अगर आप आम लोगों जैसे हैं तो आपको भी लगता होगा कि आपको अपने बारे में अच्छी समझ है। आप बिंदास हैं या शर्मीले। बात-बात में नर्वस हो जाते हैं या फिर मुश्किल वक्त में भी शांत रहते हैं।
खुद के बारे में राय आपने कायम कर ली होगी। मगर क्या आपने सोचा कि जो आप अपने बारे में सोचते हैं वैसा ही आपके जानने वाले आपके बारे में सोचते हैं या नहीं? मनोवैज्ञानिकों ने इस सवाल का जवाब तलाशने की कोशिश की है।
उन्हें लगता है कि हम सबको ये मोटा-मोटा अंदाजा होता है कि दूसरे हमारे बारे में क्या सोचते हैं। हालांकि हममें से किसी को भी ये पक्के तौर पर नहीं मालूम होता कि दूसरे, हमारे बारे में क्या खयाल रखते हैं।
2011 में इस बारे में एक रिसर्च अमेरिका की वॉशिंगटन यूनिवर्सिटी में हुई थी। ये रिसर्च एरिका कार्लसन और उनके साथियों ने मिलकर की थी। उन्होंने सैकड़ों छात्रों को खुद के बारे में राय बताने को कहा था।
ये पूछा था कि वो अपने किरदार को कैसे देखते हैं। जैसे कि वो बिंदास हैं, मजाकिया हैं, दिलकश हैं, वगैरह-वगैरह। फिर उन छात्रों के बारे में यही सवाल उनके जानने वालों से किया गया। फिर छात्रों से ये पूछा गया कि उनके जानने वालों ने उनके बारे में क्या कहा होगा।
अपने बारे में दूसरों की राय जानने का सीधा तरीका है। आप अपने बारे में क्या सोचते हैं पहले वो जानिए
रहिए कूल
- फोटो : BBC
अपने बारे में दूसरों की राय जानने का सीधा तरीका है। आप अपने बारे में क्या सोचते हैं पहले वो जानिए। फिर दूसरे आपके बारे में क्या सोचते हैं इसका अंदाजा लगाइए।
एरिका कार्लसन की रिसर्च से पता चला था छात्रों ने जो अंदाजा लगाया था कि दूसरे उनके बारे में क्या सोचते हैं वो काफी हद तक सही निकला था।
इससे पता ये चलता है कि अक्सर हम ये सही-सही समझते हैं कि दूसरे हमारे बारे में क्या राय रखते हैं।
ये बात, उस वक्त भी सही साबित हुई जब कुछ अनजान लोगों ने छात्रों के साथ पांच मिनट का वक्त बिताया और तब उनके बारे में अपना ख्याल जाहिर किया। तो आपको मोटे तौर पर अंदाजा होता है कि दूसरे आपके बारे में क्या सोचते हैं।
मगर ये पूरी तरह सही हो, जरूरी नहीं। 2013 में जर्मनी में कुछ मनोवैज्ञानिकों ने एक रिसर्च किया था। इसमें 65 छात्रों ने खुद के बारे में बताया था। किसी ने खुद को आलसी कहा, तो किसी ने ये दावा किया कि वो सबके साथ बराबरी का बर्ताव करते हैं।
इसके बाद उनके बारे में उनके जानने वालों से राय पूछी गई। रिसर्च करने वाले ये जानकर हैरान रह गए कि दूसरों ने उन छात्रों के बारे में वो राय नहीं जताई जो खुद छात्रों ने अपने बारे में जाहिर की थी।
हममें से बहुत से लोग इस बात को लेकर फिक्रमंद रहते हैं
रहिए कूल
- फोटो : BBC
हम अक्सर इस बात से अनजान होते हैं कि दूसरे हमारे बारे में क्या सोचते हैं। हममें से बहुत से लोग इस बात को लेकर फिक्रमंद रहते हैं कि दूसरे हमारे बारे में क्या सोचते हैं। मगर, इसका कोई फायदा नहीं।
अक्सर वो लोग दूसरों के बारे में गलत साबित होते हैं जो दिमागी तौर पर मजबूत होते हैं। अभी हाल में कनाडा के टोरंटो में, कॉलेज के कुछ सौ छात्र एक लैब में गए। वहां उन्होंने एक सेल्फी ली।
लोग क्या सोचते हैं वहीं पर एक पेशेवर फोटोग्राफर ने भी उनकी तस्वीर खींची। छात्रों को लगता था कि अपनी सेल्फी में वो ज़्यादा दिलकश लग रहे थे। मगर जब दोनों ही तस्वीरें ऑनलाइन, दूसरों को दिखाई गईं, तो ज्यादातर मामलों में पेशेवर फोटोग्राफर की खींची तस्वीर को लोगों ने बेहतर माना।
तो अगली बार से जब आप सेल्फी लें, तो इस बात का खयाल रखें! अगर आपको ये पता लगाना है कि दूसरे आपके बारे में क्या सोचते हैं, तो बेहतर होगा कि उनसे पूछ ही लें। अगर वो ईमानदार हैं, तो वो आपको सही-सही बता देंगे।
तब आपको पता चलेगा कि असल में आप वो इंसान नहीं, जो आप अपने बारे में सोचते हैं। खास तौर से दूसरे लोग ऐसा ही मानते हैं और अगर आपको खुद पर भरोसा है।
इस बात की फिक्र नहीं है कि दूसरे आपके बारे में क्या सोचते हैं। तो, इसे लेकर ज्यादा परेशान होने या पूछताछ करने की जरूरत नहीं। कई बार कुछ बातों की जानकारी नहीं होना ही बेहतर होता है।