खराब हवा में मौजूद प्रदूषक कण सांस के जरिए शरीर में प्रवेश कर सकते हैं। इससे खांसी, गले में जलन और सांस लेने में परेशानी हो सकती है। बच्चों के फेफड़े अभी विकसित हो रहे होते हैं, जबकि बुजुर्गों और पहले से अस्थमा, फेफड़ों या हृदय संबंधी बीमारी से पीड़ित लोगों को प्रदूषण से ज्यादा परेशानी हो सकती है। इसलिए फैमिली ट्रिप प्लान करते समय केवल मौसम ही नहीं, बल्कि प्रदूषण के स्तर पर भी ध्यान देना जरूरी है।
कुछ सावधानियां अपनाकर यात्रा के दौरान प्रदूषण के संपर्क को कम किया जा सकता है। गंतव्य का
AQI चेक करने से लेकर होटल चुनने, बाहर घूमने का समय तय करने और जरूरी दवाएं साथ रखने तक, कई छोटी बातें आपकी यात्रा को बेहतर बना सकती हैं। आइए जानते हैं बच्चों और बुजुर्गों के साथ ट्रिप प्लान करते समय किन बातों का खास ध्यान रखना चाहिए।
1. यात्रा से पहले जरूर चेक करें AQI
टिकट बुक करने से पहले गंतव्य की एयर क्वालिटी चेक करें। आधिकारिक वेबसाइट या समीर ऐप पर उपलब्ध AQI जानकारी देख सकते हैं। यात्रा से एक दिन पहले और निकलने के दिन भी ताजा स्थिति जांचें, क्योंकि प्रदूषण का स्तर बदल सकता है। यदि हवा बहुत खराब या गंभीर श्रेणी में है, तो गैर-जरूरी यात्रा टालने या गंतव्य बदलने पर विचार करें।
2. होटल चुनते समय रखें सावधानी
ऐसा होटल चुनें जहां कमरों में पर्याप्त वेंटिलेशन हो और जरूरत पड़ने पर प्रदूषण से बचाव के लिए उपयुक्त एयर फिल्ट्रेशन की सुविधा उपलब्ध हो। अधिक ट्रैफिक, व्यस्त सड़कों और औद्योगिक क्षेत्रों के बिल्कुल पास ठहरने से बचना उपयोगी हो सकता है। कमरे की हवा की गुणवत्ता भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि घर के अंदर प्रदूषण पूरी तरह खत्म नहीं होता।
3. बाहर घूमने का समय सोच-समझकर तय करें
बच्चों और बुजुर्गों के साथ लंबी पैदल यात्रा, दौड़ने या अधिक मेहनत वाली गतिविधियों की योजना तभी बनाएं, जब हवा की गुणवत्ता अनुकूल हो। प्रदूषण अधिक होने पर बाहर बिताया जाने वाला समय कम रखें और जरूरत के अनुसार इनडोर गतिविधियां चुनें। केवल सुबह या शाम होने के आधार पर हवा को साफ न मानें; पहले AQI और स्थानीय सलाह देखें।
4. जरूरी दवाएं और मास्क साथ रखें
यदि किसी सदस्य को अस्थमा या सांस की बीमारी है, तो डॉक्टर की सलाह के अनुसार निर्धारित दवाएं और इनहेलर साथ रखें। प्रदूषण के संपर्क को कम करने के लिए सही फिटिंग वाला N95 या समकक्ष रेस्पिरेटर मदद कर सकता है, लेकिन यह पूरी सुरक्षा नहीं देता। छोटे बच्चों के लिए मास्क उनकी उम्र, फिटिंग और सुरक्षा को ध्यान में रखकर ही चुनें।
5. यात्रा के दौरान लक्षणों पर ध्यान दें
अगर किसी बच्चे या बुजुर्ग को लगातार खांसी, सांस फूलना, सीने में जकड़न या असामान्य थकान महसूस हो, तो गतिविधि रोककर प्रदूषण से दूर जाएं। गंभीर सांस की परेशानी या सीने में दर्द होने पर तुरंत चिकित्सा सहायता लें। पहले से बीमारी होने पर यात्रा से पहले डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर है।
6. ट्रिप का प्लान लचीला रखें
खराब AQI की स्थिति में आउटडोर पर्यटन स्थलों के बजाय संग्रहालय, इनडोर आकर्षण या होटल में आराम जैसे विकल्प रखें। मौसम और प्रदूषण के अपडेट देखते रहें तथा जरूरत पड़ने पर कार्यक्रम बदलने के लिए तैयार रहें।