Sawan Mela 2025: सावन का महीना भगवान शिव की भक्ति और आस्था का सबसे पावन समय होता है। इस दौरान भारत के विभिन्न राज्यों में ऐसे विशाल मेले लगते हैं, जहां लाखों भक्त कांवड़ यात्रा, रुद्राभिषेक और शिव दर्शन के लिए दूर-दराज से पहुंचते हैं। ये मेले सिर्फ धार्मिक ही नहीं, बल्कि संस्कृति, परंपरा और भक्ति का संगम भी होते हैं। इस वर्ष सावन 11 जुलाई 2025 से शुरू हो रहा है और 14 जुलाई को पहला सावन का सोमवार है। ऐसे में सावन के मेले भी लगने लगे हैं। देश के सबसे बड़े और प्रसिद्ध सावन के मेले कुछ खास धार्मिक स्थलों पर लगते हैं, जिसमें आप भी शामिल हो सकते हैं। आइए जानते हैं भारत में सावन के सबसे प्रसिद्ध और विशाल मेले कहां लगते हैं।
बाबा बैद्यनाथ धाम
झारखंड के देवघर में 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक बैद्यनाथ ज्योतिर्लिंग स्थित है। देवघर में हर साल सावन में देशभर से कांवड़िए जल चढ़ाने आते हैं। भक्त सुल्तानगंज से गंगाजल लाकर शिवलिंग पर चढ़ाते हैं। यहीं पर सावन में भक्तों का मेला लगता है।
हरिद्वार कांवड़ मेला
देवभूमि उत्तराखंड की पवित्र गंगा नगरी वाले हरिद्वार में भी सावन के महीने में मेले का आयोजन होता है। हरिद्वार में देश का सबसे विशाल कांवड़ मेला लगता है। यहां गंगाजल भरने के लिए करोड़ों शिवभक्त आते हैं।
बाबा केदारनाथ यात्रा
उत्तराखंड के पवित्र तीर्थ स्थल केदारनाथ धाम में सावन में विशेष भीड़ देखने को मिलती है। बाबा केदारनाथ 12 ज्योतिर्लिंगों में शामिल हैं, साथ ही उत्तराखंड के चार धामों में से भी एक हैं। श्रद्धालु यहां पैदल यात्रा करके दर्शन करने आते हैं।
बाबा महाकाल मेला
मध्य प्रदेश के उज्जैन में महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग है। इस मंदिर में भस्म आरती होती है और सावन में भव्य मेले का आयोजन होता है।
तारकेश्वर मेला
पश्चिम बंगाल में तारकेश्वर मेले का आयोजन होता है। यहां राजधानी कोलकाता से 50 किमी दूर तारकेश्वर में सावन में विशाल मेले और रात्रि जागरण होते हैं।