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Time Boxing: काम टालने की आदत खत्म करने का फॉर्मूला है टाइम बॉक्सिंग , ये है तनाव मुक्त जीवन का राज

Thu, 06 Nov 2025 10:30 AM IST
शिवानी अवस्थी लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Time Boxing: कार्यों को टालने भूल जाने की आदत न सिर्फ कार्यक्षेत्र, बल्कि जीवन में भी आपको परेशानी में डाल सकती है। इसे सुधारने के लिए आप ‘टाइम बॉक्सिंग’ तकनीक का सहारा ले सकती हैं।
 
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दफ्तर में काम करती महिला - फोटो : Adobe
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विस्तार
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प्रज्ञा पाण्डेय

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रेणुका ऑफिस से निकल रही थी, तभी मैनेजर ने पूछा, “लंदन वाले क्लाइंट को मेल किया?” वह घबरा गई, क्योंकि वह भूल गई थी। जब मैनेजर ने नाराजगी जताई तो रेणुका ने ईमानदारी से बताया कि उसे समय प्रबंधन में कठिनाई हो रही है और वह जरूरी कार्यों को करना भूल जाती है। रेणुका की परेशानी जानकर मैनेजर ने सलाह दी, “तुम ‘टाइम बॉक्सिंग’ तकनीक अपनाओ।”

पहले समझ लें

टाइम बॉक्सिंग एक प्रभावी समय प्रबंधन तकनीक है, जिसमें किसी काम को पूरा करने के लिए एक निश्चित समय सीमा तय की जाती है और आपको उस समय के अंदर ही काम खत्म करना होता है, चाहे वो छोटा हो या बड़ा। इसका मुख्य उद्देश्य टालमटोल की आदत को खत्म करना है। इसमें दिन को छोटे-छोटे स्लॉट्स में बांटा जाता है और हर स्लॉट में एक कार्य निर्धारित किया जाता है, जैसे सुबह 9 से 9:30 बजे तक ईमेल चेक करना, 9:30 से 11 बजे तक रिपोर्ट तैयार करना, फिर ब्रेक लेना।
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थोड़ी अलग

टाइम बॉक्सिंग टाइम ब्लॉकिंग या शेड्यूलिंग से अलग है, क्योंकि इसमें लचीलापन नहीं, बल्कि समय की सख्ती होती है और फोकस परिणाम पर नहीं, बल्कि दिए गए समय में कार्य पूरा करने पर होता है। टाइम बॉक्सिंग टू-डू लिस्ट की प्राथमिकताओं और कैलेंडर की संरचना को जोड़कर उन्हें क्रियाशील बनाती है, जो आपकी कार्यों को टालने की आदत को कम कर कार्य-कुशलता में सुधार करती है।

छोटे कदमों से शुरुआत

टाइम बॉक्सिंग अपनाने के लिए सबसे पहले छोटे कदमों से शुरुआत करें और दिन का एक घंटा टाइम बॉक्स करें, फिर इसके असर को महसूस करें। इसके बाद अपनी प्राथमिकताएं तय करें और सबसे जरूरी काम पहले करें। तीसरे कदम में कैलेंडर का उपयोग कर हर कार्य को निर्धारित समय पर दर्ज करें। चौथे कदम में ध्यान भटकने से बचने के लिए फोन साइलेंट पर रखें और एक समय में एक ही काम पर ध्यान दें। अंत में काम पूरा होने पर खुद को कॉफी ब्रेक या पसंदीदा गतिविधि से प्रोत्साहित करें।

एक काम पर ध्यान

यह तकनीक सामान्य गृहिणी से लेकर कामकाजी महिला तक के दैनिक जीवन में अत्यंत उपयोगी सिद्ध हो सकती है। गृहिणियां घरेलू कार्यों के लिए समय निर्धारित कर संतुलन बना सकती हैं और कामकाजी महिलाएं ऑफिस तथा घर की जिम्मेदारियों को बेहतर ढंग से संभाल सकती हैं। मानसिक शांति से न केवल आपका दिमाग तरोताजा रहता है, बल्कि आप खुद को अधिक संतुलित और खुश महसूस करती हैं। परिणामस्वरूप आपको बेहतर जीवन और मानसिक स्वास्थ्य मिलता है।


युवाओं के लिए खास

टाइम बॉक्सिंग युवाओं के लिए एक प्रभावी तकनीक है, जो उनकी समय प्रबंधन क्षमता और एकाग्रता को बढ़ाती है। इसके माध्यम से वे दिनचर्या में पढ़ाई, काम और व्यक्तिगत जीवन के बीच संतुलन बना पाते हैं। यह तकनीक उन्हें प्रत्येक कार्य के लिए निश्चित समय निर्धारित करने में मदद करती है, जिससे वे समय की बर्बादी से बचते हैं, साथ ही महत्वपूर्ण कार्यों को प्राथमिकता देकर अपने लक्ष्यों को आसानी से प्राप्त कर बेहतर निर्णय ले पाते हैं।

एकाग्रता और अनुशासन आता है

लाइफ कोच निधि गुप्ता कहती हैं, टाइम बॉक्सिंग एक प्रभावशाली तकनीक है, जो आपको अपने कार्यों को बेहतर ढंग से पूरा करने के लिए प्रेरित करती है। इसमें आप हर कार्य के लिए एक निर्धारित समय तय करती हैं और उस समय पर ही काम की शुरुआत करती हैं। इससे आपके ऊपर एक सकारात्मक दबाव बनता है, जो आपको अधिक फोकस और अनुशासन के साथ काम करने में मदद करता है। कई लोग वर्क प्रेशर में बेहतर प्रदर्शन करते हैं और टाइम बॉक्सिंग उसी स्थिति को नियंत्रित तरीके से अपनाने का माध्यम है। इससे न केवल कार्य-कुशलता बढ़ती है, बल्कि समय की बर्बादी भी रुकती है। समय पर काम करने से आत्मसंतुष्टि मिलती है और दूसरों की सराहना भी प्राप्त होती है।

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