सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों पर जब हम किसी को संदेश भेजते हैं, तो संदेश के अंत में इमोजी का उपयोग हंसी-मजाक के तौर पर करते हैं। लेकिन यह सिर्फ एक तस्वीर नहीं है। एक अध्ययन में पता चला है कि इमोजी आपके संदेश के भाषाई अर्थ को व्यक्त करते हैं।
शोध के नतीजे बताते हैं कि हमारा मस्तिष्क व्यंगात्मक इमोजी को व्यंगात्मक भाषा की तरह समझता है, जिससे हम इमोजी को उस संदेश के अर्थ के रूप में समझते हैं। शोधकर्ता कहते हैं कि जब आप इमोजी को शब्दों के साथ जोड़ते हैं, तो ये एक-दूसरे के अर्थ को बढ़ाने का काम करते हैं।
लिखे हुए शब्द और उसके साथ इमोजी के प्रयोग से आपके संदेश का अर्थ ज्यादा प्रभावी हो जाता है, जो अकेले शब्द या इमोजी नहीं कर पाते हैं। यह शोध ‘प्लॉस वन’ जर्नल में प्रकाशित हुआ है।