प्राकृतिक सुंदरता और झीलों के लिए मशहूर ऐतिहासिक शहर भोपाल की विशेषताएं अनोखी हैं। अगर आप कला, संस्कृति, इतिहास और नई खोज में दिलचस्पी रखते हैं तो भोपाल की ये पांच जगहें जरूर घूमकर आइए। इससे आपके ज्ञान में वृद्धि तो होगी ही। साथ ही, नई कलाओं और स्थल देखने का अद्भुत अनुभव मिलेगा।
विज्ञापन
2 of 6
भोपाल में स्थित ये म्यूजियम देश में एकमात्र 'ट्राइबल म्यूजियम' है। भोपाल के श्यामला पहाड़ी पर बने इस संग्रहालय की स्थापना का उद्देश्य मध्यप्रदेश की जनजातियों और उनकी जीवनशैली से लोगों को अवगत कराना है। इस म्यूजियम में छह जनजातियों की जीवनशैली को दर्शाया गया है।
विज्ञापन
3 of 6
भोजपुर शिव मंदिर भोपाल से करीब 32 किमी दूर है। इस मंदिर का निर्माण राजा भोज ने करवाया था। जबकि कुछ लोगों का मानना है कि इसका निर्माण पांडवों ने किया था। यहां 22 फ़ुट ऊंचा एक शिवलिंग भी है।
4 of 6
रायसेन का किला मध्यप्रदेश की शान माना जाता है। पहाड़ी की चोटी पर स्थित इस किले का निर्माण पत्थर से किया गया है। इस किले में नौ बेहद बड़े दरवाजे हैं। इसके पास ही कई प्राचीन गुफाएं भी हैं जो हमारे देश के प्राचीन इतिहास और संस्कृति को दर्शाते हैं। साल में एक बार लगने वाले 'महाशिवरात्रि मेले' के दौरान यहां भक्तों की भीड़ लगी रहती है।
विज्ञापन
5 of 6
गौहर महल भोपाल की बड़ी झील के किनारे स्थित है। ये खूबसूरत महल 'कुदसिया बेगम' के काल का है। जिसे भोपाल रियासत का पहला महल बताया जाता है। इस महल में हिन्दु और मुगल कला का अद्भुत मेल देखने को मिलेगा। इस महल में दीवान-ए आम और दीवान-ए-खास हैं।
बिरला म्यूजियम भोपाल पर्यटन विभाग का एक प्रमुख केंद्र है। इस म्यूजियम में पर्यटकों को देश के इतिहास के बारे में कई जानकारियां मिलेंगी। यहां पर 7वीं से लेकर 13वीं सदी के बीच की कई मूर्तियों रखी हैं।