सुनीता विलियम्स और बैरी विलमोर।
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अमेरिकी नौसेना में हुईं शामिल
बाद में भाई के सुझाव पर सुनीता ने 1983 में अमेरिकी नौसेना अकादमी में दाखिला लिया और 1987 में भौतिक विज्ञान में डिग्री हासिल की। अकादमी से ट्रेनिंग के बाद 1989 में प्रशिक्षु पायलट के रूप में नौसेना में शामिल हुईं। उन्होंने 30 से अधिक विभिन्न विमानों में 3000 से ज्यादा उड़ान घंटे दर्ज किए थे। पति माइकल विलियम्स से पहली मुलाकात भी नौसेना अकादमी में ही हुई, जहां दोनों को प्यार हुआ और बाद में शादी कर ली।
कैसे मिली अंतरिक्ष यात्री बनने की प्रेरणा
1993 में मैरीलैंड स्थित नौसेना परीक्षण पायलट स्कूल में प्रशिक्षण लेने के दौरान उन को जॉनसन स्पेस सेंटर जाने का मौका मिला और चंद्रमा पर उतर चुके अंतरिक्ष यात्री जॉन यंग संग काम करने का मौका मिला। उनसे प्रेरित होकर सुनीता ने अंतरिक्ष पर उड़ान भरने का सपना देखा।
अंतरिक्ष यात्रा के लिए नासा में आवेदन किया लेकिन नासा ने पहली बार में इसे अस्वीकार कर दिया। हालांकि सुनीता ने फिर से प्रयास करते हुए 1995 में फ्लोरिडा इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी से इंजीनियरिंग प्रबंधन में मास्टर डिग्री प्राप्त की और 1997 में फिर आवेदन किया।इस बार नासा ने उनका आवेदन स्वीकार किया और 1998 में प्रशिक्षु अंतरिक्ष यात्री के रूप में चुना। आठ साल बाद 9 दिसंबर 2006 में पहली बार उन्हें अंतरिक्ष यात्रा का मौका मिला।
समोसा और गीता साथ लेकर गईं थीं अंतरिक्ष पर
सुनीता ने भारत दौरे के दौरान दिल्ली के नेशनल साइंस सेंटर में छात्रों से मुलाकात की और अपने अंतरिक्ष यात्रा के अनुभव बांटे। सुनीता ने बताया कि जब वह पहली बार अंतरिक्ष यात्रा पर गईं तो काफी नर्वस थीं। वह अपने साथ समोसे (भारतीय स्नैक्स) और पढ़ने के लिए उपनिषद और गीता लेकर गई थीं।