भले ही आज किशोर आयु के बच्चे कंप्यूटर या मोबाइल को मनोरंजन का साधन मानने लगे हों और घंटों अपना समय उसमें जाया करते हों, मगर वास्तव वे इससे ज्यादा खुश नहीं होते हैं। हाल ही में हुए एक अध्ययन में यह बात सामने आई है। इस अध्ययन के प्रमुख लेखक और सैन डिएगो स्टेट यूनिवर्सिटी में साइकोलॉजी के प्रोफेसर जीन एम ट्विंज कहते हैं कि जो नाबालिग अपने स्मार्टफोन पर ज्यादा देर तक आंखें जमाए रहते हैं, वे स्पष्ट रूप से दुखी रहते हैं।' इस शोध में शामिल 8वीं, 10वीं और 12वीं के छात्रों से उनके मोबाइल फोन, टैबलेट्स और कंप्यूटर पर बिताए गए समय संबंधी सवाल पूछे गए थे। उनसे सामाजिक संबंधों और आंतरिक खुशी के बारे में भी सवाल किए गए थे। शोध में पाया गया कि जिन छात्रों ने अपना ज्यादा समय स्क्रीन डिवाइस के सामने बिताया था, वे उन छात्रों के तुलना में कम खुश थे, जिन्होंने अपना समय किसी खेल को खेलने, अखबार और मैग्जीन पढ़ने और एक-दूसरे से आमने-समाने बातचीत करने में बिताया था। यह अध्ययन ‘इमोशन’ नामक जर्नल में प्रकाशित हुआ है।