दरअसल, नई मूर्ति घर लाने के बाद उसे सीधे पूजा स्थल पर स्थापित करने के बजाय कुछ पारंपरिक तैयारियां की जाती हैं। सबसे पहले मूर्ति को साफ और पवित्र स्थान पर रखना, पूजा स्थल की सफाई करना और स्थापना के लिए चौकी तैयार करना अच्छा माना जाता है। इसके बाद दिवाली के दिन शुभ मुहूर्त में विधि-विधान से मां लक्ष्मी और गणेश जी की पूजा की जाती है।
अगर आपने भी इस धनतेरस पर नई लक्ष्मी-गणेश की मूर्ति खरीदी है, तो जानिए घर लाने के बाद सबसे पहले क्या करना चाहिए, मूर्ति को कहां रखना चाहिए और दिवाली पूजा के दिन स्थापना करते समय किन बातों का ध्यान रखना जरूरी है।
लक्ष्मी-गणेश की मूर्ति घर लाने के बाद सबसे पहले करें ये 5 काम
सबसे पहले मूर्ति को साफ और पवित्र स्थान पर रखें
धनतेरस पर नई लक्ष्मी-गणेश की मूर्ति घर लाने के बाद सबसे पहले उसे किसी साफ-सुथरी जगह पर रखें। ध्यान रखें कि मूर्ति को सीधे जमीन पर न रखें। इसके लिए साफ कपड़ा या छोटी चौकी इस्तेमाल कर सकते हैं। अगर मूर्ति पैकिंग में है तो उसे सावधानी से निकालें और उसकी बनावट अच्छी तरह देख लें।
पूजा स्थल की अच्छी तरह सफाई करें
मूर्ति घर लाने के बाद अपने पूजा स्थल या मंदिर की सफाई जरूर करें। मंदिर से पुराने फूल, धूल और इस्तेमाल की गई पूजा सामग्री हटा दें। इसके बाद गंगाजल या स्वच्छ जल का छिड़काव कर सकते हैं। धार्मिक मान्यता के अनुसार पूजा स्थल की साफ-सफाई और पवित्रता का विशेष महत्व है।
मूर्ति को तुरंत स्थापित करना जरूरी नहीं
कई लोगों के मन में सवाल होता है कि धनतेरस पर मूर्ति खरीदकर घर लाते ही उसकी स्थापना कर देनी चाहिए या नहीं? सामान्य परंपरा में नई मूर्ति को साफ स्थान पर सुरक्षित रखकर दिवाली की लक्ष्मी पूजा के समय स्थापित किया जाता है। हालांकि, कुछ परिवार धनतेरस पर ही पूजा और स्थापना करते हैं। इसलिए अपने परिवार की परंपरा और पूजा के अनुसार निर्णय लें।
दिवाली पूजा के लिए चौकी और पूजा सामग्री तैयार रखें
दिवाली पूजा के लिए एक साफ चौकी तैयार करें। उस पर लाल या पीला कपड़ा बिछाएं। पूजा के लिए रोली, अक्षत, फूल, दीपक, धूप, अगरबत्ती, फल, मिठाई और पूजा की अन्य सामग्री रख लें। मूर्ति स्थापित करने से पहले यह भी देख लें कि चौकी मजबूत और साफ हो।
शुभ मुहूर्त में करें लक्ष्मी-गणेश की स्थापना और पूजा
दिवाली के दिन अपनी पारिवारिक परंपरा और स्थानीय पंचांग के अनुसार शुभ मुहूर्त में मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित करें। पहले भगवान गणेश का स्मरण और पूजन करें, फिर मां लक्ष्मी की पूजा करें। दोनों को फूल, अक्षत और मिठाई अर्पित करें। अंत में आरती करके सुख-समृद्धि की कामना करें।
लक्ष्मी-गणेश की मूर्ति रखते समय इन बातों का भी रखें ध्यान
- मूर्ति को साफ और सम्मानजनक स्थान पर रखें।
- मूर्ति के आसपास अनावश्यक सामान जमा न होने दें।
- प्रतिमा को ऐसी जगह रखें जहां नियमित पूजा आसानी से हो सके।
- टूटी या खंडित मूर्ति को नई पूजा प्रतिमा के रूप में स्थापित न करें।
- पूजा विधि में परिवार की परंपरा और स्थानीय पंडित की सलाह को महत्व दें।
क्या धनतेरस पर खरीदी मूर्ति की उसी दिन पूजा करनी चाहिए?
धनतेरस पर नई लक्ष्मी-गणेश की मूर्ति खरीदने का अर्थ यह नहीं है कि उसी दिन दिवाली वाली पूरी लक्ष्मी पूजा करना अनिवार्य है। कुछ परिवार धनतेरस पर भी नई मूर्ति की पूजा करते हैं, जबकि कई परिवार उसे साफ स्थान पर रखकर दिवाली की मुख्य पूजा के दिन स्थापित करते हैं। दोनों ही स्थितियों में पारिवारिक परंपरा महत्वपूर्ण है। इसलिए मूर्ति घर लाने के बाद सबसे पहले उसकी देखभाल करें, पूजा स्थल साफ रखें और दिवाली की पूजा की तैयारी पूरी कर लें। श्रद्धा और स्वच्छता के साथ की गई पूजा को ही सबसे अधिक महत्व देना चाहिए।
लक्ष्मी- गणेश की मूर्ति से जुड़े सवालों के जवाब
1. क्या धनतेरस पर खरीदी लक्ष्मी-गणेश की मूर्ति को उसी दिन स्थापित कर सकते हैं?
हां, कुछ परिवार धनतेरस पर ही मूर्ति की पूजा और स्थापना करते हैं। अन्य परिवार दिवाली के दिन स्थापना करते हैं। यह पारिवारिक परंपरा पर निर्भर करता है।
2. लक्ष्मी-गणेश की मूर्ति घर में कहां रखनी चाहिए?
घर के साफ-सुथरे पूजा स्थल या मंदिर में रखें, जहां नियमित रूप से पूजा की जा सके।
3. क्या नई मूर्ति को गंगाजल से साफ करना चाहिए?
मूर्ति की सामग्री के अनुसार सफाई करें। मिट्टी, रंगीन या नाजुक मूर्ति पर सीधे पानी न डालें। गंगाजल का हल्का छिड़काव कर सकते हैं।
4. लक्ष्मी-गणेश की पूजा में सबसे पहले किसकी पूजा करें?
सामान्य पूजा परंपरा में सबसे पहले भगवान गणेश का स्मरण और पूजन किया जाता है, फिर मां लक्ष्मी की पूजा होती है।