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लाल बहादुर शास्त्री की कही ये 5 बातें लाइफ से दूर कर देंगी सारी टेंशन

Fri, 11 Jan 2019 10:35 AM IST
मंजू ममगाईं लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला
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देश के दूसरे प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री को उनकी सादगी और कुशल व्यवहार के लिए याद किया जाता है - फोटो : social media
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देश के दूसरे प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री को उनकी सादगी और कुशल व्यवहार के लिए याद किया जाता है। लाल बहादुर शास्त्री का जन्म 2 अक्टूबर 1904 को हुआ था।शास्त्री जी का जीवन शुरुआती दिनों से ही संघर्षों से भरा रहा, लेकिन अपने सभी संघर्षों को पार करते हुए शास्त्री जी अपने बुलंद इरादों से जीवन में आगे बढ़ते गए। बता दें कि शास्त्री की मौत 11 जनवरी 1966 को हुई थी।आइए आज इस मौके पर आपको बताते हैं, लाल बहादुर के कहे वो खूबसूरत विचार जो आपके जीवन में एक बड़ा बदलाव ला सकते हैं।

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बहादुर शास्त्री - फोटो : social media
"जब स्वतंत्रता और अखंडता खतरे में हो, तो पूरी शक्ति से उस चुनौती का मुकाबला करना ही एकमात्र कर्त्तव्य होता है, हमें एक साथ मिलकर किसी भी प्रकार के अपेक्षित बलिदान के लिए दृढ़तापूर्वक तत्पर रहना है।" लाल बहादुर शास्त्री

लाल बहादुर शास्त्री - फोटो : social media
"यदि लगातार झगड़े होते रहेंगे तथा शत्रुता होती रहेगी तो हमारी जनता को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा। परस्पर लड़ने की बजाय हमें गरीबी, बीमारी और अज्ञानता से लड़ना चाहिए। दोनों देशों की आम जनता की समस्याएं, आशाएं और आकांक्षाएं एक समान हैं। उन्हें लड़ाई-झगड़ा और गोला-बारूद नहीं, बल्कि रोटी, कपड़ा और मकान की आवश्यकता है।" - लाल बहादुर शास्त्री

लाल बहादुर शास्त्री - फोटो : social media
"हम सिर्फ अपने लिए ही नहीं बल्कि समस्त विश्व के लिए शांति और शांतिपूर्ण विकास में विश्वास रखते हैं।" - लाल बहादुर शास्त्री


 

लाल बहादुर शास्त्री - फोटो : social media
"हम भले ही अपने देश की आजादी चाहते है, लेकिन उसके लिए ना ही हम किसी का शोषण करेंगे और ना ही दूसरे देशों को निचा दिखाएँगे…मैं अपने देश की स्वतंत्रता कुछ इस प्रकार चाहता हूं कि दूसरे देश उससे कुछ सिख सके, और मेरे देश के संसाधनों को मानवता के लाभ के लिए प्रयोग में ले सकें।" - लाल बहादुर शास्त्री
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लाल बहादुर शास्त्री - फोटो : social media
"यदि मैं एक तानाशाह होता तो धर्म और राष्ट्र अलग-अलग होते। मैं धर्म के लिए जान तक दे दूंगा, लेकिन यह मेरा निजी मामला है राज्य का इससे कुछ लेना देना नहीं है। राष्ट्र धर्म-निरपेक्ष, कल्याण, स्वास्थ्य, संचार, विदेशी संबंधो, मुद्रा, इत्यादि का ध्यान रखेगा लेकिन मेरे या आपके धर्म का नहीं, वो सबका निजी मामला है।" - लाल बहादुर शास्त्री
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