भारत में स्त्री को देवी का दर्जा दिया है लेकिन ये तस्वीर समाज में अलग और घर की चार दीवारी में कुछ और ही दिखाई देती है। दर्जा देने से सम्मान नहीं बढ़ जाता बल्कि लोग उस पर कितना अमल करते हैं फर्क उससे पड़ता है। महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार, असमानता और हिंसा की घटनाएं नई नहीं हैं बल्कि आज के दौर में ये प्रतिशत बढ़ता ही जा रहा है। ऐसे में देवी कही जाने वाली स्त्री की दशा क्या होगी इसकी कल्पना की जा सकती है।