नाम सुनकर भले ही आपको लगे कि इसका संबंध शादी टूटने से है, लेकिन ऐसा नहीं है। फूड डिवोर्स कोई कानूनी या वास्तविक तलाक नहीं है। यह एक अनौपचारिक शब्द है, जिसका इस्तेमाल कपल्स के अलग-अलग खाने की पसंद और भोजन से जुड़ी आदतों को बताने के लिए किया जाता है।
बदलती लाइफस्टाइल, हेल्थ को लेकर बढ़ती जागरूकता, अलग-अलग डाइट और व्यक्तिगत पसंद के कारण कपल्स के खाने के तरीके भी बदल रहे हैं। ऐसे में हर बार पार्टनर की पसंद के अनुसार खाना खाने के बजाय अपनी पसंद का भोजन चुनना कई लोगों को आसान लगता है।
फूड डिवोर्स क्या है?
फूड डिवोर्स का मतलब यह नहीं है कि कपल्स एक-दूसरे से अलग हो रहे हैं। इसका सीधा मतलब है कि दोनों पार्टनर खाने को लेकर अपनी-अपनी पसंद बनाए रखते हैं। उदाहरण के लिए, अगर एक पार्टनर वजन को लेकर सतर्क है और सलाद, सब्जियां या कम कैलोरी वाला भोजन पसंद करता है, जबकि दूसरा पिज्जा, बर्गर या मिठाई खाना चाहता है, तो दोनों अलग-अलग खाना चुन सकते हैं। कई बार एक ही घर में दोनों के लिए अलग खाना बनना भी इसी तरह की स्थिति का उदाहरण माना जाता है।
कपल्स में क्यों बढ़ रही है यह आदत?
1. खाने की पसंद अलग होना
हर व्यक्ति का स्वाद अलग होता है। किसी को तीखा पसंद है तो किसी को हल्का खाना। किसी को मीठा पसंद है तो दूसरा उससे दूरी बनाकर रख सकता है। पहले परिवार में अक्सर सभी के लिए एक जैसा खाना बनता था, लेकिन अब लोग अपनी पसंद को लेकर ज्यादा स्पष्ट हो रहे हैं।
2. अलग-अलग डाइट का चलन
आजकल लोग अपनी जरूरत और लक्ष्य के हिसाब से अलग-अलग तरह की डाइट अपनाते हैं। कोई हाई प्रोटीन फूड ले रहा है, कोई वैजिटेरियन या वीगन डाइट चुन रहा है, तो कोई कम चीनी या कम कार्ब वाला खाना पसंद करता है।ऐसे में कपल्स के लिए एक ही तरह का खाना खाना हमेशा आसान नहीं होता।
3. सेहत को लेकर बढ़ी जागरूकता
लोग अब खाने और स्वास्थ्य के बीच संबंध को लेकर पहले से ज्यादा जागरूक हैं। कुछ लोग घर का खाना पसंद करते हैं, जबकि उनका पार्टनर बाहर खाना पसंद कर सकता है। ऐसे में दोनों अपनी-अपनी पसंद के अनुसार भोजन चुन सकते हैं।
4. लाइफस्टाइल और रूटान में बदलाव
काम के घंटे, जिम, ऑफिस और अलग-अलग दिनचर्या के कारण भी कपल्स का खाना अलग हो सकता है। जरूरी नहीं कि दोनों एक ही समय पर खाना खाएं या एक ही तरह का भोजन पसंद करें।
क्या फूड डिवोर्स रिश्ते के लिए खराब है?
सिर्फ अलग खाना पसंद करने से किसी रिश्ते को खराब या कमजोर नहीं कहा जा सकता। रिश्ते में ज्यादा महत्वपूर्ण यह है कि दोनों पार्टनर एक-दूसरे की पसंद और जरूरत का सम्मान करें।
अगर खाने को लेकर अलग पसंद है, तो उस पर बार-बार बहस करने के बजाय एक-दूसरे को अपनी पसंद चुनने की आजादी देना आसान तरीका हो सकता है।
हालांकि, अगर खाने को लेकर लगातार दबाव, ताने या विवाद होने लगें, तो समस्या सिर्फ भोजन की पसंद तक सीमित नहीं रह सकती। ऐसे मामलों में खुलकर बातचीत करना जरूरी है।
फूड डिवोर्स के फायदे
अलग-अलग खाना चुनने का एक फायदा यह हो सकता है कि दोनों पार्टनर अपनी पसंद के अनुसार भोजन कर सकें। इससे हर दिन इस बात पर बहस कम हो सकती है कि आज क्या खाना है।
यह उन कपल्स के लिए भी सुविधाजनक हो सकता है जिनकी डाइट या हेल्थ जरूरतें अलग हैं। लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि हर भोजन अलग होना जरूरी है। कभी-कभी साथ बैठकर पसंदीदा खाना खाना रिश्ते में अपनापन बनाए रखने का अच्छा तरीका हो सकता है।
क्या हर कपल को अपनाना चाहिए फूड डिवोर्स ?
अगर दोनों पार्टनर एक जैसा खाना पसंद करते हैं, तो अलग-अलग खाने की जरूरत नहीं है। वहीं अगर पसंद और डाइट काफी अलग है, तो अपनी-अपनी पसंद का भोजन चुनना सुविधाजनक हो सकता है।