New Year 2026 Travel Tips: नया साल उत्साह, सफर और जश्न का मौसम होता है। 31 दिसंबर और 1 जनवरी पर लोग पर नए साल की पार्टी के लिए घर से बाहर निकलते हैं, कुछ खरीदारी के लिए जाते हैं तो कई लोग घूमने और सफर की योजना बनाते हैं। लेकिन नए साल पर देश की कई मशहूर जगहें जश्न से ज्यादा जंजाल बन जाती हैं। इंस्टाग्राम फोटो और रील्स में जो भीड़ रोमांचक लगती है, जमीनी हकीकत में वही भीड़ हादसों, महंगे खर्च और मानसिक थकान का कारण बनती है।
सफर का मतलब सिर्फ घूमना नहीं होता है, बल्कि सुरक्षित घर लौटना भी है। ऐसे में अगर आप नए साल का जश्न घर से बाहर मनाने जा रहे हैं तो प्लानिंग करते समय ये जान लें कि कहां जाना सुरक्षित नहीं होगा। नए साल 2026 की प्लानिंग करते वक्त कुछ जगहों पर आंख मूंदकर जाना समझदारी नहीं, बल्कि जोखिम है। यहां नए साल पर सबसे ज्यादा भीड़ वाली जगहों के बारे में बताया जा रहा है।
नए साल पर सबसे ज्यादा भीड़ इन जगहों पर
मनाली–कुल्लू
हिमाचल प्रदेश के इन लोकप्रिय हिल स्टेशन पर सालभर सैलानियों का आना जाना रहता है। हालांकि नया साल आते ही मनाली एक टूरिस्ट हाॅटस्पाॅट से ट्रैफिक जाम जोन बन जाता है। नए साल पर यहां इतनी भीड़ होती है कि एंट्री प्वाइंट से शहर तक में प्रवेश करने पर घंटों जाम का सामना करना पड़ता है। यहां 10 से 12 घंटों के जाम में आप फंस सकते हैं। लाखों सैलानियों के एक साथ जमावडे के कारण होटल ओवरबुक हो जाते हैं। वहीं बर्फबारी से फिसलन और एक्सीडेंट का खतरा भी बढ़ जाता है। नए साल पर मनाली की खूबसूरती कम नहीं होती, लेकिन भीड़ उसका मज़ा खराब कर देती है।
मसूरी और नैनीताल
उत्तराखंड के सबसे प्रसिद्ध और पर्यटक प्रिय स्थानों में मसूरी और नैनीताल का नाम सबसे पहले आता है। ये दोनों हिल स्टेशन दिल्ली एनसीआर से काफी नजदीक है। दो दिन के सफर के लिए नैनीताल और मसूरी बजट फ्रेंडली हैं। ये छोटे हिल स्टेशन हैं, लेकिन भीड़ यहां महानगर जैसी होती है। नए साल में तो यहां पार्किंग की भारी समस्या देखने को मिलती है। जगह-जगह पुलिस बैरिकेड्स, ठंड में घंटों खुले में इंतजार करना पड़ सकता है। भले ही यहां के पहाड़ शांत होते हैं, लेकिन भीड़ उन्हें बोझ बना देती है।
गोवा
नए साल का सबसे बड़ा हॉटस्पॉट गोवा है। 31 दिसंबर और 1 जनवरी को पार्टी कैपिटल होने का खामियाजा भी यही भुगतता है। नए साल पर गोवा के होटल और टैक्सी के रेट तीन से चार गुना बढ़ जाते हैं। इस दौरान शराब के नशे में ड्राइविंग करते लोगों से सामना हो सकता है। समुद्र किनारे सुरक्षा जोखिम रहता है। नए साल पर गोवा खूबसूरत कम और अराजक ज्यादा हो जाता है।
जयपुर और उदयपुर
देश विदेश के पर्यटकों के बीच राजस्थान के दो शहर जयपुर और उदयपुर आकर्षण का केंद्र रहते हैं। लेकिन रॉयल फील के चक्कर में लोग भूल जाते हैं कि नए साल पर होटल महीनों पहले फुल हो जाते हैं। लोकल ट्रैफिक ठप रहता है। टूरिस्ट स्पॉट्स पर भारी धक्का-मुक्की का सामना हो सकता है। महलों और किलो की शांति में शोर भर जाता है।
दिल्ली–मुंबई के मशहूर क्लब और पब्लिक इवेंट्स
दिल्ली -मुंबई के लोग जो सफर पर नहीं जा पाते, वह नए साल पर क्लब में पार्टी करते हैं। जगह-जगह नए साल के पब्लिक इवेंट्स और काॅन्सर्ट आयोजित होते हैं। लेकिन इनमें एंट्री सीमित होती है और भीड़ ज्यादा आ जाती है। महिलाओं के लिए सेफ्टी कंसर्न बढ़ जाता है। साथ ही जेबकतरी और अफरा-तफरी की स्थिति रह सकती है।