आजमगढ़ में उसके खिलाफ हत्या, लूट, अपहरण, हत्या के प्रयास, चोरी, आर्म्स एक्ट और अन्य धाराओं में कई मुकदमे दर्ज थे। वहीं गोरखपुर, संतकबीरनगर, मऊ, अंबेडकरनगर और बस्ती समेत विभिन्न जनपदों में भी उसके खिलाफ गंभीर अपराधों के मामले पंजीकृत थे। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार उसके खिलाफ तीन दर्जन से अधिक आपराधिक मुकदमे दर्ज थे।
रविवार को अयोध्या में एसटीएफ फील्ड यूनिट प्रयागराज और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम ने उसे घेर लिया। पुलिस के मुताबिक घेराबंदी के दौरान उसने फायरिंग शुरू कर दी, जिसके जवाब में हुई कार्रवाई में वह घायल हो गया। अस्पताल ले जाने पर चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
एसपी डॉ अनिल कुमार ने बताया कि भानू प्रताप सिंह के मारे जाने से आजमगढ़ के चर्चित पृथ्वीराज यादव हत्याकांड की जांच और उससे जुड़े आपराधिक नेटवर्क के कई पहलुओं को स्पष्ट करने में मदद मिलेगी। साथ ही जिले में सक्रिय अपराधियों के बीच भी इसका बड़ा संदेश गया है।