अक्सर लोग केवल तब नई बोतल खरीदते हैं जब पुरानी टूट जाती है या खराब दिखने लगती है। हालांकि, स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार कुछ संकेत ऐसे भी होते हैं जो बताते हैं कि आपकी बोतल बदलने का समय आ गया है।
समय के साथ बोतल के अंदर बैक्टीरिया, फंगस और अन्य सूक्ष्म जीव पनप सकते हैं, खासकर यदि उसकी नियमित सफाई नहीं की जाती। वहीं प्लास्टिक की बोतलों में घिसावट और दरारें भी स्वास्थ्य के लिए जोखिम पैदा कर सकती हैं।
ऐसे में यह जानना जरूरी है कि किस प्रकार की बोतल कितने समय तक सुरक्षित मानी जाती है और किन संकेतों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। आइए जानते हैं कि पानी की बोतल को कब बदलना चाहिए और कौन-सी चेतावनी आपके स्वास्थ्य से जुड़ी हो सकती है।
- प्लास्टिक की बोतल में दरार या खरोंच दिखने लगे
यदि आपकी प्लास्टिक बोतल पर गहरी खरोंचें, दरारें या टूट-फूट दिखाई देने लगे तो उसे बदल देना बेहतर होता है। इन जगहों पर बैक्टीरिया जमा हो सकते हैं और सामान्य सफाई से पूरी तरह हट नहीं पाते।
अगर अच्छी तरह धोने के बाद भी बोतल से बदबू या अजीब गंध आती है, तो यह संकेत हो सकता है कि उसके अंदर बैक्टीरिया या फंगस जमा हो चुके हैं। ऐसी स्थिति में नई बोतल लेना सुरक्षित विकल्प हो सकता है।
- रंग बदलने लगे या दाग स्थायी हो जाएं
समय के साथ कुछ बोतलों का रंग फीका पड़ सकता है या अंदर जिद्दी दाग जमा हो सकते हैं। यदि बार-बार सफाई के बाद भी ये निशान बने रहें, तो यह बोतल बदलने का संकेत हो सकता है।
- ढक्कन या सील ठीक से काम न करे
यदि बोतल का ढक्कन लीक करने लगे या उसकी सील खराब हो जाए, तो पानी दूषित होने का खतरा बढ़ सकता है। ऐसे में केवल ढक्कन बदलना संभव न हो तो पूरी बोतल बदलना बेहतर है।
कितने समय बाद बदलनी चाहिए बोतल?
- स्टेनलेस स्टील और कांच की बोतलें उचित देखभाल के साथ कई वर्षों तक चल सकती हैं।
- वहीं बार-बार इस्तेमाल होने वाली प्लास्टिक बोतलों को उनकी स्थिति के अनुसार समय-समय पर बदलना चाहिए।
- यदि कोई नुकसान, गंध, दरार या सफाई से जुड़ी समस्या दिखाई दे तो इंतजार करने की बजाय नई बोतल का इस्तेमाल करना बेहतर है।