अगर आप उनमें से हैं जो अपने पार्टनर के साथ अक्सर सेक्सी मैसेज का आदान-प्रदान करते हैं और मूड को सेक्सी बनाने के लिए फेंटेसी का इस्तेमाल करते हैं तो आप झूठ का शिकार हो सकते हैं।
ये हम नहीं कह रहे बल्कि द हेल्थ साइट पर प्रकाशित खबर के मुताबिक, पुरुषों के मुकाबले महिलाएं सेक्सटिंग के दौरान ज्यादा झूठ बोलती हैं।
ह्यूमन बिहेवियर इन जनरल में प्रकाशित रिसर्च में पाया गया कि 24 फीसदी पुरुषों के मुकाबले 45 फीसदी महिलाएं फेक टेक्स्ट मैसेज करती हैं।
क्यों बोलते हैं झूठ
इंडियाना यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर मिशेल के मुताबिक, अधिकत्तर लोग अपने पार्टनर को खुशी देने के लिए सेक्सटिंग के दौरान झूठ बोलते हैं।
इस रिसर्च में उन कारणों की सूची बनाई गई जिनकी वजह से लोग सेक्स के दौरान झूठ बोलते हैं। इस सूची में पार्टनर को खुश करने से लेकर उनकी फेंटेसी पूरी करने तक के कारण शामिल है।
जबकि कुछ लोगों का कहना था कि वे अपने पार्टनर के मूड को खराब होने से बचाने के लिए सेक्सटिंग के दौरान झूठ बोलते हैं।
कैसे की गई स्टडी
स्टडी के दौरान 155 कॉलेज स्टूडेंट्स को शामिल किया गया जिसमें 62 पुरुष और 93 महिलाएं शामिल थी। स्टडी में कुछ लोगों ने बताया कि वे मूड बनाने के लिए सेक्सटिंग के दौरान झूठ बोलते हैं।
जबकि कुछ का कहना था कि वे देखना चाहते हैं कि उनका पार्टनर फेक टेक्स्ट के दौरान कैसे रिएक्ट करता है। जबकि कुछ लोग बोरियत से बचने के लिए सेक्सटिंग करते हुए झूठ बालते हैँ।
इस रिसर्च पर मिशेल का कहता है कि सेक्सटिंग के दौरान झूठ रिश्ते को नुकसान पहुंचा सकता है।
क्या सेक्सटिंग चीटिंग है?
डीएनए की साइक्लोजिस्ट सीमा हिंगोर्नी के मुताबिक, सेक्सटिंग के दौरान आप पार्टनर से अपने इमोशंस शेयर करते हैं यदि आपके पार्टनर के संग आपका फीजिकल कॉन्टेक्ट मिसिंग है तो।
सीमा के मुताबिक, कई बार पार्टनर को नजरअंदाज करने के लिए भी सेक्सटिंग की जाती है। लेकिन जब लोग एक रिश्ते में कमिटेड होते हैं और आपस में सेक्सटिंग करते हैं तो वे रीयल वर्ल्ड में ज्यादा इन्वॉल्व होते हैं।
साइक्लोजिस्ट सीमा के मुताबिक, सेक्सटिंग के दौरान झूठ बोलना एक तरीके से पार्टनर को भावनात्मक रूप से धोखा देना या फिर इमोशनल विश्वासघात करना है।