अगर कोई आपकी प्रशंसा करे, तो आप खुश होती हैं। चाहे वह प्रशंसा झूठी ही क्यों न हो? वहीं किसी काम को लेकर अगर कोई आपकी आलोचना कर दे, तो आपका गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच जाता है। कुछ लोग आलोचना की वजह से निराश भी हो जाते हैं और उनका आत्मविश्वास कमजोर होने लगता है। मगर मनोविशेषज्ञों की राय कुछ अलग है।
उनका मानना है कि किसी काम में परफेक्शन लाने के लिए आलोचना को स्वीकार करना जरूरी होता है। आलोचना से आप गलतियों को सुधारने का प्रयास करते हैं और खुद को आगे बढ़ाने का प्रयास करते हैं, लेकिन अधिक तारीफ के कारण आप काम को लेकर उतनी मेहनत नहीं करते हैं। इसलिए आलोचना ज्यादा फायदेमंद होती है।