Shopping In Singapore: कभी सिंगापुर भारतीय पर्यटकों के लिए साफ-सुथरे शहर, यूनिवर्सल स्टूडियो और मरीना बे तक सीमित माना जाता था। लेकिन 2025 आते-आते तस्वीर बदल चुकी है। आज सिंगापुर की लग्ज़री दुकानों, ज्वेलरी शोरूम और हाई-एंड फैशन स्टोर्स में सबसे ज़्यादा भारतीय पर्यटक खरीदारी करने के लिए पहुंच रहे हैं। आंकड़े बताते हैं कि 2025 की पहली छमाही में भारतीय यात्रियों ने सिंगापुर में SGD 812.17 मिलियन यानी करीब 5,000 करोड़ रुपये खर्च किए जो पिछले साल के मुकाबले 4.4% ज़्यादा है। यह सिर्फ खर्च नहीं, बल्कि भारत की बदलती आर्थिक और सामाजिक पहचान का संकेत है। आइए जानते हैं भारतीय यात्रियों को सिंगापुर क्यों पसंद है।
खुलकर खर्च
औसतन भारतीय पर्यटक सिंगापुर में 6.3 दिन रुकते हैं, जो दुनिया के कई देशों से ज़्यादा है। जितना लंबा ठहराव, उतनी ज़्यादा खरीदारी। यहां आने वाले भारतीय फैशन, ज्वेलरी, फाइन डाइनिंग और लक्ज़री होटल्स तक में हाथ खोलकर खर्च करते हैं।
ऑर्चर्ड रोड
सिंगापुर की दिल की धड़कन Orchard Road आज लग्ज़री शॉपिंग का तीर्थ बन चुकी है। क्रिसमस सीज़न में यहां की क्रिसमस बाजारें और लाइट-अप दुनिया के टॉप 5 फेस्टिव डिस्प्ले में गिनी जाती है। कई बड़े ग्लोबल ब्रांड्स की चमक इसी भारतीय फुटफॉल की वजह से और तेज़ हुई है।
लग्जरी पर झुकाव
आज का भारतीय पर्यटक शोर-शराबे वाली ब्रांडिंग नहीं, बल्कि क्लास, कारीगरी और अनुभव चाहता है। यही वजह है कि सिंगापुर जो शांत, व्यवस्थित और भरोसेमंद है, लग्ज़री खरीदारी के लिए आदर्श बन रहा है।
सिंगापुर में भारतीय पर्यटकों की भूमिका
एक रिपोर्ट के मुताबिक साल 2025 के पहले 10 महीनों में 10.3 लाख भारतीय पर्यटक सिंगापुर पहुंचें। इस दौरान वहां कुल विदेशी पर्यटकों की संख्या 1.42 करोड़ रही। लग्जरी खरीदारी के मामले में सिंगापुर में 7-9 फीसदी ग्रोथ का अनुमान है। जबकि सिंगापुर में 55 अरबपति हाई-एंड इकोसिस्टम पहले से मौजूद हैं। विशेषज्ञ मानते हैं कि भारत की बढ़ती समृद्ध आबादी अब सिर्फ़ घूमने नहीं, खर्च करने और अनुभव लेने सिंगापुर जाती है।
क्रिसमस सीज़न में सिंगापुर क्यों बन जाता है खरीदारी का स्वर्ग?
क्रिसमस में ऑर्चर्ड रोड सज जाती है। यहां का नजारा देखने योग्य रहता है। इस दौरान लाइव म्यूज़िक, स्ट्रीट फेस्टिवल, स्नो शो का आयोजन भी होतै है। होटल और मॉल एक ही बेल्ट में होते हैं और फेस्टिवल में सिंगापुर में टैक्स-फ्रेंडली और सुरक्षित माहौल देखने को मिलता है। यही वजह है कि साल के अंत में सिंगापुर की गलियों में हिंदी, गुजराती और पंजाबी बोलियां गूंजने लगती हैं।
आज का भारतीय पर्यटक सिर्फ़ सस्ता ट्रैवल नहीं चाहता है। वह क्वालिटी, स्टेटस और अनुभव चाहता है और सिंगापुर उसे यह सब बिना शोर दिए दे रहा है। लग्ज़री खर्च के इस बदलते ट्रेंड ने साफ कर दिया है कि भारतीय अब सिर्फ घूमने के लिए नहीं, खरीदारी के लिए निकलते हैं।