बांस एक तेजी से बढ़ने वाला पौधा है और कई परिस्थितियों में इसकी खेती और उपयोग सामग्रियों के नवीनीकरण का विकल्प दे सकते हैं। लेकिन किसी बांस उत्पाद का पर्यावरणीय प्रभाव केवल इस बात से तय नहीं होता कि वह बांस से बना है। उसके बनाने के काम मेन्युफेक्चरिंग, ट्रांसपोर्टेशन, पैकेजिंग और इस्तेमाल के बाद डिस्पोजेबल का भी असर पड़ता है।
यही वजह है कि अगली बार बांस का सामान देखकर केवल नेचुरल या ईको फ्रेंडली लेबल पर भरोसा करने के बजाय कुछ जरूरी सवाल पूछना समझदारी है। क्या यह असली बांस है या केवल बांस फाइबर से बना कम्पोजिट? इसमें प्लास्टिक या सिंथेटिक रेसिन तो नहीं ? इसे रिसाइकिल या काॅम्पोस्ट कैसे किया जा सकता है।
आइए जानते हैं बांस का सामान खरीदने से पहले जांचने वाली 7 जरूरी बातें।
1. सबसे पहले देखें सामान में बांस कितना है?
बांस उत्पाद लिखा होने का यह मनतलब नहीं है कि पूरा सामान बांस का ही बना है। कई उत्पादों में बांस के साथ प्लास्टिक, रैसिन्स या दूसरे मटेरियल इस्तेमाल किए जा सकते हैं।खासकर बांस फाइबर से बने कुछ कम्पोजिट उत्पादों में मेन्युफैक्चरिंग प्रोसेस के दौरान दूसरे पदार्थ जोड़े जाते हैं।
इसलिए खरीदने से पहले उत्पाद की मटेरियल काॅम्पोजिशन जरूर पढ़ें। केवल पैकेजिंग पर बांस की तस्वीर देखकर फैसला न करें।
2. बांस तेजी से बढ़ता है, लेकिन खेती भी मायने रखती है
बांस की सबसे चर्चित खूबियों में उसकी तेज ग्रोथ शामिल है। कई बांस अपेक्षाकृत कम समय में मेच्योर हो सकते हैं और इसे अलग-अलग क्लाइमेट कंडीशन में उगाया जा सकता है। लेकिन टिकाऊपन केवल पौधे की ग्रोथ स्पीड से तय नहीं होती। कहां उगाया गया, किस तरह खेती हुई और जमीन व पानी का इस्तेमाल कैसे हुआ, ये सभी फैक्टर महत्वपूर्ण हैं।
3. मैन्युफेक्चरिंग प्रोसेस को नजरअंदाज न करें
बांस को राॅ मटेरियल से फिनिस्ड उत्पाद में बदलने के लिए कटिंग, ड्राइंग, ट्रीटमेंट, प्रोसेसिंग और मेन्युफेक्चरिंग जैसी प्रक्रियाओं की जरूरत हो सकती है।
अगर किसी उत्पाद को बनाने में बहुत ज्यादा प्रोसेसिंग, केमिकल्स या एनर्जी की जरूरत पड़ती है, तो उसका पर्यावरणीय फुटप्रिंट भी बढ़ सकता है। यानी टिकाऊ उत्पाद चुनते समय पूरी सप्लाई चेन देखना ज्यादा महत्वपूर्ण है, सिर्फ कच्चा माल नहीं।
4. बांस कप और कटलरी में खास सावधानी
बांस नाम देखकर किचनवेयर को खुद ब खुद प्लास्टिक फ्री या काॅम्पोस्टेबल समझ लेना सही नहीं है। कुछ बांस आधारित कप, प्लेट्स या बर्तन में बांस के अलावा बाइंडर्स या अन्य मटेरियल मौजूद हो सकते हैं। इसलिए खाद्य के संपर्क में आने वाले उत्पाद खरीदते समय मेन्यूफैक्चरर की मटेरियल जानकारी और केयर इंस्ट्रक्शन पढ़ें।
5. पैकेजिंग भी चेक करें
बांस का सामान खरीदकर अगर वह कई प्लास्टिक पैकेजिंग की लेयर में आता है तो पूरी टिकाऊपन की कहानी थोड़ी अलग हो जाती है। इसलिए पैकेजिंग पर भी नजर डालें। मिनिमल, रिसाइकिल या रियूजेबल पैकेजिंग वाला विकल्प उपलब्ध हो तो उसकी जानकारी लेना उपयोगी है। यह छोटी बात लग सकती है, लेकिन किसी उत्पाद का वातावरणीय प्रभाव केवल उत्पाद तक सीमित नहीं होता।
क्या बांस की चीजें खरीदनी चाहिए?
बांस को संस्टेबल मटेरियल के तौर पर देखने की वजहें जरूर हैं लेकिन हर बांस लेबल्ड उत्पाद को ईको फ्रेंडली मानना सही नहीं है। खरीदारी करते समय चार चीजों पर खास ध्यान दें, मटेरियल, मैन्युफैक्चरिंग, ड्यूरेबिलिटी और एंड आफ लाइफ। इसके साथ पैकेजिंग और साॅर्सिंग की जानकारी भी देखें।