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Republic Day 2025: अंग्रेजों के जमाने का है भारत का ये रेलवे स्टेशन, आजादी के बाद भी है पहले जैसा

Sun, 26 Jan 2025 01:27 PM IST
शिवानी अवस्थी लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

यहां आपको एक ऐसे रेलवे स्टेशन के बारे में बताया जा रहा है, जो कि भारत का सबसे पुराने और आखिरी रेलवे स्टेशन है। अंग्रेजों के जमाने का यह रेलवे स्टेशन आज भी वैसा ही है, जैसा आजादी से पहले था। आइए जानते हैं देश के सबसे पुराने और ऐतिहासिक रेलवे स्टेशन के बारे में।
 
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रेलवे स्टेशन - फोटो : Instagram
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विस्तार
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Republic Day 2025 : भारत की आजादी के बाद देश में कई बदलाव आए, जिसकी शुरुआत भारत को एक लोकतांत्रिक देश के रूप में मान्यता दिलाकर हुई। 26 जनवरी 1950 को भारत ने अपना संविधान अपनाया। देश की कार्यपालिका,न्यायपालिका और व्यवस्थापिका भारतीय संविधान के अनुरूप कार्य करने लगी। उसके बाद से हर साल 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के तौर पर मनाया जाने लगा और गुलाम भारत की कहानी इतिहास के पन्नों में दर्ज हो गई। आजादी के बाद जहां कई बदलाव और विकास देश में हुए, वहीं आजादी से पहले के भारत की कुछ यादें, धरोहरें आज भी मौजूद हैं जो उस दौर की कहानी बयां करती हैं।

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भारत आज मेट्रो और बुलेट ट्रेन पर कार्य कर रहा है लेकिन भारत में रेल लाने का श्रेय ब्रिटिश को जाता है। अंग्रेजों के जमाने में ही देश में ट्रेन चलने लगी थीं और कई रेलवे स्टेशनों का निर्माण हुआ था। मौजूदा समय में भारत में लगभग सात हजार से अधिक रेलवे स्टेशन हैं, जिसमें से कई ऐतिहासिकता की कहानी समेटे हुए हैं। लेकिन यहां आपको एक ऐसे रेलवे स्टेशन के बारे में बताया जा रहा है, जो कि भारत का सबसे पुराने और आखिरी रेलवे स्टेशन है। अंग्रेजों के जमाने का यह रेलवे स्टेशन आज भी वैसा ही है, जैसा आजादी से पहले था। आइए जानते हैं देश के सबसे पुराने और ऐतिहासिक रेलवे स्टेशन के बारे में।

सबसे पुराना रेलवे स्टेशन

भारत के सबसे पुराने रेलवे स्टेशन का नाम सिंहाबाद है। सिंहाबाद रेलवे स्टेशन का इतिहास भारत की समृद्ध रेलवे परंपरा और ब्रिटिश औपनिवेशिक शासन के समय से जुड़ा हुआ है। यह स्टेशन बंगाल के मालदा जिले में स्थित है और इसका उपयोग भारत और बांग्लादेश के बीच रेलवे संपर्क के लिए किया जाता है। इस रेलवे स्टेशन का उपयोग मालगाड़ियों के ट्रांजिट के लिए होता है।
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भारत-बांग्लादेश की सीमा से सटा हुआ बना ये रेलवे स्टेशन देश का आखिरी स्टेशन है। यहां से कुछ किमी दूर ही बांग्लादेश है, जहां लोग पैदल ही घूमने चले जाते हैं। सिंहाबाद बहुत ही छोटा रेलवे स्टेशन है, जहां ज्यादा चहल-पहल नहीं होती, क्योंकि इस रेलवे स्टेशन पर यात्री कम और मालगाड़ियों का आवागमन अधिक होता है।

सिंहाबाद रेलवे स्टेशन का इतिहास
  • सिंहाबाद रेलवे स्टेशन ब्रिटिश राज के दौरान बनाया गया था।
  • यह स्टेशन 19वीं सदी के अंत और 20वीं सदी की शुरुआत में भारत और बंगाल (अब बांग्लादेश) के बीच व्यापार और परिवहन को सुगम बनाने के लिए स्थापित किया गया।
  • यह रेलवे मार्ग असम-बंगाल रेलवे प्रणाली का हिस्सा था, जो चाय, जूट, और अन्य कृषि उत्पादों के परिवहन के लिए महत्वपूर्ण था।
वर्तमान में सिंहाबाद रेलवे स्टेशन 


1947 में भारत के विभाजन के बाद सिंहाबाद रेलवे स्टेशन का महत्व घट गया। पूर्वी बंगाल के पाकिस्तान बनने के कारण यह मार्ग अव्यवस्थित हो गया। वहीं भारत और बांग्लादेश के बीच 1971 में युद्ध के बाद इसका उपयोग और कम हो गया। अब यह मार्ग भारत से बांग्लादेश को मालगाड़ियों के जरिए माल भेजने के लिए उपयोग किया जाता है।

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