कई लोग मानते हैं कि प्रदूषण के मौसम में पहाड़ों, समुद्र किनारे या किसी हिल स्टेशन पर जाने से सांस की परेशानी से राहत मिल सकती है। हालांकि, यह जरूरी नहीं कि हर पहाड़ी या पर्यटन स्थल की हवा साफ हो। वहां का मौसम, स्थानीय प्रदूषण, धूल, परागकण और ठंड भी अस्थमा के लक्षणों को प्रभावित कर सकते हैं।
इसलिए ट्रिप बुक करने से पहले उस जगह का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI), मौसम और आसपास उपलब्ध चिकित्सा सुविधाओं की जानकारी जरूर लें। यदि किसी शहर में प्रदूषण का स्तर बहुत ज्यादा है, तो वहां लंबे समय तक बाहर घूमने के बजाय साफ हवा वाले इनडोर स्थानों पर समय बिताना बेहतर हो सकता है।
अच्छी एयर फिल्ट्रेशन व्यवस्था वाले होटल, संग्रहालय, इनडोर आकर्षण और कम भीड़ वाली जगहें यात्रा के विकल्प हो सकते हैं, बशर्ते वहां की इनडोर हवा भी साफ हो।
अस्थमा के मरीजों को यात्रा के दौरान अपनी निर्धारित दवाएं साथ रखनी चाहिए और डॉक्टर की सलाह के अनुसार सफर की योजना बनानी चाहिए। खासकर जिन लोगों को बार-बार सांस फूलने, सीने में जकड़न या अस्थमा अटैक की समस्या होती है, उन्हें यात्रा से पहले चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए।
आइए जानते हैं कि प्रदूषण के मौसम में कहां घूमने का विकल्प चुनें और किन सावधानियों का पालन करें।
- साफ AQI वाली जगहों को प्राथमिकता दें
यात्रा की जगह चुनने से पहले केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के AQI डैशबोर्ड पर संबंधित शहर की हवा की स्थिति देखें। कम AQI वाली जगह को प्राथमिकता दें, लेकिन यह भी ध्यान रखें कि हवा की गुणवत्ता रोज बदल सकती है। केवल किसी जगह के लोकप्रिय पर्यटन स्थल होने से वहां की हवा साफ होने की गारंटी नहीं मिलती।
- पहाड़ी इलाकों में जाने से पहले मौसम जांचें
हिल स्टेशन पर जाने से पहले वहां का AQI, तापमान और मौसम का पूर्वानुमान देखें। ठंडी हवा कुछ लोगों में अस्थमा के लक्षण बढ़ा सकती है। अधिक ऊंचाई वाले स्थानों पर जाने से पहले, खासकर यदि अस्थमा नियंत्रित नहीं है, तो डॉक्टर से सलाह लें।
- साफ हवा वाले इनडोर पर्यटन स्थल चुनें
ऐसे होटल, संग्रहालय, आर्ट गैलरी या अन्य इनडोर आकर्षण चुन सकते हैं जहां हवा की गुणवत्ता अच्छी हो और जरूरत पड़ने पर आराम करने की सुविधा मिले। हालांकि, बंद जगहों में धूल, फफूंद, धुआं या तेज खुशबू भी सांस की समस्या बढ़ा सकती है।
- भीड़ और प्रदूषण वाली जगहों से बचें
व्यस्त सड़कें, औद्योगिक क्षेत्र, निर्माण स्थल और धुएं वाली जगहें प्रदूषण के संपर्क को बढ़ा सकती हैं। प्रदूषण ज्यादा होने पर खुले में लंबी सैर, ट्रेकिंग और कठिन शारीरिक गतिविधियों से बचें।
डॉक्टर द्वारा निर्धारित इनहेलर, नियमित दवाएं और जरूरत पड़ने पर इस्तेमाल की जाने वाली दवाएं अपने साथ रखें। इन्हें आसानी से उपलब्ध रखें और डॉक्टर के बताए अस्थमा एक्शन प्लान का पालन करें। अपनी मर्जी से दवा बंद न करें।
- यात्रा के दौरान हवा से बचाव करें
प्रदूषण अधिक होने पर बाहर निकलने का समय सीमित रखें। जरूरत पड़ने पर अच्छी फिटिंग वाला N95 रेस्पिरेटर प्रदूषित कणों के संपर्क को कम करने में मदद कर सकता है, लेकिन यह गैसों से पूरी सुरक्षा नहीं देता और अस्थमा के इलाज का विकल्प नहीं है। कार में संभव हो तो एयर कंडीशनर का रीसर्कुलेशन मोड इस्तेमाल करें।
- लक्षण बढ़ने पर यात्रा रोक दें
यदि सांस फूलने लगे, सीने में जकड़न हो या घरघराहट बढ़ जाए, तो गतिविधि रोकें और निर्धारित उपचार योजना का पालन करें। गंभीर सांस की परेशानी, बोलने में कठिनाई या दवा से राहत न मिलने पर तुरंत आपातकालीन चिकित्सा सहायता लें।