिया नहीं, लेकिन स्वस्थ तन-मन के लिए भी कारगर है। डाॅक्टर भी संगीत को सेहत के लिए फायदेमंद मानते हैं। अध्ययनों के मुताबिक, संगीत शरीर में बदलाव लाता है, जो स्वास्थ्य में सुधार करता है। अवसाद और निराशा के शिकार लोगों को इससे बाहर निकालने के लिए संगीत थेरेपी दी जाती है।
संगीत के महत्व व उपयोगिता के बारे में दुनियाभर को जागरूक करने के उद्देश्य से हर साल विश्व संगीत दिवस मनाया जाता है। योग दिवस यानी 21 जून को ही विश्व संगीत दिवस मनाते हैं। आइए जानते हैं संगीत दिवस का इतिहास, महत्व और इस वर्ष की थीम।
संगीत दिवस का इतिहास
विश्व संगीत दिवस पहली बार फ्रांस में 1982 में मनाया गया था। फ्रांस के तत्कालीन सांस्कृतिक मंत्री जैक लैंग ने लोगों की संगीत के प्रति दीवानगी को देखते हुए इस दिन को मनाने की घोषणा की थी। उन दिनों संगीत दिवस को 'फेटे ला म्यूजिक' कहा जाता था।
पहला संगीत दिवस कैसे मनाया गया?
1982 में मनाए गए पहले संगीत दिवस में 32 से ज्यादा देशों का समर्थन मिला। इस दौरान कई कार्यक्रम आयोजित किए गए। उसके बाद से भारत समेत इटली, ग्रीस, रूस, अमेरिका, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया, पेरू, ब्राजील, इक्वाडोर, मैक्सिको, कनाडा, जापान, चीन, मलेशिया और दुनिया के तमाम देश विश्व संगीत दिवस हर साल 21 जून को मनाते हैं।
संगीत की थीम
हर साल विश्व संगीत दिवस की एक खास थीम होती है। पिछले साल संगीत दिवस 2022 की थीम 'चौराहों पर संगीत' (Music At Intersections) रही।