Ganga Dussehra 2025 : हिन्दू पंचांग के अनुसार, गंगा दशहरा हर साल ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष की दशमी को मनाया जाता है। मान्यता है कि इस दिन देवी गंगा का धरती पर अवतरण हुआ था। इस साल गंगा दशहरा 5 जून 2025 को मनाया जा रहा है। उत्तर प्रदेश में इस दिन पवित्र गंगा नदी के किनारे लाखों श्रद्धालु डुबकी लगाकर अपने पापों से मुक्ति की कामना करते हैं। इस गंगा दशहरा पर आप भी श्रद्धा की डुबकी लगाएं और जीवन को पवित्रता से भरें। इस लेख में जानिए यूपी की वो प्रमुख जगहें जहां गंगा दशहरा पर भारी भीड़ लगती है और आस्था का मेला सजता है। अगर आप भी उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं तो गंगा दशहरा पर इन जगहों पर जा सकते हैं।
वाराणसी
भगवान शिव की प्रिय नगरी काशी में गंगा दशहरा पर विशेष भीड़भाड़ देखने को मिलती है। इस मोक्ष की नगरी भी कहते हैं, जहां आप गंगा दशहरा के मौके पर पावन डुबकी लगा सकते हैं। गंगा दशहरा पर दशाश्वमेध घाट, अस्सी घाट और मणिकर्णिका घाट पर श्रद्धालुओं का तांता लगता है। सुबह-सुबह गंगा स्नान और शाम की भव्य आरती विशेष आकर्षण होती है।
प्रयागराज
तीन नदियों के संगम स्थल प्रयागराज में गंगा दशहरा के मौके पर पावन डुबकी लगाने के लिए पहुंचें। यहां गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के संगम पर गंगा दशहरा का विशेष महत्व है। यहां गंगा स्नान के साथ-साथ दान-पुण्य और पूजा-पाठ का आयोजन होता है।
हरिद्वार
वैसे तो हरिद्वार उत्तराखंड में है, लेकिन यूपी के लोग बड़ी संख्या में यहां पहुंचते हैं। हर की पौड़ी पर स्नान और आरती का अद्भुत अनुभव श्रद्धालुओं को मिलता है। हरिद्वार धर्म और आस्था का संगम स्थल है। यहां पतित पावनी गंगा में स्नान करके तन-मन को शुद्ध कर सकते हैं।
कानपुर और बिठूर
कानपुर या बिठूर दोनों ही गंगा नदी के किनारे स्थित है और यह गंगा स्नान के लिए प्रसिद्ध है। बिठूर कानपुर से लगभग 15 किमी दूर स्थित है और यहां ब्रह्मावर्त घाट, पत्थर घाट, सीता घाट महत्वपूर्ण है। वहीं कानपुर शहर में सरसैया घाट, सिद्धनाथ घाट, अटल घाट पर गंगा स्नान के लिए जा सकते हैं।
मिर्जापुर के विन्ध्याचल घाट
विन्ध्यवासिनी देवी के दर्शन के साथ गंगा स्नान का विशेष पुण्य फल मिलता है। यहां का गंगा तट गंगा दशहरा पर भक्तों से गुलजार रहता है।