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Shardiya Navratri 2020: नवरात्रि में होती है मां के 9 रूपों की पूजा, जानिए सभी के बारे में

Sat, 17 Oct 2020 04:09 PM IST
योगेश जोशी लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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17 अक्तूबर, शनिवार से शारदीय नवरात्रि की शुरुआत हो रही है - फोटो : social media
17 अक्तूबर, शनिवार से शारदीय नवरात्रि की शुरुआत हो गई है। नवरात्रि के 9 दिनों में मां के 9 रूपों की पूजा- अर्चना की जाती है। इस साल 17 अक्तूबर से 25 अक्तूबर तक नवरात्रि का पावन पर्व मनाया जाएगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार नवरात्रि के दौरान मां की पूजा- अर्चना करने से सभी मनोकामनाएं पूरी हो जाती हैं। नवरात्रि में मां की कृपा प्राप्त करने के लिए व्रत भी रखे जाते हैं। आज इस लेख के माध्यम से हम आपको मां के 9 रूपों के बारे में बताएंगे। नवरात्रि के 9 दिनों में मां के 9 रूपों की पूजा का विधान है। अगली स्लाइड्स में जानिए मां के 9 रूपों के बारे में....
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नवरात्रि के प्रथम दिन मां शैलपुत्री की पूजा का विधान है - फोटो : रोहित झा, अमर उजाला
शैलपुत्री
  • नवरात्रि के प्रथम दिन मां शैलपुत्री की पूजा का विधान है। मां दुर्गा के पहले स्वरूप को माता शैलपुत्री के नाम से जाना जाता है। धार्मिक कथाओं के अनुसार माता शैलपुत्री का जन्म पर्वतराज हिमालय के घर बेटी के रूप में हुआ था।
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नवरात्रि के दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी की पूजा का विधान है - फोटो : social media
ब्रह्मचारिणी
  • नवरात्रि के दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी की पूजा का विधान है। माता ब्रह्मचारिणी ने भगवान शिव को पती रूप में पाने के लिए घोर तपस्या की थी जिस वजह से माता को तरश्रारिणी यानी कि ब्रह्मचारिणी के नाम से जाना जाता है।

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नवरात्रि के तीसरे दिन मां चंद्रघंटा की पूजा का विधान है - फोटो : रोहित झा, अमर उजाला
चंद्रघंटा
  • नवरात्रि के तीसरे दिन मां चंद्रघंटा की पूजा का विधान है। धार्मिक कथाओं के अनुसार भगवान शिव से विवाह के बाद माता ने मस्तक पर घंटे के आकार जैसा आधा चंद्र धारण करना शुरू कर दिया था जिस वजह मां को चंद्रघंटा माता के नाम से भी जाना जाता है।
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नवरात्रि के चौथे दिन कुष्मांडा देवी की पूजा का विधान है - फोटो : social media
कुष्मांडा
  • नवरात्रि के चौथे दिन कुष्मांडा देवी की पूजा का विधान है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार कुष्मांडा माता को मालपुए का भोग लगाना चाहिए। नवरात्रि के चौथे दिन मां को मालपुए का भोग लगाया जाता है।
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नवरात्रि के पांचवें दिन स्कंदमाता की पूजा का विधान है - फोटो : social media
स्कंदमाता
  • नवरात्रि के पांचवें दिन स्कंदमाता की पूजा का विधान है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार स्कंदमाता को पके हुए केले का भोग लगाना चाहिए। नवरात्रि के पांचवे दिन मां को केले का भोग लगाया जाता है।
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नवरात्रि के छठे दिन देवी कात्यायनी की पूजा का विधान है - फोटो : रोहित झा, अमर उजाला
देवी कात्यायनी
  • नवरात्रि के छठे दिन देवी कात्यायनी की पूजा का विधान है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार देवी कात्यायनी को शहद का भोग लगाया जाता है। नवरात्रि के छठे दिन मां को शहद का भोग लगाया जाता है।

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नवरात्रि के सातवें दिन माता कालरात्रि की पूजा का विधान है - फोटो : रोहित झा, अमर उजाला
कालरात्रि
  • नवरात्रि के सातवें दिन माता कालरात्रि की पूजा का विधान है। माता कालरात्रि को प्रलयंकार माना जाता है। धार्मिक कथाओं के अनुसार कालरात्रि मां की कृपा से सभी दुख- दर्द दूर हो जाते हैं। माता कालरात्रि को गुड़ का भोग लगाया जाता है।

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नवरात्रि के आठवें दिन मां महागौरी की पूजा का विधान है - फोटो : रोहित झा, अमर उजाला
महागौरी
  • नवरात्रि के आठवें दिन मां महागौरी की पूजा का विधान है। मां महागौरी को नारियल का प्रसाद चढ़ाया जाता है। नवरात्रि के आठवें दिन माता को नारियल चढ़ाएं।
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नवरात्रि के अंतिम दिन मां सिद्धिदात्री की पूजा का विधान है - फोटो : रोहित झा, अमर उजाला
सिद्धिदात्री
  • नवरात्रि के अंतिम दिन मां सिद्धिदात्री की पूजा का विधान है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार माता सिद्धिदात्री को सफेद तिल काफी पसंद हैं। नवरात्रि के अंतिम दिन मां को सफेद तिल का भोग लगाएं।
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