शहरों की भागदौड़ से दूर पहाड़ों और नदियों के बीच गुजारा हुआ वक्त जो सुकून दे सकता है वो दुनिया में शायद ही कहीं और किसी को मिले। हम में से कई लोग ऐसे हैं जो प्रकृतिक जगह पर अपना समय बिताना पसंद करते हैं।पर क्या आप जानते हैं ऐसा करते समय न सिर्फ हमें आनंद मिलता है बल्कि कई स्वास्थ्य लाभ भी मिलते हैं। जी हां और इस तरह के वातावरण को नाम दिया जाता है 'फॉरेस्ट थेरेपी' । यह थेरेपी खासकर उन लोगों के लिए बेहद फायदेमंद होती है जो हर वक्त तनाव से घिरे रहते हैं। इस अद्भुत प्रैक्टिस का जन्म जापान में हुआ जिसे उनकी भाषा में शिन्रीन-योकू कहा जाता है।
बता दें, फॉरेस्ट थेरेपी न सिर्फ हमारे मस्तिष्क को बल्कि शरीर को भी आराम पहुचांती है। एक अध्ययन के अनुसार वन थेरेपी कोर्टिसोल, तनाव हार्मोन को कम करती है। इतना ही नहीं इस थेरेपी की मदद से रक्तचाप और एडीपोनेक्टिन पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ता है।
लाभ
-ब्लडप्रेशर के मरीजों के लिए फॉरेस्ट थेरेपी बहुत फायदेमंद है। इसे लेने से रक्तचाप सामान्य रहता है।
-वन में स्नान करने से सकारात्मक भावनाओं में वृद्धि होती है, नेगेटिव भावनाएं कम हो जाती हैं और आप अच्छा महसूस करते हैं। इससे चिंता, अवसाद और डिप्रेशन में आराम मिलता है।
-फॉरेस्ट थेरेपी से रक्त में ग्लूकोज के स्तर में भी कमी आती है। डायबिटीज के मरीजों के लिए ये थेरेपी बहुत फायदेमंद है।
-मोटापे और ओबेसिटी के शिकार लोग अगर रोजाना आधा घंटा फॉरेस्ट थेरेपी लेते हैं तो उन्हें बहुत फायदा मिलता है।