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बर्फ से ढके पहाड़ों और स्वच्छ नदियों से सजी है जंस्कार घाटी, होता है जन्नत का एहसास

Thu, 29 Oct 2020 12:00 AM IST
योगेश जोशी लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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जंस्कार घाटी कारगिल जिले में लद्दाख से लगभग 105 किलोमीटर दूर स्थित है- फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
जंस्कार घाटी कारगिल जिले में लद्दाख से लगभग 105 किलोमीटर दूर स्थित है। ये भारत की खूबसूरत जगहों में से एक है। जंस्कार घाटी में जन्नत का एहसास होता है। बर्फ से ढके पहाड़ों और स्वच्छ नदियों से सजी जंस्कार घाटी की सुंदरता देखते ही बनती है। इस घाटी को 'जहर या जंगस्कर' जैसे स्थानीय नामों से भी जाना जाता है।  समुद्र तल से लगभग 13,154 की ऊंचाई पर बसी जंस्कार घाटी 'द टेथिस' हिमालय का एक हिस्सा है। यह घाटी लगभग पांच हजार वर्ग किलोमीटर में फैली है। आज हम आपको भारत की इस खूबसूरत घाटी के बारे में बताने जा रहे हैं...
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जंस्कार घाटी- फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
जंस्कार घाटी का इतिहास
  • इतिहासकारों के अनुसार 'ग्रेट लामा सोंगत्सेन गम्पो' ने सातवीं शताब्दी में लद्दाख में बौद्ध धर्म की शुरुआत की थी, जिसका प्रभाव जंस्कार घाटी पर भी पड़ा। उस समय यह जगह बौद्ध धर्म का भक्ति स्थल बन गया था और जंस्कार से सटा कश्मीर का हिस्सा इस्लाम धर्म के अनुयायियों का स्थल बन गया था।
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चादर ट्रक को लेह- लद्दाख का सबसे खतरनाक ट्रक माना जाता है- सांकेतिक तस्वीर - फोटो : Social media
चादर ट्रक
  • चादर ट्रक को लेह- लद्दाख का सबसे खतरनाक ट्रक माना जाता है। यह ट्रक जंस्कार घाटी का सबसे प्रमुख आकर्षण का केंद्र है। आपको बता दें कि सर्दियों के दिनों में जंस्कार नदी बर्फ की सफेद चादर सी दिखने लगती है, जिस वजह से इसे चादर ट्रक कहा जाता है।

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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
  • जंस्कार घाटी के आसपास के इलाके
इस घाटी के आसपास और भी कई खूबसूरत स्थल हैं। जैसे-
  • हेमिस मठपैंगोंग झीलशांग गोम्पा 
  • गोत्संग गोम्पा
  • खर्दुंग ला पास
  • लेह पैलेस 
  • गुरुद्वारा पत्थर साहिब
  • त्सो मोरीरी झील
  • चादर ट्रैक 
  • फुगताल मठ 
  • शांति स्तूप
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : Pixabay
जंगली जानवारों की विभिन्न- विभिन्न प्रजातियां
  • जंस्कार घाटी में जंगली जानवारों की विभिन्न- विभिन्न प्रजातियां जैसे- भालू, स्नो लेपर्ड, और मर्मोट पाए जाते हैं। इस घाटी में कई तरहों के पालतू जानवर भी देखने को मिलते हैं, जैसे- डोजो, याक, भेड़ और घोड़े।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
कब जाना चाहिए जंस्कार घाटी
  • जंस्कार घाटी में जून से सितंबर के मध्य में जाना चाहिए। इस समय में यहां का मौसम बेहद ही सुहाना रहता है। जंस्कार घाटी में सर्दियों के समय नहीं जाना चाहिए क्योंकि सर्दियों में यहां का तापमान काफी कम हो जाता है और बर्फबारी की वजह से सड़कें भी अवरुद्ध हो जाती हैं।
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