Union Budget 2026: मोदी सरकार 3.0 का पूर्ण बजट आज पेश हुआ। वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने लगातार 9वीं बार आम बजट पेश करते हुए कई बड़ी सौगातें दी। बजट की घोषणा करते हुए उन्होंने घोषणा की कि सरकार अपने तीन कर्तव्यों पर काम कर रही है।
वित्त मंत्री ने बजट के दौरान कृषि, उद्योग, विकास, शिक्षा सहित तमाम क्षेत्रों ने लिए बड़ी घोषणाएं की हैं। इसी के साथ ही उन्होंने पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए परिवहन क्षेत्र को लेकर बड़ी घोषणाएं की। वित्त मंत्री ने वॉटर वे को बढ़ावा देने की बात की। उन्होंने जहाज मरम्मत सुविधा स्थापित करने से लेकर नए जलमार्ग निर्माण का प्रस्ताव पेश किया। आइए जानते हैं जलमार्ग को लेकर सरकार की योजना क्या है और इसका क्या असर भारत के पर्यटन पर पढ़ेगा।
आम बजट 2026-27 में जलमार्गों का विस्तार
आम बजट 2026-27 के लिए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट में बनारस और पटना में जहाज मरम्मत सुविधा स्थापित करने की घोषणा की। 5 वर्षों में 20 नए जलमार्ग निर्माण का प्रस्ताव पेश किया गया है। अंतर्देशीय जलमार्गों और तटीय पोत परिवहन का हिस्सा बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा। समुद्री विमान को प्रोत्साहित किया जाएगा।
जल मार्ग को बढ़ावा देने का असर
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2026-27 में जिस जल परिवहन विज़न की घोषणा की है, वह सड़क और रेल से थकी भारतीय यात्रा संस्कृति को नदियों और तटों की ओर मोड़ने की कोशिश है। बनारस से पटना तक, गंगा फिर से सिर्फ़ आस्था की नहीं, आर्थिक और पर्यटन धुरी बनने जा रही है।
पर्यटन पर सीधा और गहरा असर
धार्मिक पर्यटन को नई रफ्तार
बनारस, पटना, प्रयागराज जैसे शहर अब सिर्फ़ दर्शन स्थल नहीं रहेंगे, बल्कि रिवर एक्सपीरियंस डेस्टिनेशन बनेंगे। घाट दर्शन, आरती क्रूज़, नदी यात्रा का अनुभव लिया जा सकेगा।
क्रूज़ टूरिज़्म को बढ़ावा
भारत में अब तक क्रूज़ को ‘लग्ज़री’ माना गया, लेकिन जलमार्ग बढ़ने से यह मिडिल क्लास टूरिज़्म तक पहुंचेगा।
छोटे शहरों को बड़ा मौका
जहां ट्रेन नहीं है, सड़क खराब है, वहां नदी पहुंचेगी। लोकल होमस्टे, हस्तशिल्प, लोक भोजन और गाइड्स को रोज़गार मिलेगा।
इको-टूरिज़्म और स्लो ट्रैवल
जलमार्ग पर्यटन तेज़ नहीं, ठहराव वाला होता है। यह सस्टेनेबल टूरिज़्म को बढ़ावा देगा, जिससे कम प्रदूषण और कम भीड़ होगी।
सी-प्लेन से ‘वीकेंड डेस्टिनेशन’ की परंपरा
समुद्री विमान पर्यटन को तेज़, रोमांचक और एक्सक्लूसिव बनाएंगे। 2–3 दिन की ट्रिप अब 7–8 घंटे की यात्रा में बदलेगी।