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Children Day 2025: 20 नवंबर को मनाया जा रहा है बाल दिवस, जानिए 14 नवंबर से कैसे है अलग

Wed, 19 Nov 2025 11:10 AM IST
शिवानी अवस्थी लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

World Children’s Day 2025: 20 नवंबर को दुनिया भर में बच्चों के अधिकार, सुरक्षा, शिक्षा और समान अवसर की मांग को आवाज दी जाती है। यही वजह है कि 20 नवंबर का महत्व वैश्विक स्तर पर बहुत बड़ा है। इस लेख में जानिए 14 नवंबर और 20 नवंबर के बाल दिवस का इतिहास, अर्थ और दोनों में फर्क।
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बाल दिवस 2025 शुभकामनाएं - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
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World Children’s Day 2025: बचपन हर समाज की नींव है और बच्चों की मुस्कान किसी भी देश का भविष्य। साल 2025 में बाल दिवस 20 नवंबर को मनाया जा रहा है, जो कई लोगों को चौंकाता है, क्योंकि हमारे देश में वर्षों से 14 नवंबर को ही इसे मनाने की परंपरा रही है। असल में भारत का बाल दिवस और अंतरराष्ट्रीय बाल अधिकार दिवस दोनों की तारीखें अलग हैं, उनकी आधार-परंपराएं अलग हैं, और उद्देश्य भी।

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14 नवंबर जहां भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के जन्मदिवस को समर्पित है, वहीं 20 नवंबर को दुनिया भर में बच्चों के अधिकार, सुरक्षा, शिक्षा और समान अवसर की मांग को आवाज दी जाती है। यही वजह है कि 20 नवंबर का महत्व वैश्विक स्तर पर बहुत बड़ा है। इस लेख में जानिए 14 नवंबर और 20 नवंबर के बाल दिवस का इतिहास, अर्थ और दोनों में फर्क।

बाल दिवस 20 नवंबर को क्यों मनाया जा रहा है?

2025 में कई देशों की तरह भारत में भी 20 नवंबर को अंतरराष्ट्रीय बाल दिवस मनाया जा रहा है। यह तिथि यूनाइटेड नेशंस द्वारा 1954 में निर्धारित की गई थी। इसी दिन बाल अधिकारों से जुड़ी दो ऐतिहासिक घटनाएं हुईं।
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पहली, 1959 में संयुक्त राष्ट्र ने बाल अधिकारों की घोषणा (Declaration of the Rights of the Child) को अपनाया।

दूसरी, 1989 में बाल अधिकार सम्मेलन (CRC) को अंतिम रूप दिया गया

इसलिए 20 नवंबर बच्चों के अधिकारों को मजबूत करने का दिन माना जाता है।


14 नवंबर और 20 नवंबर में क्या है अंतर?

आधार और इतिहास का अंतर

14 नवंबर को भारत का बाल दिवस मनाया जाता है। पंडित जवाहरलाल नेहरू के बच्चों के प्रति प्रेम और उनकी शिक्षा पर दिए गए महत्व के सम्मान में यह दिवस केवल भारत में मनाया जाता है।
20 नवंबर को अंतरराष्ट्रीय बाल दिवस के रूप में मनाते हैं। यह दुनिया भर में बच्चों की सुरक्षा, स्वास्थ्य और अधिकारों के लिए समर्पित है।


उद्देश्य का अंतर

भारत के बाल दिवस का उद्देश्य भारतीय संस्कृति में बच्चों को प्यार देना, उनकी खुशियों और सपनों पर ध्यान देना है।
जबकि 20 नवंबर के विश्व बाल दिवस को मनाने का उद्देश्य बाल श्रम, हिंसा, भेदभाव, गरीबी और शोषण पर वैश्विक चर्चा और कार्रवाई करना है।


दायरे और प्रभाव का अंतर

14 नवंबर का बाल दिवस भारतीय स्कूलों, कॉलेजों और संस्थाओं तक सीमित है। जबकि, 20 नवंबर का बाल दिवस विश्व स्वास्थ्य संगठन, यूनिसेफ और अंतरराष्ट्रीय संगठनों द्वारा बड़े पैमाने पर मनाया जाता है।


मनाने के तरीके का अंतर

भारत में मनाए जाने वाले बाल दिवस पर सांस्कृतिक उत्सव, कार्यक्रम, प्रतियोगिताएं आयोजित की जाती हैं। वहीं 20 नवंबर को विश्व बाल दिवस पर नीति निर्माण, बच्चों के लिए कानून और अधिकारों की सुरक्षा पर चर्चा होती है।

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