Lord Shri Ram Temples in India: इस वर्ष 2 अक्तूबर 2025 को विजयदशमी का पर्व मनाया जा राह है। इस दिन बुराई पर अच्छाई की विजय हुई थी। भगवान श्रीराम ने रावण का वध कर धर्म और सत्य की रक्षा की थी। इसलिए विजयदशमी को श्रीराम की आराधना का विशेष महत्व है। भारत में कई प्राचीन और प्रसिद्ध श्रीराम मंदिर हैं, जहां दशहरा और नवरात्रि के दिनों में भक्तों का मेला लगता है। ये मंदिर न सिर्फ धार्मिक आस्था का केंद्र हैं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक और स्थापत्य धरोहर भी हैं।
दशहरा 2025 पर अगर आप धार्मिक यात्रा की योजना बना रहे हैं तो श्रीराम के इन मंदिरों में दर्शन करना आपके जीवन को आध्यात्मिक शांति और पुण्य प्रदान कर सकता है।
अयोध्या से लेकर रामेश्वरम तक, भारत के हर कोने में श्रीराम भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिलता है। आइए जानते हैं भारत के उन प्रमुख श्रीराम मंदिरों के बारे में, जहां दशहरा पर दर्शन का विशेष महत्व है।
भारत के प्रमुख श्रीराम मंदिर
राम जन्मभूमि मंदिर, अयोध्या
उत्तर प्रदेश का अयोध्या जिला भगवान श्रीराम की जन्मभूमि है। 14 वर्षों के वनवास पर गए अयोध्या के राजा राम ने जब रावण का वध किया तो पूरा अयोध्या उनके स्वागत की तैयारियों में जुट गया। यहां रामजन्म भूमि मंदिर में दशहरा के मौके पर भव्य आयोजन होता है। रामलीला देखी जाती है और रावण दहन किया जाता है।
श्रीरामनाथस्वामी मंदिर, रामेश्वरम
तमिलनाडु का रामेश्वरम वह पवित्र स्थान है जहां से श्रीराम ने समुद्र पर सेतु बनाकर लंका की ओर प्रस्थान किया था। यह मंदिर हिंदू धर्म के चार धामों में से एक है।
कोदंडरामस्वामी मंदिर, आंध्र प्रदेश
आंध्र प्रदेश में तिरुपति के पास स्थित यह मंदिर श्रीराम, सीता और लक्ष्मण जी को समर्पित है। विजयदशमी पर यहां विशेष पूजा और भजन संध्या होती है।
कंबकोणम श्रीराम मंदिर, तमिलनाडु
दक्षिण भारत में स्थित कंबकोणम श्रीराम मंदिर अपनी भव्य मूर्तियों और दशहरा उत्सव के लिए प्रसिद्ध है। यहां श्रीराम की पूजा होती है और दशहरा पर रावण का दहन किया जाता है।
पंचवटी राम मंदिर, नासिक
महाराष्ट्र के नासिक का पंचवटी स्थान वह जगह है जहां श्रीराम, सीता और लक्ष्मण ने वनवास के समय प्रवास किया था। दशहरा पर यहां हजारों श्रद्धालु आते हैं।