अगर आप घर पर पूजा के साथ-साथ सार्वजनिक पंडाल में जाकर बप्पा के दर्शन करना चाहते हैं, तो दिल्ली से लेकर लखनऊ तक कई जगहों पर खास गणपति उत्सव आयोजित किए जा रहे हैं। राजधानी दिल्ली में पीतमपुरा, लक्ष्मी नगर और अन्य इलाकों में भव्य आयोजन आकर्षण का केंद्र बने हैं। इस बार दिल्ली के कुछ पंडालों में धार्मिक आस्था के साथ भारत की तकनीकी और रक्षा क्षमता को दर्शाने वाली थीम भी देखने को मिल रही है।
दिल्ली में कहां करें बप्पा के दर्शन?
दिल्ली में गणेशोत्सव का रंग हर साल गहराता जा रहा है। पीतमपुरा, लक्ष्मी नगर और आरके पुरम जैसे इलाकों में गणपति उत्सव और पंडाल विशेष आकर्षण का केंद्र रहते हैं। दिल्ली में गणेशोत्सव से जुड़े आयोजन कई समुदायों की भागीदारी के साथ होते हैं।
अगर आप पंडाल के साथ मंदिर में भी दर्शन करना चाहते हैं, तो कनॉट प्लेस का प्रसिद्ध गणेश मंदिर भी विकल्प हो सकता है। गणेशोत्सव के दौरान दिल्ली के मंदिरों और पंडालों में भक्तों की आवाजाही बढ़ जाती है।
लखनऊ में यहां दिखेगा बप्पा का भव्य दरबार
नवाबों की नगरी लखनऊ में भी गणेशोत्सव को लेकर खास उत्साह है। शहर के प्रमुख आकर्षणों में झूलेलाल वाटिका गणेश उत्सव पंडाल शामिल है, जो गोमती नदी के किनारे आयोजित होता है। यह पंडाल लंबे समय से लखनऊ के प्रमुख गणपति उत्सव स्थलों में गिना जाता है और यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं।
इसके अलावा लखनऊ के गोमती नगर, हजरतगंज, इंदिरा नगर और आलमबाग जैसे इलाकों में भी स्थानीय समितियों की ओर से गणपति उत्सव आयोजित किए जाते हैं। अलग-अलग पंडालों में सजावट, आरती, सांस्कृतिक कार्यक्रम और प्रसाद की व्यवस्था श्रद्धालुओं को आकर्षित करती है।
दर्शन पर जाने से पहले ध्यान रखें
गणेश चतुर्थी के दौरान बड़े पंडालों में भीड़ काफी बढ़ सकती है। इसलिए परिवार के साथ जाने पर बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें। पंडालों के आसपास ट्रैफिक और पार्किंग व्यवस्था को लेकर स्थानीय निर्देशों का पालन करें।
इस साल गणेश चतुर्थी 14 सितंबर को है और अनंत चतुर्दशी 25 सितंबर 2026 को होगी। अलग-अलग पंडालों में कार्यक्रम और दर्शन के समय अलग हो सकते हैं, इसलिए निकलने से पहले आयोजकों की ताजा जानकारी जरूर जांच लें।