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Unique Temples: साल में सिर्फ एक बार खुलते हैं ये 5 मंदिर, दर्शन मात्र से बदल जाती है तक़दीर!

Tue, 27 Jan 2026 12:35 PM IST
शिवानी अवस्थी लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला

सार

annual opening temples: देश में कई ऐसे अनोखे मंदिर हैं, जहां दर्शन के लिए भक्तों को सालभर इंतजार करना पड़ता है। ये मंदिर वर्ष में सिर्फ एक बार खुलते हैं। इन मंदिरों की पौराणिक कथाएं, इतिहास इन्हें खास बनाती हैं।
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सिर्फ एक बार खुलते हैं ये मंदिर - फोटो : Amar ujala
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विस्तार
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Annual Opening Temples : भारत की भूमि पर मकर संक्रांति से लेकर दिवाली की आभा तक, अनगिनत मंदिर हैं लेकिन कुछ ऐसे भी हैं जो साल में सिर्फ एक बार भक्तों के लिए खुलते हैं। ये मंदिर सिर्फ प्रार्थना का स्थल नहीं हैं बल्कि परंपरा, विश्वास और लोककथाओं के प्रतीक हैं। इन मंदिरों से जुड़ी पौराणिक कथाएं अनुभव और हजारों कहानियों को जन्म देती है। 

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साल में सिर्फ एक बार खुलने का कारण अक्सर धार्मिक मान्यताओं, मौसम की कठोरता या पौराणिक परंपराओं में निहित एक रहस्य है। इन ऐतिहासिक मंदिरों में वास्तुकला और मूर्तियां भी भक्तों के लिए आकर्षण केंद्र हैं। आइए जानते हैं भारत के ऐसे मंदिरों के बारे में जो साल में सिर्फ एक बार भक्तों के लिए खुलते हैं। 

 

हसनंबा मंदिर, कर्नाटक

  • कहां स्थित है? 

ये मंदिर कर्नाटक के हासन जिले में स्थित है। बेंगलुरु से 180 किमी और मैसूर से 115 किमी दूर है।

  • कब खुलता है? 

सिर्फ दिवाली के समय कपाट खुलते हैं और लगभग10 दिन भक्तों के लिए खुला रहता है।

  • किसकी पूजा होती है?

ये देवी मंदिर मां हसनांबा देवी को समर्पित हैं जो कि माता गौरी या शक्ति को समर्पित है।

  • मंदिर का रहस्य

इस मंदिर का इतिहास 12वीं शताब्दी से जुड़ा है। सालभर मंदिर के अंदर एक दीपक लगातार जलता रहता है, जिसे भक्त चमत्कार मानते हैं। फूल और प्रसाद भी सालभर ताज़ा माने जाते हैं, मानो देवी की उपस्थिति बनी रहती है। 

  • पौराणिक कथा

लोक मान्यताओं के अनुसार, देवी हर दिन भक्तों की रक्षा करती हैं, इसलिए द्वार साल भर बंद रहते हैं और दिवाली के समय जब देवी की शक्ति सबसे प्रबल मानी जाती है, तब ही पूजा का अवसर मिलता है।

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नागचंद्रेश्वर मंदिर, मध्य प्रदेश

  • कहां स्थित है? 

ये मंदिर मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले में स्थित है।

  • कब खुलता है?

मंदिर के कपाट सिर्फ नाग पंचमी के दिन खुलते हैं।

  • किसकी पूजा होती है?  

भगवान शिव और नाग देवता

  • खासियत

11वीं शताब्दी में परमार राजा भोज ने इस मंदिर का निर्माण कराया था। मंदिर में स्थित प्रतिमा नेपाल से लाई गई थी, जिसमें शिवजी 10 फन वाले नाग पर विराजमान हैं। उनके साथ माता पार्वती और भगवान गणेश भी है। 

  • पौराणिक कथा

मान्यता है कि नागराज तक्षक जो भगवान शिव के अनन्य भक्त हैं, वे वर्ष भर यहाँ विश्राम करते हैं और केवल नागपंचमी पर भक्तों को दर्शन देने के लिए कपाट खोलते हैं।

 

दशानन (रावण) मंदिर, उत्तर प्रदेश

  • कहां स्थित है?

दशानन मंदिर उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले में हैं। 

  • कब खुलता है?

यह मंदिर हर साल सिर्फ दशहरे के दिन ही खुलता है। 

  • किसकी पूजा होती है?

यह मंदिर रावण को समर्पित है। यहां रावण की मूर्ति 5 फीट ऊंची है।

  • कथा

1868 में निर्मित इस मंदिर का निर्माण  गुरु प्रसाद शुक्ला ने किया था।यहां रावण का दहन नहीं बल्कि ज्ञानी, महा ब्राह्मण और शिव भक्त के रूप में पूजा और श्रृंगार किया जाता है।
 

गुंडिचा मंदिर, ओडिशा

  • कहां स्थित है?

मंदिर ओडिशा के पुरी में स्थित है। 

  • कब खुलता है?

यह मंदिर वार्षिक जगन्नाथ रथ यात्रा के दौरान 9 दिनों के लिए खुलता है।

  • किसकी पूजा होती है?

मंदिर भगवान जगन्नाथ, बलभद्र, सुभद्रा को समर्पित है।

  • कथा

गंडिचा मंदिर साल भर खाली रहता है लेकिन रथ यात्रा के अवसर पर जब भगवान जगन्नाथ नगर भ्रमण पर निकलते हैं तो इसी मंदिर में निवास करते हैं और भक्तों को दर्शन देते हैं। 



सोमेश्वर महादेव मंदिर, मध्य प्रदेश

  • कहां स्थित है?

यह मंदिर मध्य प्रदेश के रायसेन जिले में स्थित है।

  • कब खुलता है?

मंदिर साल में एक बार महाशिवरात्रि के दिन खुलता है।

  • किसकी पूजा होती ?

इस मंदिर में भगवान शिव की सोमेश्वर महादेव के रूप में पूजा होती है।

  • कथा

राजा दक्ष के श्राप से मुक्ति के लिए चंद्र देव ने इसी स्थान पर शिवलिंग स्थापित कर शिव जी की घोर आराधना की थी और आरोग्य का वरदान प्राप्त किया था। मध्यकाल में आक्रमण के बाद ऐतिहासिक और धार्मिक विवादों के चलते मंदिर साल में सिर्फ एक बार ही खुलता है।

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