माता की सवारी को लेकर भक्तों में हर साल खास उत्सुकता रहती है। धार्मिक परंपराओं में हाथी को शुभता, सुख-समृद्धि, अच्छी वर्षा और धन-धान्य से जोड़कर देखा गया है। इसलिए 2026 में मां दुर्गा का हाथी पर आगमन भक्तों के लिए शुभ संकेत माना जा रहा है।
- 2026 में हाथी पर आएंगी मां दुर्गा
प्रचलित मान्यता के अनुसार, यदि नवरात्रि की शुरुआत रविवार या सोमवार को होती है, तो माता का वाहन हाथी माना जाता है। शनिवार या मंगलवार को शुरुआत होने पर घोड़ा, बुधवार को नाव और गुरुवार या शुक्रवार को डोली या पालकी से आगमन की मान्यता बताई जाती है। चूंकि 2026 में नवरात्रि की शुरुआत रविवार को हो रही है, इसलिए मां दुर्गा के हाथी पर आगमन की मान्यता है।
- हाथी पर आगमन को क्यों माना जाता है शुभ?
हिंदू धार्मिक परंपरा में हाथी को शक्ति, स्थिरता, समृद्धि और ऐश्वर्य से जोड़ा जाता है। इसी वजह से देवी के हाथी पर आगमन को शुभ संकेत माना जाता है। कुछ धार्मिक मान्यताओं में इसे अच्छी वर्षा, बेहतर कृषि उपज और समाज में सुख-समृद्धि से भी जोड़ा गया है। यानी भक्तों की आस्था के अनुसार इस बार मां का गज पर आगमन खुशहाली और समृद्धि का संदेश लेकर आ सकता है।
- क्या मां का स्थायी वाहन सिंह नहीं है?
धार्मिक परंपरा में मां दुर्गा का प्रमुख और स्थायी वाहन सिंह माना जाता है। वहीं नवरात्रि के दौरान माता के आगमन और प्रस्थान के लिए अलग-अलग वाहनों का उल्लेख कुछ परंपराओं में मिलता है। इसलिए हाथी पर आगमन की बात का अर्थ यह नहीं है कि मां दुर्गा का सिंह से संबंध बदल गया है। यह नवरात्रि के आगमन से जुड़ी विशेष धार्मिक मान्यता है।
- नवरात्रि 2026 कब से शुरू होगी?
शारदीय नवरात्रि 2026 की शुरुआत 11 अक्टूबर से होगी। इस दिन घटस्थापना के साथ देवी आराधना शुरू होगी। नवरात्रि के नौ दिनों में मां दुर्गा के अलग-अलग स्वरूपों की पूजा की जाती है। इस बार विजयादशमी 20 अक्टूबर 2026 को होगी।
- मां की विदाई किस वाहन से होगी?
माता के आगमन की तरह प्रस्थान के वाहन को लेकर भी धार्मिक मान्यताएं हैं और इसमें विजयादशमी के दिन के वार को आधार माना जाता है। 2026 में विजयादशमी मंगलवार को पड़ रही है। इस वजह से अलग-अलग परंपराओं में प्रस्थान वाहन को लेकर घोड़े या चरणायुध/कुक्कुट का जिक्र मिलता है।