फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

लव लाइफ से स्ट्रेस मैनेजमेंट तक, बहुत कुछ सिखाती है इरोम शर्मिला की जिंदगी

Fri, 18 Aug 2017 10:43 AM IST
हर्षिता
विज्ञापन
Irom Sharmila - फोटो : Indian Express/ Oinam Anand
विज्ञापन
ऊपरी खोल को एक दिन खत्म हो जाना ही है, इसे जमीन के नीचे सड़ने देना
विज्ञापन

आने वाली नस्लों के काम का बनने देना
इसे बदल जाने देना किसी खदान के अयस्क में
मैं शान्ति की सम्मोहक खुशबू फैलाऊंगी
कांगलेई से, जहां मैं पैदा हुई थी
जो गुजरते वक्त के साथ
सारी दुनिया में फैल जाएगी
                       - इरोम शर्मिला

नर्म दिल लेकिन इरादे मजबूत। थोड़ी जिद्दी और थोड़ी जज्बाती भी। दुनिया के लिए लड़ने वाली भी और प्यार के लिए दुनिया से ही लड़ जाने वाली भी। आखिर भगवान इरोम शर्मिला जैसी सामग्री बनाते कैसे हैं? 

पढ़ें: इरोम शर्मिला ने अपने ब्रिटिश साथी डेसमंड कुटान्हो से की शादी

28 साल की उम्र में जब लड़कियां ब्यूटी केयर, करियर, डेटिंग और शादी जैसी चीजों में मशगूल रहती हैं, उम्र के उस अहम पड़ाव पर इरोम शर्मिला ने वो फैसला किया जिसे लेने के लिए सिर्फ जोश या जज्बात ही नहीं बल्कि पक्के इरादे और जुनून की जरूरत होती है। 
विज्ञापन


16 साल की भूख हड़ताल, सरकार के खिलाफ लंबी लड़ाई, लोगों की कड़वी बातें और चुनाव में करारी शिकस्त के बावजूद इरोम शर्मिला के इरादे आज भी उतने ही फौलादी हैं जितने उस दिन थे जब उन्हें आयरन लेडी का सम्मान मिला था। लेकिन असफलता और तिरस्कार के बीच भी जिंदगी के मायने तलाशने और उसे जितना संभव हो जीने लायक बनाने की कोशिश बदस्तूर जारी है। मातृभूमि का प्यार हो या फिर किसी साथी का प्यार, दोनों के लिए इरोम शर्मिला को लंबी लड़ाई पड़ी है। 

फिटनेस से लेकर डाइट तक और रिलेशनशिप से लेकर स्ट्रेस मैनेजमेंट तक, इरोम शर्मिला की जिंदगी से हम बहुत कुछ सीख सकते हैं। यकीन मानिये ये उतना मुश्किल भी नहीं है।


 

इरोम शर्मिला की लव लाइफ

Irom Sharmila

सच्चा प्यार वहीं है जो बुरे वक्त में और हर हाल में आपका साथ निभाए। आंदोलन के तकलीफ भरे दिनों से लेकर दुनिया के तिरस्कार के पलों में ब्रिटिश नागरिक डेसमंड कॉटिन्हो ने इरोम शर्मिला का साथ निभाया। इरोम ने भी परिवार और पूरी दुनिया से बगावत कर, दो महीने तक चली लंबी कानूनी प्रक्रिया को पूरा कर डेसमंड से सात जन्मों का नाता जोड़ ही लिया। 17 अगस्त 2017 को दोनों ने ब्याह रचाया। इस शादी में न तो डेसमंड के परिवारवाले शरीक हुए, न ही इरोम के घर से कोई आशीर्वाद देने आया। शादी के बाद वह तमिलनाडु के कोडईकनाल में ही सेटल होंगी।
 

इरोम शर्मिला की फिटनेस

Irom Sharmila
इरोम शर्मिला ने 1998 में योग सीखा। भूख हड़ताल के दिनों में भी वह चार घंटों तक योगाभ्यास करती थीं। सिर्फ दो उंगलियों के सहारे पुश-अप करना और 180 डिग्री पर स्ट्रेच कर उन्होंने साबित किया कि शरीर की फ्लेक्सिबिलिटी भी बढ़ती उम्र के साथ कायम रखी जा सकती है। दीप्ती प्रिया महरोत्रा को किताब ‘बर्निंग ब्राइट’ के लिए उन्होंने बताया, 'योग करके आप 100 साल तक जी सकते हैं।'

इरोम शर्मिला की डाइट

Irom Sharmila
इरोम शर्मिला को मीठा पसंद है। करीब डेढ दशक लंबे चले अनशन की शुरुआत उन्होंने पेस्ट्री खाकर ही की थी। 16 साल बाद शहद चखकर उन्होंने अपनी भूख हड़ताल तोड़ी थी। जबरन ही सही, लेकिन अनशन के दौरान हर दिन वह 1600 किलोकैलोरी युक्त आहार लेती रहीं। उन्हें दिन में तीन बार पाइप के जरिये विटामिन, मिनरल, कार्बोहाइड्रेट, कैलशियम आदी के सप्लिमेंट्स दिये जाते थे ताकि उनका वजन नियंत्रित रहे और वह 51 किलोग्राम के आस-पास ही हो। आज भी वह लिक्विड डाइट को तरजीह देती हैं।
 
विज्ञापन

इरोम शर्मिला खुद को ऐसे रखती हैं स्ट्रेस-फ्री

Irom Sharmila
अपनी हर खुशी और गम को शब्दों में पिरोकर और कागज पर उतारकर गम और परेशानी को दूर करना कोई इरोम शर्मिला से सीखे। सिर्फ भूख हड़ताल के जरिये ही नहीं, बल्कि 'जाग जाओ', 'आज की रात' समेत अपनी लिखी अन्य कविताओं के जरिये लोगों में जोश भरती रहीं और खुद को भी तनाव से दूर रखा। वह पत्रिकाओं के लिए लेख भी लिखती हैं और उन्हें किताबें पढ़कर सुकून मिलता है। 

पढ़ें: क्या 'मंगेतर' की वजह से चुनाव हारीं इरोम शर्मिला?

 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें